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Ambedkar Nagar News: मनरेगा श्रमिक की मौत पर श्रम विभाग देगा सवा पांच लाख रुपये
Sat, 30 Nov 2024 12:45 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Sat, 30 Nov 2024 12:45 AM IST
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अंबेडकरनगर। मनरेगा जाॅबकार्ड धारकों की कार्यस्थल पर दुर्घटना में मौत होने पर परिजन को श्रम विभाग की ओर से सवा पांच लाख रुपये दिए जाएंगे। यह सुविधा श्रम विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण कराने वाले श्रमिकों को ही मिलेगी। मनरेगा के उन कार्डधारकों को सुविधा का लाभ मिलेगा जिन्होंने कम से कम 90 दिन कार्य किया है। इसके साथ ही दिव्यांगता की स्थिति में एक लाख रुपये सहायता राशि दी जाएगी।
जनपद की 899 ग्राम पंचायतों में तीन लाख के करीब मनरेगा कार्डधारक हैं। इनमें से डेढ़ लाख के करीब ही सक्रिय हैं। इसमें से श्रम विभाग में 20 हजार ही पंजीकरण कराया है। ऐसे में विभाग अब अधिक से अधिक श्रमिकों का पंजीकरण कराने की तैयारी में है, जिससे हादसे के समय उनकी मदद की जा सके। श्रम विभाग के अनुसार श्रमिकों की बीमारी अथवा अन्य किसी कारणों से हुई मौत पर भी सवा दो लाख रुपये की मदद सरकार की ओर से मुहैया कराई जाएगी। ज्यादातर श्रमिक जानकारी के अभाव में श्रम विभाग में अपना पंजीकरण नहीं करा रहे हैं, जबकि इसके लिए न्यूनतम शुल्क रखा गया है। इसके लिए 20 रुपये पंजीकरण और 20 रुपये नवीनीकरण शुल्क निर्धारित है। श्रमिक एक अथवा तीन वर्ष के लिए अपना पंजीकरण करा सकते हैं। पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा प्रोत्साहन सहायता योजना के तहत पढ़ाने की सुविधा भी है।
कराएं पंजीकरण
मनरेगा के श्रमिकों के साथ ही कोई भी निर्माण श्रमिक किसी भी जनसेवा केंद्र पर जाकर विभाग में अपना पंजीकरण करा सकता है। दुर्घटना होने पर जांच के बाद योजना के तहत मिलने वाले लाभ को दिलाया जाएगा। -राजबहादुर यादव, डिप्टी कमिश्नर
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जनपद की 899 ग्राम पंचायतों में तीन लाख के करीब मनरेगा कार्डधारक हैं। इनमें से डेढ़ लाख के करीब ही सक्रिय हैं। इसमें से श्रम विभाग में 20 हजार ही पंजीकरण कराया है। ऐसे में विभाग अब अधिक से अधिक श्रमिकों का पंजीकरण कराने की तैयारी में है, जिससे हादसे के समय उनकी मदद की जा सके। श्रम विभाग के अनुसार श्रमिकों की बीमारी अथवा अन्य किसी कारणों से हुई मौत पर भी सवा दो लाख रुपये की मदद सरकार की ओर से मुहैया कराई जाएगी। ज्यादातर श्रमिक जानकारी के अभाव में श्रम विभाग में अपना पंजीकरण नहीं करा रहे हैं, जबकि इसके लिए न्यूनतम शुल्क रखा गया है। इसके लिए 20 रुपये पंजीकरण और 20 रुपये नवीनीकरण शुल्क निर्धारित है। श्रमिक एक अथवा तीन वर्ष के लिए अपना पंजीकरण करा सकते हैं। पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा प्रोत्साहन सहायता योजना के तहत पढ़ाने की सुविधा भी है।
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कराएं पंजीकरण
मनरेगा के श्रमिकों के साथ ही कोई भी निर्माण श्रमिक किसी भी जनसेवा केंद्र पर जाकर विभाग में अपना पंजीकरण करा सकता है। दुर्घटना होने पर जांच के बाद योजना के तहत मिलने वाले लाभ को दिलाया जाएगा। -राजबहादुर यादव, डिप्टी कमिश्नर
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