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700 स्कूलों में एमडीएम ठप
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
Updated Tue, 24 Nov 2015 11:17 PM IST
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पंचायत चुनाव के कारण जिले के 700 से अधिक परिषदीय विद्यालयों में एमडीएम योजना ठप हो गई है। लगभग 90 हजार छात्र-छात्राओं को प्रतिदिन एमडीएम से वंचित होना पड़ रहा है। इसका कारण अधिकारियों की उदासीनता और चुनाव लड़ रहे ग्राम प्रधानों की मनमानी है। कई जगह धनाभाव का संकट भी बताया जा रहा है।
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जिले में एमडीएम योजना पहले से ही बदहाल थी। पंचायत चुनाव के कारण अब यह योजना बेपटरी हो गई है। ग्राम प्रधान चुनाव की घोषणा होने के बाद से ही प्रधानों ने एमडीएम से ध्यान हटा लिया है। जिले में कुल 681 उच्च प्राथमिक विद्यालय व 1338 प्राथमिक विद्यालय हैं, जिनमें तीन लाख से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं।
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ग्राम प्रधानों की मनमानी को लेकर कई प्रधानाध्यापकों ने बीते दिनों विभागीय अधिकारियों को भी जानकारी दी लेकिन कार्रवाई न होने से बच्चों को एमडीएम का लाभ नहीं मिल पा रहा है। अकबरपुर शिक्षा क्षेत्र के सोनगांव निवासी रामसूरत व अरविन्द का कहना है कि अधिकारियों की उदासीनता के कारण ही योजना बेपटरी हुई है।
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ग्राम प्रधान की ओर से भी लापरवाही बरती जा रही है। टांडा तहसील के रामनिहोर व बब्लू वर्मा ने बताया कि उन प्राथमिक विद्यालयों में भी एमडीएम नहीं बन रहा है, जहां मौजूदा ग्राम प्रधान आरक्षण के कारण चुनाव नहीं लड़ पा रहे हैं, वे भी एमडीएम में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं।
नाम न छापने की शर्त पर कुछ प्रधानाध्यापकों ने बताया कि खाते में पैसा न होने के कारण एमडीएम कई जगह ठप है। जलालपुर प्रतिनिधि के मुताबिक क्षेत्र के 120 से अधिक विद्यालयों में एमडीएम ठप है। जबकि भीटी प्रतिनिधि ने बताया कि क्षेत्र में 75 विद्यालयों में भोजन नहीं बन रहा है।
अकबरपुर के 125 व टांडा के 100 से अधिक विद्यालयों में एमडीएम ठप है। सभी नौ ब्लॉकों को मिलाकर लगभग 700 विद्यालयों में एमडीएम ठप होने की सूचना है, जबकि विभाग लगभग साढ़े 400 विद्यालयों में ही एमडीएम न बनना मान रहा है।
एमडीएम प्रभारी सत्यप्रकाश मौर्य ने बताया कि शैक्षिक सत्र शुरू होने पर अप्रैल में संबंधित विद्यालयों के खाते में प्रथम किस्त के रूप में 1 करोड़ 66 लाख 44 हजार रुपये व द्वितीय किस्त के रूप में तीन माह बाद जुलाई में 79 लाख 94 हजार रुपये की किस्त भेजी गई थी।
अब तृतीय किस्त के रूप में धन भेजने की प्रक्रिया चल रही है, जिलाधिकारी से इसकी संस्तुति भी करा ली गई है। गुरुवार तक 661 उच्च प्राथमिक विद्यालय में 80 लाख 78 हजार रुपये और 1361 प्राथमिक विद्यालयों के खाते में 1 करोड़ 3 लाख 43 हजार रुपये भेज दिए जाएंगे।