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दो दिन मनेगी कार्तिक पूर्णिमा, घाटों पर रहेगी रौनक
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अंबेडकरनगर के श्रवणक्षेत्र घाट पर श्रद्धालु करेंगे कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान व पूजन। -संवाद
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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आलापुर (अंबेडकरनगर)। कार्तिक पूर्णिमा का पर्व इस बार सोमवार व मंगलवार को मनाया जाएगा। इसके पहले दिन 7 नवंबर को श्रद्धालु कार्तिक पूर्णिमा का व्रत रखेंगे जबकि दूसरे दिन 8 नवंबर को पवित्र घाटों पर स्नान ध्यान के बाद दानपुण्य करेंगे। 8 नवंबर को ही लगने वाले चंद्रग्रहण के कारण शाम 6 बजकर 19 मिनट पर ग्रहण काल खत्म होने पर स्नान पूजन के बाद देव दीपावली का पर्व मनाया जाएगा। यह जानकारी मां सरयू सनातन सेवा आश्रम किन्नूपुर के आचार्य आशुतोष महाराज ने दी।
आचार्य ने बताया कि कार्तिक पूर्णिमा पर व्रत रख कर दान पुण्य करना विशेष फलदायी व हितकारी माना जाता है। ऐसे में श्रद्धालु सोमवार को कार्तिक पूर्णिमा का व्रत रखेंगे जबकि स्नान व दान पुण्य का कार्य अगले दिन मंगलवार को होगा। इसी दिन चन्द्रग्रहण भी लग रहा है। लखनऊ के निकटवर्ती क्षेत्र में यह शाम पांच बजकर 13 मिनट से प्रभावी होगा। इसका मोक्ष छह बजकर 19 मिनट पर है। सूतक काल आठ नवंबर को सुबह 8 बजकर 13 मिनट से प्रारंभ हो जाएगा। इस दौरान जप, दान व पूजन का विशेष महत्व है।
ग्रहणकाल खत्म हो जाने के बाद ही मंगलवार को शाम 6.19 मिनट के बाद देव दीपावली का पावन पर्व भी मनाया जाएगा। आचार्य ने बताया कि चंद्र ग्रहण देखने का फायदा व नुकसान राशि के ऊपर निर्भर करता है। जिनकी राशि में चंद्रग्रहण से लाभ है, उन्हें ग्रहण के दौरान चंद्र दर्शन करने के साथ जप व पूजन करना चाहिए और जिनकी राशि में ग्रहण से नुकसान है उन्हें ग्रहण काल में चंद्र दर्शन से बचना चाहिए।
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आचार्य ने बताया कि कार्तिक पूर्णिमा पर व्रत रख कर दान पुण्य करना विशेष फलदायी व हितकारी माना जाता है। ऐसे में श्रद्धालु सोमवार को कार्तिक पूर्णिमा का व्रत रखेंगे जबकि स्नान व दान पुण्य का कार्य अगले दिन मंगलवार को होगा। इसी दिन चन्द्रग्रहण भी लग रहा है। लखनऊ के निकटवर्ती क्षेत्र में यह शाम पांच बजकर 13 मिनट से प्रभावी होगा। इसका मोक्ष छह बजकर 19 मिनट पर है। सूतक काल आठ नवंबर को सुबह 8 बजकर 13 मिनट से प्रारंभ हो जाएगा। इस दौरान जप, दान व पूजन का विशेष महत्व है।
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ग्रहणकाल खत्म हो जाने के बाद ही मंगलवार को शाम 6.19 मिनट के बाद देव दीपावली का पावन पर्व भी मनाया जाएगा। आचार्य ने बताया कि चंद्र ग्रहण देखने का फायदा व नुकसान राशि के ऊपर निर्भर करता है। जिनकी राशि में चंद्रग्रहण से लाभ है, उन्हें ग्रहण के दौरान चंद्र दर्शन करने के साथ जप व पूजन करना चाहिए और जिनकी राशि में ग्रहण से नुकसान है उन्हें ग्रहण काल में चंद्र दर्शन से बचना चाहिए।
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