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एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाना हो तो साथ लाएं सिरिंज
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अंबेडकरनगर। जिला अस्पताल में एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने आ रहे हैं तो सिरिंज साथ लेकर आएं। जिला अस्पताल में करीब दो माह से सिरिंज का टोटा है। विभागीय अधिकारियों की उदासीनतना के चलते इसकी उपलब्धता नहीं हो पा रही है। इसके चलते लगभग प्रतिदिन 50 से अधिक मरीजों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। जिला अस्पताल पहुंचने पर उन्हें पहले सिरिंज खरीद कर लाने की बात कही जाती है।
जिला अस्पताल में सिंरिज न मिल पाने के चलते नागरिकों में गुस्सा है। नागरिकों का आरोप है कि कई बार कर्मचारी जानबूझ कर उन्हें बाहर से सिरिंज खरीद कर लाने के लिए परेशान करते हैं। जिला अस्पताल में करीब दो माह से एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाने वाली सिरिंज गायब है। यह बात अलग है कि बाहर बाजार में यह सिरिंज 5 रुपए में उपलब्ध हो जाती है। सिरिंज की उपलब्धता न होने के चलते अस्पताल पहुंचने वाले नागरिकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। नागरिकों का कहना है कि जानबूझ कर कर्मचारियों द्वारा परेशान किया जाता है।
दो माह से बनी इस समस्या को दूर करने के लिए जिला अस्पताल प्रशासन भी गंभीर नजर नही आता। जिला अस्पताल में सिर्फ सिरिंज ही नही, बल्कि कई बार एंटी रैबीज इंजेक्शन का भी टोटा रहता है। इससे भी दूर दराज के क्षेत्रों से एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने के लिए पहुंचने वाले नागरिकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। सिरिंज की जिला अस्पताल में उपलब्धता न होने के चलते लगभग 60 मरीजों को प्रतिदिन मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
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जिला अस्पताल पहुंचे टांडा निवासी रामचंदर व केदारनगर की निर्मला ने बताया कि कुत्ते के काटने के चलते एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने आए हैं। काफी इंतजार के बाद जानकारी दी गई कि सिरिंज मौजूद नही है। ऐसे में वह लोग जाएं पहले सिरिंज बाहर से खरीदकर लाएं, इसके बाद इंजेक्शन लग पाएगा। बसखारी के अनिल कुमार, शहजादपुर के गंगाराम ने भी बाहर से सिरिंज खरीदकर लाने की बात की। उधर, सीएमएस डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि सिरिंज उपलब्ध नहीं है। इसके लिए पत्राचार के माध्यम से निदेशालय को अवगत कराया गया है।
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जिला अस्पताल में सिंरिज न मिल पाने के चलते नागरिकों में गुस्सा है। नागरिकों का आरोप है कि कई बार कर्मचारी जानबूझ कर उन्हें बाहर से सिरिंज खरीद कर लाने के लिए परेशान करते हैं। जिला अस्पताल में करीब दो माह से एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाने वाली सिरिंज गायब है। यह बात अलग है कि बाहर बाजार में यह सिरिंज 5 रुपए में उपलब्ध हो जाती है। सिरिंज की उपलब्धता न होने के चलते अस्पताल पहुंचने वाले नागरिकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। नागरिकों का कहना है कि जानबूझ कर कर्मचारियों द्वारा परेशान किया जाता है।
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दो माह से बनी इस समस्या को दूर करने के लिए जिला अस्पताल प्रशासन भी गंभीर नजर नही आता। जिला अस्पताल में सिर्फ सिरिंज ही नही, बल्कि कई बार एंटी रैबीज इंजेक्शन का भी टोटा रहता है। इससे भी दूर दराज के क्षेत्रों से एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने के लिए पहुंचने वाले नागरिकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। सिरिंज की जिला अस्पताल में उपलब्धता न होने के चलते लगभग 60 मरीजों को प्रतिदिन मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
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जिला अस्पताल पहुंचे टांडा निवासी रामचंदर व केदारनगर की निर्मला ने बताया कि कुत्ते के काटने के चलते एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने आए हैं। काफी इंतजार के बाद जानकारी दी गई कि सिरिंज मौजूद नही है। ऐसे में वह लोग जाएं पहले सिरिंज बाहर से खरीदकर लाएं, इसके बाद इंजेक्शन लग पाएगा। बसखारी के अनिल कुमार, शहजादपुर के गंगाराम ने भी बाहर से सिरिंज खरीदकर लाने की बात की। उधर, सीएमएस डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि सिरिंज उपलब्ध नहीं है। इसके लिए पत्राचार के माध्यम से निदेशालय को अवगत कराया गया है।