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लर्निग आउट कम परीक्षा में शामिल हुए परिषदीय स्कूल के बच्चे
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अंबेडकरनगर के अकबरपुर में चल रही लर्निंग आउट कम परीक्षा का जाजया लेते सचल दल टीम के सदस्य।
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
अंबेडकरनगर। परिषदीय विद्यालयों में शुक्रवार को लर्निंग आउटकम परीक्षा हुई। शासन के निर्देश पर इस परीक्षा में कक्षा 5 से 8 तक के बच्चों ने हिस्सा लिया। हालांकि देवोत्थानी एकादशी पर्व होने के चलते कई विद्यालयों में नामांकन के सापेक्ष छात्र संख्या कम रही। परीक्षा को नकलविहीन संपन्न कराने के लिए प्रधानाध्यापकों की ड्यूटी दूसरे के विद्यालयों में लगायी गई थी।
बीते दिनों प्रदेश सरकार परिषदीय विद्यालयों की शिक्षा गुणवत्ता परखने के लिए योजना तैयार की। इसके तहत लर्निंग आउटकम परीक्षा होनी है। इसका उद्देश्य है कि बच्चों को कोई बात आसानी से समझ में आए और शिक्षक उसे आसान भाषा में समझाएं। इसके लिए पिछले दिनों शिक्षकों को भी प्रशिक्षित किया गया था। शिक्षकों को सुझाव दिया गया कि बच्चों को इस नई पद्घति से शिक्षा दी जाए।
कहा गया कि लर्निंग आउटकम परीक्षा के मूल्यांकन के बाद परिणाम के अनुसार विद्यालयों की ग्रेडिंग सुनिश्चित की जाएगी। यह प्रक्रिया अगले सत्र में भी चलेगी। इसके बाद दोनों सत्रों के परीक्षा परिणामों की तुलना की जाएगी। यदि इस योजना से बच्चों व विद्यालय की शिक्षा गुणवत्ता में सुधार होगा तो इसके आगे भी लागू किया जाएगा। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए शुक्रवार को जिले के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में लर्निंग आउटकम परीक्षा का आयोजन हुआ।
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लर्निंग आउटकम परीक्षा में प्राथमिक विद्यालय के कक्षा 5 तथा उच्च प्राथमिक विद्यालय के कक्षा 6 से 8 तक के छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। परीक्षा नकलविहीन हो इसके लिए प्रधानाध्यापकों की ड्यूटी दूसरे विद्यालयों में लगायी गई।
हालांकि शुक्रवार को देवोत्थानी एकादशी होने के चलते विद्यालयों में छात्रों की संख्या कम रही। ज्यादातर बच्चे अवकाश होने की सोचकर विद्यालय नहीं पहुंचे। दो घंटे की परीक्षा सुबह साढ़े 10 बजे से शुरू होकर साढ़े 12 बजे संपन्न हुई।
परीक्षार्थियों से गणित, अंग्रेजी, विज्ञान व सामान्य अध्ययन आदि विषयों से बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे गए। छात्र-छात्राओं को प्रश्नपत्र के साथ ही ओएमआर सीट भी उपलब्ध करायी गई जिस पर बच्चों ने अपना उत्तर लिखा।
प्राथमिक विद्यालय अरियौना की प्रधानाध्यापिका रेखा पांडेय ने बताया कि उनके यहां कक्षा 5 के 9 बच्चे पंजीकृत हैं जिनमें से 8 उपस्थित रहे। जोगापुर प्राथमिक विद्यालय में 18 के सापेक्ष तीन बच्चे अनुपस्थित रहे। उच्च प्राथमिक विद्यालय बड़ागांव के प्रधानाध्यापक निशात अहमद ने बताया कि उनके यहां 103 के सापेक्ष 72 बच्चे उपस्थित रहे।
सचल दल ने किया निरीक्षण
सह समन्वयक बेसिक शिक्षा बीपी सिंह ने बताया कि परीक्षा में किसी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए सचल दस्ता बनाया गया था। भीटी, कटेहरी व अकबरपुर में निगरानी रखने के लिए डायट प्राचार्य, प्रवक्ता, जिला समन्वयक समग्र शिक्षा, जहांगीरगंज, जलालपुर व अभियांव शिक्षा क्षेत्र के लिए डीआईओएस, जिला समन्वयक समेकित शिक्षा, जिला समन्वयक मध्याह्न भोजन, ईएमआईएस इंचार्ज समग्र शिक्षा, टांडा, बसखारी, रामनगर के लिए बीएसए, सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी, जिला समन्वयक मध्याह्न भोजन को सौंपी गई थी। इसके अलावा ब्लॉक स्तर पर एबीएसए के अलावा बीडीओ व सीडीओ को भी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। सचल दल ने विभिन्न विद्यालयों का निरीक्षण भी किया।
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बीते दिनों प्रदेश सरकार परिषदीय विद्यालयों की शिक्षा गुणवत्ता परखने के लिए योजना तैयार की। इसके तहत लर्निंग आउटकम परीक्षा होनी है। इसका उद्देश्य है कि बच्चों को कोई बात आसानी से समझ में आए और शिक्षक उसे आसान भाषा में समझाएं। इसके लिए पिछले दिनों शिक्षकों को भी प्रशिक्षित किया गया था। शिक्षकों को सुझाव दिया गया कि बच्चों को इस नई पद्घति से शिक्षा दी जाए।
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कहा गया कि लर्निंग आउटकम परीक्षा के मूल्यांकन के बाद परिणाम के अनुसार विद्यालयों की ग्रेडिंग सुनिश्चित की जाएगी। यह प्रक्रिया अगले सत्र में भी चलेगी। इसके बाद दोनों सत्रों के परीक्षा परिणामों की तुलना की जाएगी। यदि इस योजना से बच्चों व विद्यालय की शिक्षा गुणवत्ता में सुधार होगा तो इसके आगे भी लागू किया जाएगा। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए शुक्रवार को जिले के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में लर्निंग आउटकम परीक्षा का आयोजन हुआ।
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लर्निंग आउटकम परीक्षा में प्राथमिक विद्यालय के कक्षा 5 तथा उच्च प्राथमिक विद्यालय के कक्षा 6 से 8 तक के छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। परीक्षा नकलविहीन हो इसके लिए प्रधानाध्यापकों की ड्यूटी दूसरे विद्यालयों में लगायी गई।
हालांकि शुक्रवार को देवोत्थानी एकादशी होने के चलते विद्यालयों में छात्रों की संख्या कम रही। ज्यादातर बच्चे अवकाश होने की सोचकर विद्यालय नहीं पहुंचे। दो घंटे की परीक्षा सुबह साढ़े 10 बजे से शुरू होकर साढ़े 12 बजे संपन्न हुई।
परीक्षार्थियों से गणित, अंग्रेजी, विज्ञान व सामान्य अध्ययन आदि विषयों से बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे गए। छात्र-छात्राओं को प्रश्नपत्र के साथ ही ओएमआर सीट भी उपलब्ध करायी गई जिस पर बच्चों ने अपना उत्तर लिखा।
प्राथमिक विद्यालय अरियौना की प्रधानाध्यापिका रेखा पांडेय ने बताया कि उनके यहां कक्षा 5 के 9 बच्चे पंजीकृत हैं जिनमें से 8 उपस्थित रहे। जोगापुर प्राथमिक विद्यालय में 18 के सापेक्ष तीन बच्चे अनुपस्थित रहे। उच्च प्राथमिक विद्यालय बड़ागांव के प्रधानाध्यापक निशात अहमद ने बताया कि उनके यहां 103 के सापेक्ष 72 बच्चे उपस्थित रहे।
सचल दल ने किया निरीक्षण
सह समन्वयक बेसिक शिक्षा बीपी सिंह ने बताया कि परीक्षा में किसी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए सचल दस्ता बनाया गया था। भीटी, कटेहरी व अकबरपुर में निगरानी रखने के लिए डायट प्राचार्य, प्रवक्ता, जिला समन्वयक समग्र शिक्षा, जहांगीरगंज, जलालपुर व अभियांव शिक्षा क्षेत्र के लिए डीआईओएस, जिला समन्वयक समेकित शिक्षा, जिला समन्वयक मध्याह्न भोजन, ईएमआईएस इंचार्ज समग्र शिक्षा, टांडा, बसखारी, रामनगर के लिए बीएसए, सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी, जिला समन्वयक मध्याह्न भोजन को सौंपी गई थी। इसके अलावा ब्लॉक स्तर पर एबीएसए के अलावा बीडीओ व सीडीओ को भी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। सचल दल ने विभिन्न विद्यालयों का निरीक्षण भी किया।