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मजदूर की गला रेतकर हत्या, गन्ने के खेत में फेंका शव
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जलालपुर। घर लौट रहे मजदूर की बुधवार रात कोतवाली क्षेत्र के उसरहा डिहवा गांव के पास धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी गई। उसका शव गुरुवार सुबह गन्ने के खेत में मिला। पहचान मिटाने के लिए चेहरे पर भी धारदार हथियार से कई वार किए गए थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेना चाहा, लेकिन ग्रामीणों के विरोध के चलते सफलता नहीं मिली।
वे मामले में उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे थे। ग्रामीणों की नाराजगी को देखते हुए कई थानों की फोर्स मौके पर बुला ली गई। इस बीच घटनास्थल पर पहुंचे एएसपी ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। करीब चार घंटे बाद पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज सकी। फॉरेंसिक टीम ने भी मौके पर पहुंचकर छानबीन की। बाद में एसपी वीरेंद्र कुमार मिश्र ने घटनास्थल का जायजा लेने के साथ ही गांव पहुंचकर मजदूर के परिवारीजनों से मुलाकात की और घटना का जल्द पर्दाफाश करने का आश्वासन दिया।
उसरहा डिहवा गांव निवासी लालमन निषाद (40) पुत्र रामलाल मजदूरी करता था। परिवारीजनों के अनुसार बुधवार को जलालपुर नगर में साइकिल से मजदूरी करने गया हुआ था। देर शाम गांव के कुछ ग्रामीण गांव के बाहर की तरफ गए तो वहां एक ट्यूबवेल के पास लालमन पड़ा मिला।
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पास ही उसकी साइकिल गिरी पड़ी थी। इस पर ग्रामीणों ने गांव पहुंचकर लालमन के पुत्र अमित को जानकारी दी। अमित के अनुसार जब वह पहुंचा तो वहां उसके पिता नहीं थे सिर्फ साइकिल पड़ी हुई थी। अंधेेरा होने के चलते उसे कुछ दिखा भी नहीं। सोचा कि हो सकता है कि पिता कहीं चले गए हों, इसलिए साइकिल लेकर वह घर चला गया। जब देर रात तक जब वह नहीं पहुंचे तो तलाश शुरू की गई, लेकिन कुछ पता नहीं चला।
गुरुवार सुबह फिर से तलाश शुरू हुई। बताया जाता है कि जिस स्थान पर साइकिल मिली थी वहां खून के धब्बे मिले। ये धब्बे पास के ही गन्ने के खेत तक थे। जब वे सभी गन्ने के खेत में गए तो वहां का दृश्य देखकर सन्न रह गए। लालमन का खून से लथपथ शव पड़ा हुआ था। उसका गला किसी धारदार हथियार से कटा हुआ था। चेहरे पर भी धारदार हथियार से कई वार कर चेहरा बिगाड़ने की कोशिश की गई थी।
देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। इस बीच जानकारी होते ही एसओ जलालपुर प्रद्युम्न सिंह पुलिस टीम के साथ पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेने की कोशिश की लेकिन ग्रामीणों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। वे उच्च स्तरीय जांच की मांग करने लगे। मौके पर पहुंचे सीओ आरपी रॉय ने समझाने बुझाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली।
ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए जैतपुर, सम्मनपुर व मालीपुर की फोर्स को मौके पर बुला लिया गया। इस बीच पहुंचे एएसपी अवनीश कुमार मिश्र ने घटना का पर्दाफाश शीघ्र ही किए जाने का आश्वासन देकर ग्रामीणों की नाराजगी शांत की। करीब चार घंटे बाद पुलिस शव को कब्जे में ले सकी। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। एसओ ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। अभी तहरीर नहीं मिली है। मामले में छानबीन शुरू कर दी गई है।
सूचना पर पहुंचे एसपी वीरेंद्र कुमार मिश्र ने घटनास्थल का जायजा लेने के बाद गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्हें घटना का पर्दाफाश जल्द ही करने का आश्वासन दिया। बाद में एसपी की मौजूदगी में फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल का जायजा लिया।
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वे मामले में उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे थे। ग्रामीणों की नाराजगी को देखते हुए कई थानों की फोर्स मौके पर बुला ली गई। इस बीच घटनास्थल पर पहुंचे एएसपी ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। करीब चार घंटे बाद पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज सकी। फॉरेंसिक टीम ने भी मौके पर पहुंचकर छानबीन की। बाद में एसपी वीरेंद्र कुमार मिश्र ने घटनास्थल का जायजा लेने के साथ ही गांव पहुंचकर मजदूर के परिवारीजनों से मुलाकात की और घटना का जल्द पर्दाफाश करने का आश्वासन दिया।
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उसरहा डिहवा गांव निवासी लालमन निषाद (40) पुत्र रामलाल मजदूरी करता था। परिवारीजनों के अनुसार बुधवार को जलालपुर नगर में साइकिल से मजदूरी करने गया हुआ था। देर शाम गांव के कुछ ग्रामीण गांव के बाहर की तरफ गए तो वहां एक ट्यूबवेल के पास लालमन पड़ा मिला।
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पास ही उसकी साइकिल गिरी पड़ी थी। इस पर ग्रामीणों ने गांव पहुंचकर लालमन के पुत्र अमित को जानकारी दी। अमित के अनुसार जब वह पहुंचा तो वहां उसके पिता नहीं थे सिर्फ साइकिल पड़ी हुई थी। अंधेेरा होने के चलते उसे कुछ दिखा भी नहीं। सोचा कि हो सकता है कि पिता कहीं चले गए हों, इसलिए साइकिल लेकर वह घर चला गया। जब देर रात तक जब वह नहीं पहुंचे तो तलाश शुरू की गई, लेकिन कुछ पता नहीं चला।
गुरुवार सुबह फिर से तलाश शुरू हुई। बताया जाता है कि जिस स्थान पर साइकिल मिली थी वहां खून के धब्बे मिले। ये धब्बे पास के ही गन्ने के खेत तक थे। जब वे सभी गन्ने के खेत में गए तो वहां का दृश्य देखकर सन्न रह गए। लालमन का खून से लथपथ शव पड़ा हुआ था। उसका गला किसी धारदार हथियार से कटा हुआ था। चेहरे पर भी धारदार हथियार से कई वार कर चेहरा बिगाड़ने की कोशिश की गई थी।
देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। इस बीच जानकारी होते ही एसओ जलालपुर प्रद्युम्न सिंह पुलिस टीम के साथ पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेने की कोशिश की लेकिन ग्रामीणों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। वे उच्च स्तरीय जांच की मांग करने लगे। मौके पर पहुंचे सीओ आरपी रॉय ने समझाने बुझाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली।
ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए जैतपुर, सम्मनपुर व मालीपुर की फोर्स को मौके पर बुला लिया गया। इस बीच पहुंचे एएसपी अवनीश कुमार मिश्र ने घटना का पर्दाफाश शीघ्र ही किए जाने का आश्वासन देकर ग्रामीणों की नाराजगी शांत की। करीब चार घंटे बाद पुलिस शव को कब्जे में ले सकी। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। एसओ ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। अभी तहरीर नहीं मिली है। मामले में छानबीन शुरू कर दी गई है।
सूचना पर पहुंचे एसपी वीरेंद्र कुमार मिश्र ने घटनास्थल का जायजा लेने के बाद गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्हें घटना का पर्दाफाश जल्द ही करने का आश्वासन दिया। बाद में एसपी की मौजूदगी में फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल का जायजा लिया।