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अब बिना जांच अस्पतालों में मरीजों की नो इंट्री
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अंबेडकरनगर जिला अस्पताल में इस तरह करना होगा सोशल डिस्टेसिंग का पालन।
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
अंबेडकरनगर। लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के चलते राजकीय मेडिकल कॉलेज व जिला अस्पताल के अलावा 9 सीएचसी पर अब बगैर कोविड जांच मरीजों को प्रवेश की अनुमति नहीं मिलेगी। 7 अप्रैल से यह व्यवस्था सभी सीएचसी व जिला अस्पताल में लागू कर दी जाएगी। इसके लिए जिला अस्पताल में न सिर्फ ओपीडी व मातृ शिशु विंग के मुख्य गेट के बाहर, बल्कि इमरजेंसी मुख्य गेट के बाहर भी बैरिकेडिंग बुधवार सुबह तक हो जाएगी।
मरीज व उनके तीमारदार के साथ ही अस्पताल में प्रवेश करने वाले किसी भी बाहरी व्यक्ति की पहले कोरोना की आरटीपीसीआर जांच होगी। इसके बाद ही उन्हें अंदर जाने की अनुमति मिलेगी। यदि आवश्यकता हुई, तो चिकित्सकों व अस्पताल के कर्मचारियों की भी जांच होगी। इस बीच जिला अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों व उनके तीमारदारों को सैनिटाइज करने का कार्य भी शुरू कर दिया गया है। अस्पताल में लंबे समय से खराब पड़ी सैनिटाइजर मशीनों को भी दुरुस्त करा दिया गया है।
जिले में लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग लगातार नए प्रबंध फिर से लागू कर रहा है। अब जिला अस्पताल व सीएचसी में इलाज के लिए जाने वाले मरीजों व उनके साथ आए तीमारदारों को पहले कोरोना की आरटीपीसीआर जांच करानी होगी। शासन के निर्देश पर यह व्यवस्था 7 अप्रैल से लागू कर दी जाएगी। राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर व जिला अस्पताल के साथ ही 9 सीएचसी पर इस व्यवस्था का पालन मरीजों को करना होगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने जरूरी तैयारियां मंगलवार को ही पूरी कर लीं।
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कोरोना संक्रमण को लेकर स्वास्थ्य विभाग की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इमरजेंसी में आने वाले मरीजों व उनके तीमारदारों को भी आरटीपीसीआर जांच करानी होगी। व्यवस्था को सख्ती से लागू करने के लिए जिला अस्पताल व सीएचसी में ओपीडी व इमरजेंसी मुख्य गेट के बाहर बैरिकेडिग का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। बुधवार को सुबह तक इसे पूरा कर लिया जाएगा। इसी तरह के इंतजाम राजकीय मेडिकल कॉलेज में भी किए जाएंगे।
बाहरी व्यक्तियों की भी होगी जांच
कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए अधिक से अधिक जांच हो, इसके लिए न सिर्फ जिला अस्पताल, बल्कि सीएचसी में भी मरीजों व उनके तीमारदारों के अलावा किसी भी बाहरी व्यक्ति को भी आरटीपीसीआर की जांच से होकर गुजरना पड़ेगा। इसमें मीडियाकर्मी भी शामिल होंगे। सीएमएस डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि शासन के निर्देश पर कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए इस प्रकार की व्यवस्था की जा रही है। बताया कि यदि आवश्यकता पड़ी, तो चिकित्सकों की भी जांच की जाएगी।
दुरुस्त कर दी गईं सैनिटाइजर मशीनें
जिला अस्पताल में लंबे समय से खराब पड़ीं तीन सैनिटाइजर मशीनों को भी दुरुस्त कर दिया गया है। जिला अस्पताल में प्रवेश करने वाले मरीजों व उनके तीमारदारों के साथ ही आने वाले किसी भी बाहरी व्यक्ति को सैनिटाइज करने के लिए तीन सैनिटाइजर मशीन उपलब्ध कराई गई थीं। लंबे समय से तीनों ही मशीनें खराब पड़ी थीं। इस बीच लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए सैनिटाइजर मशीनों को दुरुस्त कराकर ओपीडी, इमरजेंसी व सामान्य वार्ड में लगा दिया गया है। ऐसे में भवन में प्रवेश करने वालों को पहले सैनिटाइज किया जा रहा है।
मरीज के साथ सिर्फ एक तीमारदार
सीएमओ कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार कोरोना संक्रमण के लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए अब जिला अस्पताल समेत सभी 9 सीएचसी पर सख्ती बरती जा रही है। अब इलाज से पहले न सिर्फ मरीज व उनके तीमारदार को आरटीपीसीआर जांच करानी होगी, बल्कि मरीज के साथ सिर्फ एक ही तीमारदार अस्पताल के अंदर प्रवेश कर सकेगा। ऐसा अस्पताल के अंदर भीड़ न एकत्र होने देना है।
पूरी कर ली गईं तैयारियां
कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए अब मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल व सीएचसी में जाने वाले मरीजों व उनके तीमारदारों के साथ ही किसी भी बाहरी व्यक्ति की आरटीपीसीआर जांच होगी। इसके बाद भी अस्पताल में प्रवेश करने दिया जाएगा। यदि कोई कोरोना पॉजिटिव इस दौरान पाया जाता है, तो उसे आइसोलेट किया जाएगा। इसे लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
- डॉ. अशोक कुमार, सीएमओ
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मरीज व उनके तीमारदार के साथ ही अस्पताल में प्रवेश करने वाले किसी भी बाहरी व्यक्ति की पहले कोरोना की आरटीपीसीआर जांच होगी। इसके बाद ही उन्हें अंदर जाने की अनुमति मिलेगी। यदि आवश्यकता हुई, तो चिकित्सकों व अस्पताल के कर्मचारियों की भी जांच होगी। इस बीच जिला अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों व उनके तीमारदारों को सैनिटाइज करने का कार्य भी शुरू कर दिया गया है। अस्पताल में लंबे समय से खराब पड़ी सैनिटाइजर मशीनों को भी दुरुस्त करा दिया गया है।
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जिले में लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग लगातार नए प्रबंध फिर से लागू कर रहा है। अब जिला अस्पताल व सीएचसी में इलाज के लिए जाने वाले मरीजों व उनके साथ आए तीमारदारों को पहले कोरोना की आरटीपीसीआर जांच करानी होगी। शासन के निर्देश पर यह व्यवस्था 7 अप्रैल से लागू कर दी जाएगी। राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर व जिला अस्पताल के साथ ही 9 सीएचसी पर इस व्यवस्था का पालन मरीजों को करना होगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने जरूरी तैयारियां मंगलवार को ही पूरी कर लीं।
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कोरोना संक्रमण को लेकर स्वास्थ्य विभाग की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इमरजेंसी में आने वाले मरीजों व उनके तीमारदारों को भी आरटीपीसीआर जांच करानी होगी। व्यवस्था को सख्ती से लागू करने के लिए जिला अस्पताल व सीएचसी में ओपीडी व इमरजेंसी मुख्य गेट के बाहर बैरिकेडिग का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। बुधवार को सुबह तक इसे पूरा कर लिया जाएगा। इसी तरह के इंतजाम राजकीय मेडिकल कॉलेज में भी किए जाएंगे।
बाहरी व्यक्तियों की भी होगी जांच
कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए अधिक से अधिक जांच हो, इसके लिए न सिर्फ जिला अस्पताल, बल्कि सीएचसी में भी मरीजों व उनके तीमारदारों के अलावा किसी भी बाहरी व्यक्ति को भी आरटीपीसीआर की जांच से होकर गुजरना पड़ेगा। इसमें मीडियाकर्मी भी शामिल होंगे। सीएमएस डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि शासन के निर्देश पर कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए इस प्रकार की व्यवस्था की जा रही है। बताया कि यदि आवश्यकता पड़ी, तो चिकित्सकों की भी जांच की जाएगी।
दुरुस्त कर दी गईं सैनिटाइजर मशीनें
जिला अस्पताल में लंबे समय से खराब पड़ीं तीन सैनिटाइजर मशीनों को भी दुरुस्त कर दिया गया है। जिला अस्पताल में प्रवेश करने वाले मरीजों व उनके तीमारदारों के साथ ही आने वाले किसी भी बाहरी व्यक्ति को सैनिटाइज करने के लिए तीन सैनिटाइजर मशीन उपलब्ध कराई गई थीं। लंबे समय से तीनों ही मशीनें खराब पड़ी थीं। इस बीच लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए सैनिटाइजर मशीनों को दुरुस्त कराकर ओपीडी, इमरजेंसी व सामान्य वार्ड में लगा दिया गया है। ऐसे में भवन में प्रवेश करने वालों को पहले सैनिटाइज किया जा रहा है।
मरीज के साथ सिर्फ एक तीमारदार
सीएमओ कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार कोरोना संक्रमण के लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए अब जिला अस्पताल समेत सभी 9 सीएचसी पर सख्ती बरती जा रही है। अब इलाज से पहले न सिर्फ मरीज व उनके तीमारदार को आरटीपीसीआर जांच करानी होगी, बल्कि मरीज के साथ सिर्फ एक ही तीमारदार अस्पताल के अंदर प्रवेश कर सकेगा। ऐसा अस्पताल के अंदर भीड़ न एकत्र होने देना है।
पूरी कर ली गईं तैयारियां
कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए अब मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल व सीएचसी में जाने वाले मरीजों व उनके तीमारदारों के साथ ही किसी भी बाहरी व्यक्ति की आरटीपीसीआर जांच होगी। इसके बाद भी अस्पताल में प्रवेश करने दिया जाएगा। यदि कोई कोरोना पॉजिटिव इस दौरान पाया जाता है, तो उसे आइसोलेट किया जाएगा। इसे लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
- डॉ. अशोक कुमार, सीएमओ