{"_id":"6335e47156ed6816f67e2fe7","slug":"mithilavas-became-emotional-after-seeing-ram-lakhan-ambedkar-nagar-news-lko650722177","type":"story","status":"publish","title_hn":"राम लखन को देख भावविभोर हुए मिथिलावासी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राम लखन को देख भावविभोर हुए मिथिलावासी
विज्ञापन
टांडा (अंबेडकरनगर)। श्रीराम लीला समिति चौक में तीसरे दिन कलाकारों ने जनक बाजार व फुलवारी लीला के प्रसंगों का मनमोहक मंचन किया। इसमें दिखाया गया कि राजा जनक के आमंत्रण पर जब गुरु विश्वामित्र के साथ राम लक्ष्मण मिथिला जाते हैं तो दोनों भाई गुरू विश्वामित्र की आज्ञा लेकर जनकपुर बाजार घूमने निकल पड़ते हैं। राम लखन की इस सुंदर जोड़ी को देखकर वहां के निवासी भावविभोर हो जाते हैं।
बाजार में राम लखनऊ जब दुकानों पर पहुंचते हैं तो दुकानदार अपने सामानों की खूबियां गिनाने लगते हैं। इस दौरान दोनों भाई घूमते घूमते पुष्प वाटिका में पहुंच जाते हैं। दोनों भाई जब गुरूजी की पूजा के लिए कुछ पुष्प चुनने की कोशिश करते हैं तो वहां मौजूद माली उनसे कहता है कि प्रभु आप कष्ट न करिए मैं अपने हाथों से पुष्प चुन देता हूं। उसी समय जनकनंदनी जानकी भी अपनी सहेलियों के साथ पुष्प वाटिका में पहुंचती हैं।
दोनों भाइयों को देख जानकी की प्रिय सखी अपनी सुधबुध खो देती हैं। तभी जानकी की नजर भी श्रीराम पर पड़ती है। वह भी उन्हें बिना पलक झपकाएं बस देखती ही रह जाती है। इसके बाद सभी सहेलियां उन्हें पूजन के लिए गौरी जी के मंदिर ले जाती हैं। मंचन में सलिल अग्रवाल, पप्पू यादव, काशी मिश्र, आकाश शाह व केतन सोनी आदि का सहयोग काफी सराहनीय रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
बाजार में राम लखनऊ जब दुकानों पर पहुंचते हैं तो दुकानदार अपने सामानों की खूबियां गिनाने लगते हैं। इस दौरान दोनों भाई घूमते घूमते पुष्प वाटिका में पहुंच जाते हैं। दोनों भाई जब गुरूजी की पूजा के लिए कुछ पुष्प चुनने की कोशिश करते हैं तो वहां मौजूद माली उनसे कहता है कि प्रभु आप कष्ट न करिए मैं अपने हाथों से पुष्प चुन देता हूं। उसी समय जनकनंदनी जानकी भी अपनी सहेलियों के साथ पुष्प वाटिका में पहुंचती हैं।
विज्ञापन
दोनों भाइयों को देख जानकी की प्रिय सखी अपनी सुधबुध खो देती हैं। तभी जानकी की नजर भी श्रीराम पर पड़ती है। वह भी उन्हें बिना पलक झपकाएं बस देखती ही रह जाती है। इसके बाद सभी सहेलियां उन्हें पूजन के लिए गौरी जी के मंदिर ले जाती हैं। मंचन में सलिल अग्रवाल, पप्पू यादव, काशी मिश्र, आकाश शाह व केतन सोनी आदि का सहयोग काफी सराहनीय रहा।
विज्ञापन