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371 ग्राम प्रधानों व सचिवों पर लटकी तलवार
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अंबेडकरनगर। जिले की 371 ग्राम पंचायत के सचिवों व ग्राम प्रधान पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। दरअसल, इन लोगों ने विकास कार्यों के लिए 2018-19 में मिली राशि का उपभोग प्रमाणपत्र अब तक नहीं दिया है। बार-बार पत्र भेजे जाने के बाद भी जब उपभोग प्रमाणपत्र नहीं दिया गया तो अब पंचायतराज अधिकारी कार्यालय से संबंधित सचिवों व प्रधानों को नोटिस जारी करते हुए चेतावनी दी गई है कि जल्द ही उपभोग प्रमाणपत्र नहीं दिया गया तो कार्रवाई की जाएगी।
ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के लिए राज्य वित्त व 14वें वित्त के तहत राशि ग्राम पंचायत निधि के खाते में भेजी जाती है। इसी क्रम में वर्ष 2018-19 में जिले की 927 ग्राम पंचायतों में 27 करोड़ रुपये 14वें वित्त व राज्य वित्त के तहत भेजे गए थे। 556 ग्राम पंचायतों ने बीते माह उपभोग प्रमाणपत्र पंचायतराज कार्यालय को भेज दिया था, लेकिन 371 ग्राम पंचायतों ने अब तक संबंधित राशि का उपभोग प्रमाणपत्र नहीं दिया है। इसके लिए पंचायतीराज कार्यालय द्वारा संबंधित ग्राम पंचायत के सचिवों व ग्राम प्रधानों को कई बार पत्र जारी कर उपभोग प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने को कहा गया, लेकिन इसे लेकर गंभीरता नहीं दिखाई गई।
डीपीआरओ कार्यालय के वरिष्ठ लिपिक रईस अहमद ने बताया कि रामनगर, जलालपुर, जहांगीरगंज व बसखारी विकास खंड की ज्यादातर ग्राम पंचायतों ने उपभोग प्रमाणपत्र उपलब्ध करा दिया गया है। वहीं, अकबरपुर, भीटी, टांडा, कटेहरी व भियांव विकास खंड की ज्यादातर ग्राम पंचायतों द्वारा कई बार पत्र भेजे जाने के बाद भी अब तक उपभोग प्रमाणपत्र नहीं उपलब्ध कराया गया है। इसे अनुशासनहीनता मानते हुए नोटिस जारी किया गया है। संबंधित ग्राम पंचायत के सचिवों व ग्राम प्रधानें को चेतावनी दी गई है कि जल्द ही उपभोग प्रमाणपत्र नहीं उपलब्ध कराया गया तो उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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जिन 371 ग्राम पंचायतों से उपभोग प्रमाणपत्र नहीं मिला है, उनके ग्राम प्रधानों व सचिवों को नोटिस जारी किया गया है। चेतावनी दी गई कि यदि जल्द ही उपभोग प्रमाणपत्र नहीं दिया गया तो विधिक कार्रवाई की जाएगी।
- रामअशीष चौधरी, डीपीआरओ
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ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के लिए राज्य वित्त व 14वें वित्त के तहत राशि ग्राम पंचायत निधि के खाते में भेजी जाती है। इसी क्रम में वर्ष 2018-19 में जिले की 927 ग्राम पंचायतों में 27 करोड़ रुपये 14वें वित्त व राज्य वित्त के तहत भेजे गए थे। 556 ग्राम पंचायतों ने बीते माह उपभोग प्रमाणपत्र पंचायतराज कार्यालय को भेज दिया था, लेकिन 371 ग्राम पंचायतों ने अब तक संबंधित राशि का उपभोग प्रमाणपत्र नहीं दिया है। इसके लिए पंचायतीराज कार्यालय द्वारा संबंधित ग्राम पंचायत के सचिवों व ग्राम प्रधानों को कई बार पत्र जारी कर उपभोग प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने को कहा गया, लेकिन इसे लेकर गंभीरता नहीं दिखाई गई।
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डीपीआरओ कार्यालय के वरिष्ठ लिपिक रईस अहमद ने बताया कि रामनगर, जलालपुर, जहांगीरगंज व बसखारी विकास खंड की ज्यादातर ग्राम पंचायतों ने उपभोग प्रमाणपत्र उपलब्ध करा दिया गया है। वहीं, अकबरपुर, भीटी, टांडा, कटेहरी व भियांव विकास खंड की ज्यादातर ग्राम पंचायतों द्वारा कई बार पत्र भेजे जाने के बाद भी अब तक उपभोग प्रमाणपत्र नहीं उपलब्ध कराया गया है। इसे अनुशासनहीनता मानते हुए नोटिस जारी किया गया है। संबंधित ग्राम पंचायत के सचिवों व ग्राम प्रधानें को चेतावनी दी गई है कि जल्द ही उपभोग प्रमाणपत्र नहीं उपलब्ध कराया गया तो उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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जिन 371 ग्राम पंचायतों से उपभोग प्रमाणपत्र नहीं मिला है, उनके ग्राम प्रधानों व सचिवों को नोटिस जारी किया गया है। चेतावनी दी गई कि यदि जल्द ही उपभोग प्रमाणपत्र नहीं दिया गया तो विधिक कार्रवाई की जाएगी।
- रामअशीष चौधरी, डीपीआरओ