फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ambedkar Nagar News ›   Locks were hanging at 37 centers of PCF on the first day itself

पहले दिन ही पीसीएफ के 37 केंद्रों पर लटके रहे ताले

Tue, 02 Nov 2021 12:00 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 02 Nov 2021 12:00 AM IST
विज्ञापन
Locks were hanging at 37 centers of PCF on the first day itself
अंबेडकरनगर। धान की खरीद सोमवार से प्रारंभ हो गई, मगर पहले ही दिन पीसीएफ के ज्यादातर क्रय केंद्रों के ताले नहीं खुले। कारण यह कि पीसीएफ के 37 केंद्रों पर तैनात सचिव विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर रहे, जिससे इन केंद्रों पर ताले लटके रहे। अन्य एजेंसियों के जो केंद्र सोमवार को खुले भी, तो यहां सन्नाटा पसरा रहा। कारण यह कि या तो अभी धान की पूरी तरह से कटाई नहीं हो सकी है या फिर ऑनलाइन सत्यापन की प्रक्रिया नहीं पूरी हुई। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में खरीद कार्य में तेजी आएगी। जिले को मिले धान खरीद के 15 लाख 84 हजार क्विंटल के लक्ष्य को पूरा करने के लिए जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 6 एजेंसियों के 67 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं।
विज्ञापन

धान खरीद के पहले दिन क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहा। एक नवंबर से धान की खरीद की शुरुआत हुई, मगर किसी भी केंद्र पर धान बिक्री के लिए एक भी किसान नही पहुंचा। जिले को मिले 15 लाख 84 हजार क्विंटल धान की खरीदारी के लिए जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 6 एजेंसियों के 67 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। वैसे तो एक नवंबर से सभी क्रय केंद्रों को खोले जाने के दिशा निर्देश दिए गए थे, लेकिन पीसीएफ के केंद्रों पर तैनात सचिवों के विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर चलने से पीसीएफ के ज्यादातर केंद्रों पर ताले ही लटके रहे। जो केंद्र खुले भी, तो वहां एक भी किसान धान बिक्री करने के लिए नहीं पहुंचा। कारण यह कि या तो अभी धान की फसल की पूरी तरह से कटाई नहीं हो सकी या फिर उपज की बिक्री के लिए ऑनलाइन सत्यापन का कार्य नहीं पूरा हुआ है। इस बीच धान खरीद में एक उल्लेखनीय प्रगति यह है कि लगभग सभी केंद्रों के पास पर्याप्त बोरे पहुंच गए हैं। केंद्रों पर तौल मशीन के साथ ही पैसों की भी उपलब्धता है।
विज्ञापन

राइस मिल मालिकों ने प्रशासन को सौंप दी मिलों की चाबी
राइस मिलर्स वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारी सोमवार को जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने अपने मिलों की चाबी उन्हें सौंपनी चाही, तो अधिकारी ने उसे रिसीव करने से इंकार कर दिया। इस पर राइस मिल मालिकों ने अपनी चाबी उनकी मेज पर रख दी। इसके बाद जिलाधिकारी को संबोधित 10 सूत्री ज्ञापन खाद्य एवं विपणन अधिकारी को सौंपा। संरक्षक गोविंद अग्रवाल ने कहा कि क्रय केंद्रों द्वारा जो धान खरीदा जाता है, उसमें 56 से 60 प्रतिशत तक रिकवरी आती है, जबकि मिल मालिकों से 67 प्रतिशत रिकवरी ली जाती है। यह उनके साथ अन्याय है। रिकवरी प्रतिशत को कम किए जाने की मांग को नजरअंदाज किया जा रहा है। इससे राइस मिलों को नुकसान प्रत्येक सीजन में होता है। कहा कि धान कुटाई में प्रोत्साहन राशि में वृद्धि की जाए। अध्यक्ष दिनेश कुमार अग्रहरि ने कहा कि मिलों का विभिन्न एजेंसियों पर भुगतान बकाया है। यदि मिल पर सरकारी चावल बकाया रहता है, तो सरकार उस पर ब्याज लगाती है, लेकिन हम लोगों का जो भी बकाया होता है, तो ऐसा कोई प्राविधान नहीं होता। मांग की कि धान व चावल का परिवहन मिलाें की ओर कराया जाए, अधोमानक धान को रिजेक्ट किए जाने का अधिकार मिल को दिया जाए। चावल में आने वाली नमी के बदले चावल लिया जाए, न कि बिल से कटौती हो। इस मौके पर राजमणि साहू, नंदलाल जायसवाल, यमुनाप्रसाद अग्रहरि, प्रमोद सिंह, अशोक कुमार अग्रहरि आदि मौजूद रहे। उधर खाद्य एवं विपणन अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि राइस मिल मालिकों की ओर से चाबी मेज पर रख दी गई है, लेकिन उसे स्वीकार नहीं किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

क्रय केंद्रों पर तैयारियां पूरी
धान बिक्री करने में किसानों को समस्या न हो, इसके लिए सभी 73 क्रय केंद्रों पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सभी केंद्रों पर बोरा व धनराशि पहुंचा दी गई है। किसानों को चाहिए कि वे ऑनलाइन सत्यापन कराकर संबंधित क्रय केंद्र पर उपज की बिक्री करें।
-राजेश कुमार, खाद्य एवं विपणन अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed