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माइनर कटी, 100 बीघा धान की फसल डूबी
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
Updated Wed, 17 Aug 2016 11:21 PM IST
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अंबेडकरनगर के अशरफपुर पचाउख में मंगलवार देर रात माइनर कटने से डूबी धान की फसल।
- फोटो : अमर उजाला
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तहसील क्षेत्र अकबरपुर अंतर्गत अशरफपुर पचाउख गांव के निकट से होकर गुजर रही माइनर में मंगलवार देर रात कटान हो गई। इससे लगभग 130 किसानों की 100 बीघा से अधिक धान की फसल पूरी तरह डूब गई। बुधवार सुबह ग्रामीणों को जानकारी हुई तो उनमें हड़कंप मच गया।
सूचना के बावजूद संबंधित अधिकारी नहीं पहुंचे। इस पर ग्रामीणों ने स्वयं ही जेसीबी से कटान रोकने का कार्य शुरू कर दिया। समाचार प्रेषण तक कटान रुक गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि तीन दिनों से माइनर में रिसाव हो रहा था। इसकी जानकारी अधिकारियों को दी गई लेकिन ध्यान नहीं दिया गया।
बुधवार सुबह जब अशरफपुर पचाउख के कुछ लोग खेत की तरफ गए तो वहां का दृश्य देखकर सन्न रह गए। चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा था। ग्रामीणों की गुहार पर बड़ी संख्या में अन्य लोग मौके पर जुट गए। ग्रामीणों ने कटान की जानकारी संबंधित अधिकारियों को देने के साथ ही कटान रोकने का कार्य प्रारंभ कर दिया।
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जब काफी देर तक कोई भी अधिकारी व कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा तो ग्रामीणों ने स्वयं ही जेसीबी लगाकर क्षतिग्रस्त हुए भाग को ठीक करना शुरू कर दिया। लगभग चार घंटे के अथक प्रयास के बाद कटान को रोका जा सका लेकिन तब तक लगभग 130 किसानों की 100 बीघा से अधिक धान की फसल डूब चुकी थी।
दरअसल गांव के निकट से होकर गुजरी माइनर में मंगलवार देर रात चकापर पुरवा के निकट कटान हो गई। इससे धीरे-धीरे माइनर का पानी खेतों को अपनी चपेट में लेने लगा। कटान से प्रभावित सिकंदर, घनश्याम, बृजभूषण, धर्मेंद्र व लालबिहारी आदि ने नाराजगी जताते हुए कहा कि तीन दिनों से माइनर में रिसाव हो रहा था।
इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को दी गई थी लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इसी का नतीजा रहा कि मंगलवार देर रात कटान हो गई जिसका खामियाजा लगभग 130 किसानों को भुगतना पड़ा। कहा कि फिलहाल धान की फसल को नुकसान नहीं है लेकिन यदि पानी भरा रहा तो इससे फसल के सड़ने की आशंका बढ़ जाएगी जिससे संबंधित किसानों को बड़ा नुकसान हो सकता है।
इस मामले पर एडीएम रामसूरत पांडेय ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। पड़ताल कराई जा रही है। यदि कटान हुई है तो संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को मौके पर भेजा जाएगा।
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सूचना के बावजूद संबंधित अधिकारी नहीं पहुंचे। इस पर ग्रामीणों ने स्वयं ही जेसीबी से कटान रोकने का कार्य शुरू कर दिया। समाचार प्रेषण तक कटान रुक गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि तीन दिनों से माइनर में रिसाव हो रहा था। इसकी जानकारी अधिकारियों को दी गई लेकिन ध्यान नहीं दिया गया।
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बुधवार सुबह जब अशरफपुर पचाउख के कुछ लोग खेत की तरफ गए तो वहां का दृश्य देखकर सन्न रह गए। चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा था। ग्रामीणों की गुहार पर बड़ी संख्या में अन्य लोग मौके पर जुट गए। ग्रामीणों ने कटान की जानकारी संबंधित अधिकारियों को देने के साथ ही कटान रोकने का कार्य प्रारंभ कर दिया।
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जब काफी देर तक कोई भी अधिकारी व कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा तो ग्रामीणों ने स्वयं ही जेसीबी लगाकर क्षतिग्रस्त हुए भाग को ठीक करना शुरू कर दिया। लगभग चार घंटे के अथक प्रयास के बाद कटान को रोका जा सका लेकिन तब तक लगभग 130 किसानों की 100 बीघा से अधिक धान की फसल डूब चुकी थी।
दरअसल गांव के निकट से होकर गुजरी माइनर में मंगलवार देर रात चकापर पुरवा के निकट कटान हो गई। इससे धीरे-धीरे माइनर का पानी खेतों को अपनी चपेट में लेने लगा। कटान से प्रभावित सिकंदर, घनश्याम, बृजभूषण, धर्मेंद्र व लालबिहारी आदि ने नाराजगी जताते हुए कहा कि तीन दिनों से माइनर में रिसाव हो रहा था।
इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को दी गई थी लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इसी का नतीजा रहा कि मंगलवार देर रात कटान हो गई जिसका खामियाजा लगभग 130 किसानों को भुगतना पड़ा। कहा कि फिलहाल धान की फसल को नुकसान नहीं है लेकिन यदि पानी भरा रहा तो इससे फसल के सड़ने की आशंका बढ़ जाएगी जिससे संबंधित किसानों को बड़ा नुकसान हो सकता है।
इस मामले पर एडीएम रामसूरत पांडेय ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। पड़ताल कराई जा रही है। यदि कटान हुई है तो संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को मौके पर भेजा जाएगा।