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डाटा सत्यापन के अभाव में 16 हजार से अधिक अन्नदाता परेशान
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फोटो 13, अंबेडकरनगर के कृषि भवन से जुड़े किसानों को नहीं मिल पा रही किसान सम्मान निधि योजना का लाभ।
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
अंबेडकरनगर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना जिले में जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते गति नहीं पकड़ पा रही है। 16314 पात्र आवेदकों को महज इसलिए योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है क्योंकि संबंधित तहसील के अधिकारी आवेदन का सत्यापन नहीं कर सके हैं। लंबे समय से लंबित डाटा के सत्यापन के लिए आवेदक लगातार तहसील मुख्यालय से लेकर कृषि भवन स्थित कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनकी सुध नहीं ली जा रही है। नतीजा यह है कि इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
केंद्र सरकार की अत्यंत महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना जिले में जिम्मेदारों की लापरवाही का शिकार होकर रह गई है। योजना का पात्र किसानों को सुचारु रूप से लाभ मिल सके, इसके लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिले की भी पांच तहसीलों के कुल 16314 पात्र किसानों का डाटा लंबे समय से सत्यापित नहीं किया जा सका है। सत्यापन प्रक्रिया पूरी न होने से संबंधित किसानों को योजना का लाभ नहीं मिल सका है।
आवेदकों का डाटा सत्यापित करने के लिए कई बार कृषि विभाग ने संबंधित तहसीलों को पत्र भी भेजा, लेकिन इसे लेकर जिम्मेदारों द्वारा तनिक भी गंभीरता नहीं दिखाई गई। कृषि विभाग के अनुसार अकबरपुर तहसील में 4998, टांडा में 2579, आलापुर में 3562, भीटी में 1612 तथा जलालपुर तहसील में 3563 आवेदन लंबित हैं। डाटा के सत्यापन व योजना के लाभ के लिए आवेदक किसान लगातार संबंधित तहसील मुख्यालय से लेकर कृषि भवन स्थित कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हेें सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है। योजना का लाभ दिलाने को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।
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अकबरपुर तहसील की संगीता व अखिलेश कुमार ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने योजना के लाभ के लिए लगभग एक वर्ष पूर्व ऑनलाइन आवेदन किया था, लेकिन अब तक डाटा का सत्यापन न होने से उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल सका है। इसके लिए कई बार संबंधित कार्यालय का चक्कर लगाया, लेकिन कोई सुध नहीं ली गई। भीटी के राजेंद्र व कटेहरी के रामजियावन तथा टांडा के मोहम्मद नईम ने कहा कि उन्हें आवेदन किए लगभग छह माह होने को हैं, लेकिन अब तक योजना का लाभ नहीं मिल सका। इसके पीछे डाटा का सत्यापन न होना बताया जा रहा है।
आवेदन के सत्यापन के लिए 30 जनवरी को फिर से सभी एसडीएम को पत्र भेजा गया है, जिसमें निवेदन किया गया है कि लंबित डाटा का सत्यापन कर सूची विभाग को अविलंब उपलब्ध कराएं, जिससे पात्रों को योजना का लाभ मिल सके। इससे पहले भी कई बार पत्र भेजा जा चुका है। सत्यापन होते ही संबंधित को योजना का लाभ दिलाया जाएगा।
- डॉ. धर्मराज सिंह, प्रभारी उपकृषि निदेशक
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केंद्र सरकार की अत्यंत महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना जिले में जिम्मेदारों की लापरवाही का शिकार होकर रह गई है। योजना का पात्र किसानों को सुचारु रूप से लाभ मिल सके, इसके लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिले की भी पांच तहसीलों के कुल 16314 पात्र किसानों का डाटा लंबे समय से सत्यापित नहीं किया जा सका है। सत्यापन प्रक्रिया पूरी न होने से संबंधित किसानों को योजना का लाभ नहीं मिल सका है।
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आवेदकों का डाटा सत्यापित करने के लिए कई बार कृषि विभाग ने संबंधित तहसीलों को पत्र भी भेजा, लेकिन इसे लेकर जिम्मेदारों द्वारा तनिक भी गंभीरता नहीं दिखाई गई। कृषि विभाग के अनुसार अकबरपुर तहसील में 4998, टांडा में 2579, आलापुर में 3562, भीटी में 1612 तथा जलालपुर तहसील में 3563 आवेदन लंबित हैं। डाटा के सत्यापन व योजना के लाभ के लिए आवेदक किसान लगातार संबंधित तहसील मुख्यालय से लेकर कृषि भवन स्थित कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हेें सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है। योजना का लाभ दिलाने को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।
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अकबरपुर तहसील की संगीता व अखिलेश कुमार ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने योजना के लाभ के लिए लगभग एक वर्ष पूर्व ऑनलाइन आवेदन किया था, लेकिन अब तक डाटा का सत्यापन न होने से उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल सका है। इसके लिए कई बार संबंधित कार्यालय का चक्कर लगाया, लेकिन कोई सुध नहीं ली गई। भीटी के राजेंद्र व कटेहरी के रामजियावन तथा टांडा के मोहम्मद नईम ने कहा कि उन्हें आवेदन किए लगभग छह माह होने को हैं, लेकिन अब तक योजना का लाभ नहीं मिल सका। इसके पीछे डाटा का सत्यापन न होना बताया जा रहा है।
आवेदन के सत्यापन के लिए 30 जनवरी को फिर से सभी एसडीएम को पत्र भेजा गया है, जिसमें निवेदन किया गया है कि लंबित डाटा का सत्यापन कर सूची विभाग को अविलंब उपलब्ध कराएं, जिससे पात्रों को योजना का लाभ मिल सके। इससे पहले भी कई बार पत्र भेजा जा चुका है। सत्यापन होते ही संबंधित को योजना का लाभ दिलाया जाएगा।
- डॉ. धर्मराज सिंह, प्रभारी उपकृषि निदेशक