फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ambedkar Nagar News ›   Kisan

प्रशासन की सुस्ती से बढ़ रही बाढ़ प्रभावित किसानों की बेचैनी

Fri, 04 Sep 2020 11:09 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 04 Sep 2020 11:09 PM IST
विज्ञापन
Kisan
फोटो 2, अंबेडकरनगर के आलापुर में प्रदर्शन करते बाढ़ प्रभावित इटौरी ढोलीपुर गांव के किसान। - फोटो : AMBEDKAR NAGAR
राजेसुल्तानपुर। सरयू की बाढ़ से एक हजार से बीघा से अधिक की धान फसल बर्बाद होने मामले में किसानों ने प्रशासन पर उदासीनता का आरोप लगाया है। किसानों का आरोप है कि बाढ़ की विभीषिका ने न सिर्फ उनकी फसल बर्बाद की है बल्कि उनके भविष्य का सारा सपना तोड़ दिया है। उन लोगों के समक्ष दो वक्त की रोटी का संकट है। इसके बावजूद प्रशासन प्रभावित किसानों को समुचित मुआवजा दिलाने के लिए कोई सार्थक प्रयास करती नजर नही आ रही है। नाराज इटौरी ढोलीपुर के किसानों ने गांव में प्रदर्शन कर प्रशासन से अविलंब आर्थिक मदद मुहैया कराने की मांग की है। कहा कि यदि समय रहते उन लोगों की मदद न सुनिश्चित की गई तो उनके समक्ष भुखमरी का संकट खड़ा हो जाएगा।
विज्ञापन

गौरतलब है सरयू नदी में आई बाढ़ से क्षेत्र के दर्जनों गांवों के किसानों के धान की फसल बर्बाद हो गयी। फसल नष्ट हो जाने से जहां किसानों के भविष्य का सपना तो टूटा ही साथ ही उनके सामने दो वक्त की रोटी का भी संकट खड़ा हो गया। इसके अलावा धान रोपाई आदि में खर्च हजारों रुपए भी डूब गया। इसके चलते आलापुर तहसील क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों के किसान खासे परेशान हैं। किसानों का कहना है कि प्रशासन सिर्फ आश्वासन दे रहा है, अब तक कोई ठोस पहल सामने नही आ रही है। एक हजार से अधिक बीघा फसल बाढ़ के पानी में बर्बाद हो गई। प्रशासन मुआवजे की धनराशि मुहैया कराने की बात तो करता है, लेकिन अब तक उसका आंकलन तक कराने की जरूरत नहीं महसूस कर रहा है। प्रशासन की इस उदासीनता के चलते ही किसानों की बेचैनी बढ़ती जा रही है। किसानों का कहना है कि कृषि के बदौलत ही उनकी पूरी गृहस्थी चलती है। वह अपने परिवार का पेट पालने के साथ ही उनकी आवश्यकताओं का भी पूरा करते हैं।
विज्ञापन

प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए इटौरी ढोलीपुर के ग्रामीणों ने बुधवार को गांव में ही प्रदर्शन किया। कहा कि प्रशासन को अविलंब उनकी बर्बाद हुई फसल का आंकलन कराना चाहिए। इससे समय रहते उन्हें आर्थिक मदद मिल सके। किसान यशवंत सिंह, तालुकदार सिंह, राघवेंद्र सिंह, परमात्मा सिंह, रामसुमेर यादव, बिंद्रा शर्मा, गोमती यादव, संगम निषाद, रामकेश यादव, बलजोर निषाद, लोकई, उदयभान व लालचंद आदि ने प्रशासन से अविलंब क्षति का आंकलन कराने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कहा कि प्रशासन यदि ऐसे ही सुस्ती बरतता रहा तो उन्हें आर्थिक मदद मिलने में लम्बा समय लग जाएगा। फसल बर्बाद होने से कई किसान अवसादग्रस्त जीवन जी रहे हैं। ऐसे में प्रशासन को तत्परतापूर्वक काम करना चाहिए। कहा कि यदि अविलंब उनकी मांग न सुनी गई तो उन्हें तहसील व जिला मुख्यालय पर धरने पर बैठने के लिए विवश होना पड़ेगा।

किसानों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। तहसील प्रशासन प्रभावित किसानों व ग्रामीणों को सरकार से मुहैया होने वाली सभी सुविधाओं का लाभ बगैर किसी भेदभाव के मुहैया कराएगा। सरयू नदी के किनारे स्थित 28 प्रभावित गांवों को चिह्नित भी किया जा चुका है। आंकलन का कार्य भी राजस्व टीम को भेज कर कराया जा रहा है।
धीरेन्द्र श्रीवास्तव, उपजिलाधिकारी आलापुर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed