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अशरफपुर किछौछा नगर पंचायत कर्मियों ने भाजपाइयों को बनाया बंधक
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Nagar Panchayat
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
बसखारी। भाजपा जिला उपाध्यक्ष व महिला मोर्चा की पूर्व जिलाध्यक्ष रफत एजाज पर बुधवार को नगर पंचायत अशरफपुर किछौछा पहुंच कर एक संविदा कर्मी की पिटाई करने का आरोप लगा। उनके साथ कई और महिलाएं भी थीं। गुस्साए कर्मचारियों ने भाजपा नेता व उनके समर्थकों को एक कक्ष में बंधक बना लिया। इससे कार्यालय परिसर के अंदर व बाहर घंटों अफरातफरी का माहौल रहा।
कक्ष का एक दरवाजा तोड़ कर सभी लोग बाहर निकल आए, लेकिन परिसर के बाहरी गेट पर ताला बंद होने की वजह से बाहर नहीं जा सके। इसी बीच पहुंची बसखारी पुलिस ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर किसी तरह से मामला शांत कराया। पिटाई के विरोध में कर्मचारियों ने कार्यालय में तालाबंदी कर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। बाद में दोनों पक्षों ने थाने पहुंच कर केस दर्ज करने के लिए तहरीर दी।
बुधवार दोपहर करीब भाजपा जिला उपाध्यक्ष रफत एजाज कई महिलाओं को साथ लेकर नगर पंचायत कार्यालय पहुंचीं। वहां वे एक शिकायती पत्र के न मिलने व उसका संज्ञान न लिए जाने से नाराज थीं। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया जो मारपीट व हंगामे तक पहुंच गया। रफत के अनुसार, एक महिला की भूमि पर एक सभासद ने अवैध ढंग से कब्जा कर रखा है। इसकी शिकायत अधिकारियों से की गई थी, जिस पर आख्या मांगी गई थी। इसे देने में आनाकानी की जा रही थी।
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मंगलवार को भी कार्यालय पहुंचकर प्रार्थना पत्र के बारे में पूछा गया तो बताया गया कि मिल नहीं रहा हैै। बुधवार को दोबारा पहुंचने पर अधिशाषी अधिकारी ने बताया कि ऊपरी तल पर स्थित हाल में एक कर्मचारी वही प्रार्थना पत्र खोज रहा है। रफत ने बताया कि इस पर मैं अपने साथ आई पीड़ित महिला व परिजनों के साथ ऊपर वाले कक्ष में पहुंची तो कर्मचारियों ने अभद्रता शुरू कर दी।
समुचित जवाब देने की बजाए वे सब सभासद का बचाव करते हुए अपमानजनक ढंग से चले जाने को कहा। मैंने इसका प्रतिवाद किया तो कुर्सी उठाकर मारने का प्रयास किया। इसी क्रम में मैंने भी अपने बचाव में हाथ चला दिया। इसके बाद कर्मचारियों ने एकजुट होकर हम सबको उसी कक्ष में बंधक बना लिया। बाद में पुलिस के पहुंचने पर मामला शांत हुआ।
उधर अधिशाषी अधिकारी राजमणि वर्मा के अनुसार मंगलवार को रफत एजाज कार्यालय आईं थीं और एक प्रार्थना पत्र को लेकर शोर मचा रही थीं। उन्होंने प्रार्थना पत्र न मिलने पर घेराव की चेतावनी दी थी। इसी के बाद वे बुधवार दोपहर तमाम लोगों के साथ पहुंची और मीटिंग हाल में पहुंच कर आउट सोर्सिंग कर्मचारी मोहम्मद आसिफ अंसारी को मारने लगीं। भयभीत हुए कर्मचारियों ने मीटिंग हाल में ताला बंद कर दिया। इस बीच उनके समर्थकों ने मीटिंग हाल के उत्तरी छोर का दरवाजा तोड़ डाला और बाहर निकल आए।
बसखारी पुलिस ने समय रहते मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाल लिया। कारण यह कि भाजपा नेता को बंधक बनाए जाने की खबर मिलते ही बड़ी तादाद में उनके समर्थक मौके पर पहुंचने लगे। उधर कर्मचारियों ने भी मोर्चा संभाल लिया। कई सभासद व अन्य लोग भी इसमें कूद पड़े। नतीजा यह कि स्थिति विस्फोटक होने लगी। इसी बीच बसखारी थाना प्रभारी श्रीनिवास पाण्डेय दलबल के साथ मौके पर पहुंच गए।
उन्होंने दोनों पक्षों को समझाया बुझाया। हालांकि इसमें काफी समय लग गया, लेकिन पुलिस ने धैर्य का परिचय दिया। भाजपा नेता व उनके समर्थकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। दरअसल भाजपा नेता व उनके समर्थक कमरे से तो बाहर आ गए थे, लेकिन चैनल में ताला बंद हो जाने के चलते अंदर ही फंस गए थे। पुलिस के आने पर बाहर निकलने के बाद रफत एजाज अपने समर्थकों के साथ थाने पहुंचीं और केस दर्ज करने के लिए तहरीर दी। उधर, अधिशाषी अधिकारी ने भाजपा नेता का जिक्र करते हुए पूरे घटनाक्रम की तहरीर दी। पुलिस दोनों पक्षों की तहरीर पर फिलहाल छानबीन कर रही है।
कर्मचारियों ने पिटाई से नाराज होकर बाद में कार्यालय में ताला जड़ दिया और अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। कर्मचारियों का कहना था कि जिस तरह से उनके साथ दुर्व्यवहार व मारपीट की गई है वह ठीक नहीं है। जब तक केस दर्ज कर सभी आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित नहीं हो जाती तब तक हड़ताल जारी रहेगी। कर्मचारियों ने कहा कि इस तरह की अराजकता बर्दाश्त नहीं की जा सकती।
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कक्ष का एक दरवाजा तोड़ कर सभी लोग बाहर निकल आए, लेकिन परिसर के बाहरी गेट पर ताला बंद होने की वजह से बाहर नहीं जा सके। इसी बीच पहुंची बसखारी पुलिस ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर किसी तरह से मामला शांत कराया। पिटाई के विरोध में कर्मचारियों ने कार्यालय में तालाबंदी कर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। बाद में दोनों पक्षों ने थाने पहुंच कर केस दर्ज करने के लिए तहरीर दी।
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बुधवार दोपहर करीब भाजपा जिला उपाध्यक्ष रफत एजाज कई महिलाओं को साथ लेकर नगर पंचायत कार्यालय पहुंचीं। वहां वे एक शिकायती पत्र के न मिलने व उसका संज्ञान न लिए जाने से नाराज थीं। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया जो मारपीट व हंगामे तक पहुंच गया। रफत के अनुसार, एक महिला की भूमि पर एक सभासद ने अवैध ढंग से कब्जा कर रखा है। इसकी शिकायत अधिकारियों से की गई थी, जिस पर आख्या मांगी गई थी। इसे देने में आनाकानी की जा रही थी।
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मंगलवार को भी कार्यालय पहुंचकर प्रार्थना पत्र के बारे में पूछा गया तो बताया गया कि मिल नहीं रहा हैै। बुधवार को दोबारा पहुंचने पर अधिशाषी अधिकारी ने बताया कि ऊपरी तल पर स्थित हाल में एक कर्मचारी वही प्रार्थना पत्र खोज रहा है। रफत ने बताया कि इस पर मैं अपने साथ आई पीड़ित महिला व परिजनों के साथ ऊपर वाले कक्ष में पहुंची तो कर्मचारियों ने अभद्रता शुरू कर दी।
समुचित जवाब देने की बजाए वे सब सभासद का बचाव करते हुए अपमानजनक ढंग से चले जाने को कहा। मैंने इसका प्रतिवाद किया तो कुर्सी उठाकर मारने का प्रयास किया। इसी क्रम में मैंने भी अपने बचाव में हाथ चला दिया। इसके बाद कर्मचारियों ने एकजुट होकर हम सबको उसी कक्ष में बंधक बना लिया। बाद में पुलिस के पहुंचने पर मामला शांत हुआ।
उधर अधिशाषी अधिकारी राजमणि वर्मा के अनुसार मंगलवार को रफत एजाज कार्यालय आईं थीं और एक प्रार्थना पत्र को लेकर शोर मचा रही थीं। उन्होंने प्रार्थना पत्र न मिलने पर घेराव की चेतावनी दी थी। इसी के बाद वे बुधवार दोपहर तमाम लोगों के साथ पहुंची और मीटिंग हाल में पहुंच कर आउट सोर्सिंग कर्मचारी मोहम्मद आसिफ अंसारी को मारने लगीं। भयभीत हुए कर्मचारियों ने मीटिंग हाल में ताला बंद कर दिया। इस बीच उनके समर्थकों ने मीटिंग हाल के उत्तरी छोर का दरवाजा तोड़ डाला और बाहर निकल आए।
बसखारी पुलिस ने समय रहते मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाल लिया। कारण यह कि भाजपा नेता को बंधक बनाए जाने की खबर मिलते ही बड़ी तादाद में उनके समर्थक मौके पर पहुंचने लगे। उधर कर्मचारियों ने भी मोर्चा संभाल लिया। कई सभासद व अन्य लोग भी इसमें कूद पड़े। नतीजा यह कि स्थिति विस्फोटक होने लगी। इसी बीच बसखारी थाना प्रभारी श्रीनिवास पाण्डेय दलबल के साथ मौके पर पहुंच गए।
उन्होंने दोनों पक्षों को समझाया बुझाया। हालांकि इसमें काफी समय लग गया, लेकिन पुलिस ने धैर्य का परिचय दिया। भाजपा नेता व उनके समर्थकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। दरअसल भाजपा नेता व उनके समर्थक कमरे से तो बाहर आ गए थे, लेकिन चैनल में ताला बंद हो जाने के चलते अंदर ही फंस गए थे। पुलिस के आने पर बाहर निकलने के बाद रफत एजाज अपने समर्थकों के साथ थाने पहुंचीं और केस दर्ज करने के लिए तहरीर दी। उधर, अधिशाषी अधिकारी ने भाजपा नेता का जिक्र करते हुए पूरे घटनाक्रम की तहरीर दी। पुलिस दोनों पक्षों की तहरीर पर फिलहाल छानबीन कर रही है।
कर्मचारियों ने पिटाई से नाराज होकर बाद में कार्यालय में ताला जड़ दिया और अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। कर्मचारियों का कहना था कि जिस तरह से उनके साथ दुर्व्यवहार व मारपीट की गई है वह ठीक नहीं है। जब तक केस दर्ज कर सभी आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित नहीं हो जाती तब तक हड़ताल जारी रहेगी। कर्मचारियों ने कहा कि इस तरह की अराजकता बर्दाश्त नहीं की जा सकती।