{"_id":"62094ee3cef7013a635fa0d7","slug":"money-in-the-account-students-upset-due-to-non-withdrawal-ambedkar-nagar-news-lko6176893169","type":"story","status":"publish","title_hn":"खाते में रकम मौजूद, निकासी न होने से छात्र परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खाते में रकम मौजूद, निकासी न होने से छात्र परेशान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केदारनगर (अंबेडकरनगर)। जनधन योजना की शुरुआत में विभिन्न ग्राहक सेवा केंद्रों पर खाता खुलवाने वाले छात्र-छात्राओं को इन दिनों धन निकासी की समस्या से जूझना पड़ रहा है। कारण यह है कि उस समय छात्र-छात्राओं ने जो खाते खुलवाए थे, उनमें एक माह में धन निकासी की लिमिट सिर्फ 10 हजार रुपये ही थी। परंतु अब वह व्यावसायिक व डिप्लोमा की शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, जिसमें उन्हें छात्रवृत्ति ज्यादा मिल रही है। परंतु इन खातों में धन आने के बाद निकासी में दिक्कतें हो रही हैं। इससे छात्र-छात्राएं काफी परेशान हैं।
वर्ष 2015 में जनधन योजना के साथ बड़े पैमाने पर बैंक खाते ग्राहक सेवा केंद्रों के माध्यम से खोले गए थे। छात्रवृत्ति योजना का लाभ पाने के लिए काफी संख्या में छात्राओं ने भी अपने खाते ग्राहक सेवा केंद्रों के माध्यम से खुलवाए थे। 18 वर्ष से कम उम्र होने के चलते इन छात्र-छात्राओं का टाइनी अकाउंट खोला गया था। इस तरह के खाते से माह में 10 हजार रुपये निकासी की लिमिट थी। हाईस्कूल, इंटर व ग्रेजुएशन आदि की शिक्षा के दौरान छात्र-छात्राओं को ज्यादा छात्रवृत्ति नहीं मिलती। ऐसे में उन्हें उस समय धन निकासी में कोई दिक्कत नहीं हुई। परंतु अब बीएड्, बीटीसी, आईआईटी व अन्य व्यावसायिक शिक्षा ग्रहण करने के दौरान छात्रवृत्ति की रकम ज्यादा मिलती है। ऐसे में जिन छात्र-छात्राओं ने आवेदन के समय विभिन्न बैंक शाखाओं के ग्राहक सेवा केंद्रों के माध्यम से खुले खातों को दे दिया है, उन्हें धन निकासी में दिक्कत हो रही है।
आईआईटी की शिक्षा ग्रहण कर रहे ऊंचेगांव निवासी विजय कुमार का कहना है कि उन्होंने भी छात्रवृत्ति के आवेदन में एसबीआई के ग्राहक सेवा केंद्र उतेरथू से खुले खाते को दिया है। खाते में छात्रवृत्ति की रकम आयी है। उनके खाते में मौजूदा समय में लगभग 25 हजार रुपये रकम मौजूद है। इसकी निकासी की जरूरत है, परंतु एक साथ संभव नहीं हो पा रहा है। इसी तरह नरायनपुर की बीएससी की छात्रा अनामिका गुप्ता ने बताया कि उन्होंने बताया कि उन्होंने उतरेथू ग्राहक सेवा केंद्र से खाता खुलवाया था। खाते में 20 हजार से अधिक की रकम मौजूद है, लेकिन इसकी निकासी एक साथ न होने से दिक्कत हो रही है, जबकि उन्हें पैसों की सख्त जरूरत है। ग्राहकों का कहना है यदि उन्हें पहले से पता होता तो इस तरह के खाते न खुलवाता। इसी तरह सैकड़ों छात्र-छात्राओं को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
ग्राहक सेवा केंद्र संचालक अरविंद कुमार दुबे, आत्माराम मौर्य, आदित्य वर्मा, किरण देवी, अरुण पांडेय, सुशील मिश्र, राजितराम व विनय वर्मा ने बताया कि इस समस्या से काफी मुश्किल हो रही है। कई बार बैठक में इस समस्या को उठाया गया, लेकिन जिम्मेदार इस तरफ ध्यान नहीं दे रहें। इससे आए दिन उपभोक्ताओं से धन निकासी को लेकर झड़प भी हो जाती है। उधर, एलडीएम का कहना है कि शुरुआत में खुले खातों में धन निकासी को लेकर लिमिट निर्धारित है। परंतु नए खुलने वाले खातों में ऐसी समस्या नहीं है। जल्द ही समस्या का समाधान किया जाएगा।
विज्ञापन
वर्ष 2015 में जनधन योजना के साथ बड़े पैमाने पर बैंक खाते ग्राहक सेवा केंद्रों के माध्यम से खोले गए थे। छात्रवृत्ति योजना का लाभ पाने के लिए काफी संख्या में छात्राओं ने भी अपने खाते ग्राहक सेवा केंद्रों के माध्यम से खुलवाए थे। 18 वर्ष से कम उम्र होने के चलते इन छात्र-छात्राओं का टाइनी अकाउंट खोला गया था। इस तरह के खाते से माह में 10 हजार रुपये निकासी की लिमिट थी। हाईस्कूल, इंटर व ग्रेजुएशन आदि की शिक्षा के दौरान छात्र-छात्राओं को ज्यादा छात्रवृत्ति नहीं मिलती। ऐसे में उन्हें उस समय धन निकासी में कोई दिक्कत नहीं हुई। परंतु अब बीएड्, बीटीसी, आईआईटी व अन्य व्यावसायिक शिक्षा ग्रहण करने के दौरान छात्रवृत्ति की रकम ज्यादा मिलती है। ऐसे में जिन छात्र-छात्राओं ने आवेदन के समय विभिन्न बैंक शाखाओं के ग्राहक सेवा केंद्रों के माध्यम से खुले खातों को दे दिया है, उन्हें धन निकासी में दिक्कत हो रही है।
विज्ञापन
आईआईटी की शिक्षा ग्रहण कर रहे ऊंचेगांव निवासी विजय कुमार का कहना है कि उन्होंने भी छात्रवृत्ति के आवेदन में एसबीआई के ग्राहक सेवा केंद्र उतेरथू से खुले खाते को दिया है। खाते में छात्रवृत्ति की रकम आयी है। उनके खाते में मौजूदा समय में लगभग 25 हजार रुपये रकम मौजूद है। इसकी निकासी की जरूरत है, परंतु एक साथ संभव नहीं हो पा रहा है। इसी तरह नरायनपुर की बीएससी की छात्रा अनामिका गुप्ता ने बताया कि उन्होंने बताया कि उन्होंने उतरेथू ग्राहक सेवा केंद्र से खाता खुलवाया था। खाते में 20 हजार से अधिक की रकम मौजूद है, लेकिन इसकी निकासी एक साथ न होने से दिक्कत हो रही है, जबकि उन्हें पैसों की सख्त जरूरत है। ग्राहकों का कहना है यदि उन्हें पहले से पता होता तो इस तरह के खाते न खुलवाता। इसी तरह सैकड़ों छात्र-छात्राओं को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
ग्राहक सेवा केंद्र संचालक अरविंद कुमार दुबे, आत्माराम मौर्य, आदित्य वर्मा, किरण देवी, अरुण पांडेय, सुशील मिश्र, राजितराम व विनय वर्मा ने बताया कि इस समस्या से काफी मुश्किल हो रही है। कई बार बैठक में इस समस्या को उठाया गया, लेकिन जिम्मेदार इस तरफ ध्यान नहीं दे रहें। इससे आए दिन उपभोक्ताओं से धन निकासी को लेकर झड़प भी हो जाती है। उधर, एलडीएम का कहना है कि शुरुआत में खुले खातों में धन निकासी को लेकर लिमिट निर्धारित है। परंतु नए खुलने वाले खातों में ऐसी समस्या नहीं है। जल्द ही समस्या का समाधान किया जाएगा।