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किसी की दर्ज नहीं हो रही वरासत, तो कहीं हट नहीं रहा कब्जा
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अंबेडकरनगर। शासन के तमाम प्रयासों के बाद भी पीड़ितों को समय से न्याय नहीं मिल पा रहा है। कई बार संपूर्ण समाधान दिवस व सामान्य दिवसों में प्रार्थना पत्र दिए जाने के बावजूद पीड़ितों की समस्याओं का निस्तारण नही हो पा रहा है। वर्षों से कोई वरासत दर्ज कराने समेत आवास का लाभ पाने के लिए अधिकारियों का चक्कर काट रहा है, तो कोई भूमि पर हुए अवैध कब्जे को लेकर परेशान है। सबसे ज्यादा मामले भूमि विवाद से जुड़े हैं। शनिवार को विभिन्न तहसीलों में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में वर्षों से चक्कर काट रहे पीड़ितों से अमर उजाला टीम ने मुलाकात की। तहसीलों का चक्कर काट रहे पीड़ितों ने कहा कि समाधान दिवस में भी समस्याओं का प्रभावी निस्तारण नही हो पा रहा।
आवास का अभी तक इंतजार
सतरही गुरुदासपुर गांव निवासी सुमन ने कहा कि वर्ष 2020 में उसका घर ढह गया था। इसमें उसके पति की दबकर मौत हो गई थी। उस समय जिम्मेदारों ने पहुंचकर जरूरी प्रक्रिया पूरी की थी और प्रधानमंत्री ग्रामीण आवासीय योजना के तहत आवास दिलाए जाने का आश्वासन दिया था। अब तक उसे आवास का लाभ नहीं मिल सका है। इसके लिए वह लगातार जिम्मेदारों के कार्यालय का चक्कर लगा रही है। उसके एक लड़का व एक लड़की है। आवास न होने से विभिन्न प्रकार की मुश्किलें हो रही हैं।
नहीं हट पा रहा अवैध कब्जा
अकबरपुर तहसील में मिली सिझौली निवासी सरोजा ने कहा कि वह दो बहनें हैं। पिता का निधन हो चुका है, माता दूसरे स्थान पर रहती हैं। घर पर रिश्तेदारों ने कब्जा कर रखा है। दोनों बहनों को हिस्सेदारी नहीं दी जा रही है। उसने पांच बार संपूर्ण समाधान दिवस पर शिकायत दर्ज कराई। इसके अलावा जिम्मेदारों से भी शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम इसे लेकर नहीं उठाया जा रहा है।
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वरासत के लिए काट रहा चक्कर
आलापुर तहसील में मिले मसेना मिर्जापुर गांव निवासी आद्या प्रसाद ने कहा कि उसके पिता का निधन लगभग तीन वर्ष पूर्व हुआ था, वरासत भी हो गया था। वरासत में भाइयों का ही नाम आना था, लेकिन इसके साथ पिता का नाम भी आ गया। इसमें संशोधन के लिए वह लगातार तहसील का चक्कर लगा रहा है। वह अब तक आधा दर्जन बार इस संबंध में संपूर्ण समाधान दिवस में भी शिकायत दर्ज करा चुका है, लेकिन इसके बाद भी संशोधन नहीं हो सका है।
चरागाह पर बना है अवैध कब्जा
जलालपुर तहसील अंतर्गत खालिसपुर डुहिया गांव निवासी आनंद सिंह ने कहा कि चारागाह पर गांव के ही कुछ ग्रामीणों ने अवैध ढंग से कब्जा कर रखा है। स्थानीय प्रशासन से शिकायत करने के साथ ही एक दर्जन बार संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचकर शिकायत दर्ज करा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सका है।
बंजर भूमि पर कब्जा बरकरार
जलालपुर तहसील में मिले रहीमपुर निवासी ध्रुव तिवारी ने कहा कि उसके एक पट्टीदार ने बंजर भूमि पर कब्जा लंबे समय से जमा रखा है। अब वह उसकी आबादी की भूमि पर कब्जा जमाना चाहता है। इसकी शिकायत उसने जिम्मेदारों से की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। वह अब तक 10 बार इसकी शिकायत संपूर्ण समाधान दिवस में भी दर्ज करा चुका है, लेकिन यहां से भी उसे न्याय नहीं मिल सका है।
नहीं दर्ज हो रही वरासत
भीटी तहसील में मिले प्रतावीपुर शाहपुर निवासी सुरेश कुमार ने कहा कि वह पिछले तीन वर्ष से वरासत के लिए लगातार तहसील मुख्यालय का चक्कर लगा रहा है, लेकिन अब तक वरासत नहीं हो सकी है। एक दर्जन से अधिक बार वह संपूर्ण समाधान दिवस में भी शिकायत दर्ज करा चुका है, लेकिन सिर्फ आश्वासन ही मिलता है। इससे आगे कोई प्रक्रिया नहीं बढ़ सकी है।
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आवास का अभी तक इंतजार
सतरही गुरुदासपुर गांव निवासी सुमन ने कहा कि वर्ष 2020 में उसका घर ढह गया था। इसमें उसके पति की दबकर मौत हो गई थी। उस समय जिम्मेदारों ने पहुंचकर जरूरी प्रक्रिया पूरी की थी और प्रधानमंत्री ग्रामीण आवासीय योजना के तहत आवास दिलाए जाने का आश्वासन दिया था। अब तक उसे आवास का लाभ नहीं मिल सका है। इसके लिए वह लगातार जिम्मेदारों के कार्यालय का चक्कर लगा रही है। उसके एक लड़का व एक लड़की है। आवास न होने से विभिन्न प्रकार की मुश्किलें हो रही हैं।
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नहीं हट पा रहा अवैध कब्जा
अकबरपुर तहसील में मिली सिझौली निवासी सरोजा ने कहा कि वह दो बहनें हैं। पिता का निधन हो चुका है, माता दूसरे स्थान पर रहती हैं। घर पर रिश्तेदारों ने कब्जा कर रखा है। दोनों बहनों को हिस्सेदारी नहीं दी जा रही है। उसने पांच बार संपूर्ण समाधान दिवस पर शिकायत दर्ज कराई। इसके अलावा जिम्मेदारों से भी शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम इसे लेकर नहीं उठाया जा रहा है।
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वरासत के लिए काट रहा चक्कर
आलापुर तहसील में मिले मसेना मिर्जापुर गांव निवासी आद्या प्रसाद ने कहा कि उसके पिता का निधन लगभग तीन वर्ष पूर्व हुआ था, वरासत भी हो गया था। वरासत में भाइयों का ही नाम आना था, लेकिन इसके साथ पिता का नाम भी आ गया। इसमें संशोधन के लिए वह लगातार तहसील का चक्कर लगा रहा है। वह अब तक आधा दर्जन बार इस संबंध में संपूर्ण समाधान दिवस में भी शिकायत दर्ज करा चुका है, लेकिन इसके बाद भी संशोधन नहीं हो सका है।
चरागाह पर बना है अवैध कब्जा
जलालपुर तहसील अंतर्गत खालिसपुर डुहिया गांव निवासी आनंद सिंह ने कहा कि चारागाह पर गांव के ही कुछ ग्रामीणों ने अवैध ढंग से कब्जा कर रखा है। स्थानीय प्रशासन से शिकायत करने के साथ ही एक दर्जन बार संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचकर शिकायत दर्ज करा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सका है।
बंजर भूमि पर कब्जा बरकरार
जलालपुर तहसील में मिले रहीमपुर निवासी ध्रुव तिवारी ने कहा कि उसके एक पट्टीदार ने बंजर भूमि पर कब्जा लंबे समय से जमा रखा है। अब वह उसकी आबादी की भूमि पर कब्जा जमाना चाहता है। इसकी शिकायत उसने जिम्मेदारों से की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। वह अब तक 10 बार इसकी शिकायत संपूर्ण समाधान दिवस में भी दर्ज करा चुका है, लेकिन यहां से भी उसे न्याय नहीं मिल सका है।
नहीं दर्ज हो रही वरासत
भीटी तहसील में मिले प्रतावीपुर शाहपुर निवासी सुरेश कुमार ने कहा कि वह पिछले तीन वर्ष से वरासत के लिए लगातार तहसील मुख्यालय का चक्कर लगा रहा है, लेकिन अब तक वरासत नहीं हो सकी है। एक दर्जन से अधिक बार वह संपूर्ण समाधान दिवस में भी शिकायत दर्ज करा चुका है, लेकिन सिर्फ आश्वासन ही मिलता है। इससे आगे कोई प्रक्रिया नहीं बढ़ सकी है।