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कन्या विद्याधन योजना में विद्यालयों में लापरवाही
अमर उजाला ब्यूरो/ अंबेडकरनगर
Updated Sat, 11 Jul 2015 10:55 PM IST
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इसे लेकर विभागीय अधिकारी व संबंधित विद्यालय प्रबंधन कितना गंभीर हैं, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि यूपी बोर्ड द्वारा इंटरमीडिएट उत्तीर्ण जिन 21 हजार 176 छात्राओं की सूची डीआईओएस कार्यालय को उपलब्ध कराई है उनके सत्यापन के लिए 100 विद्यालय अब तक सूची ही नहीं ले गए हैं।
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जबकि 15 जुलाई तक सत्यापन का कार्य पूर्ण कर शासन को 1402 चयनित छात्राओं की अंतिम सूची उपलब्ध कराने का निर्देश है। मालूम हो कि मेधावी छात्राओं का उत्साहवर्धन करने एवं उन्हें आगे की शिक्षा जारी रखने के लिए प्रदेश सरकार ने मेधावी कन्या विद्याधन योजना की घोषणा कर रखी है।
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योजना के तहत चयनित छात्राओं को 30 हजार रुपये दिए जाने का प्राविधान है। योजना के सुचारु क्रियान्वयन के लिए 26 जून को यूपी बोर्ड इलाहाबाद ने डीआईओएस कार्यालय को वर्ष 2015 में इंटरमीडिएट उत्तीर्ण 21 हजार 176 छात्राओं की सूची उपलब्ध करा दी थी।
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इनमें से एक हजार 402 छात्राओं को योजना के लाभ के लिए चयनित किए जाने का निर्देश दिया गया था। इनमें 280 अल्पसंख्यक, 294 एससी तथा 828 पिछड़ा व सामान्य वर्ग की छात्राएं शामिल हैं। शिक्षा निदेशक माध्यमिक डा. अवधनरेश शर्मा ने 15 जुलाई तक मेरिट के आधार पर चयनित छात्राओं के सत्यापन के बाद उनकी सूची शासन को उपलब्ध कराए जाने का भी निर्देश दिया।
तमाम दिशा निर्देशों के बाद भी योजना का मेधावी छात्र छात्राओं को समुचित लाभ दिलाने को लेकर विभागीय अधिकारियों व संबंधित विद्यालयों का प्रबंधन पूरी तरह लापरवाह बना हुआ है। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिले के 180 विद्यालयों के सापेक्ष मात्र 80 विद्यालय ही अपने विद्यालय से संबंधित छात्राओं की सूची सत्यापन के लिए ले जा सके हैं।
शेष 100 विद्यालय अब तक सूची ही नहीं ले जा सके हैं। शासन द्वारा दी गई समय सीमा के अनुसार मात्र चार दिन ही शेष रह गए हैं, ऐसे में सत्यापन को लेकर किस प्रकार से पारदर्शिता बरती जा सकेगी, इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।