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Ambedkar Nagar News: गेहूं खरीद में गड़बड़ी, क्रय केंद्र प्रभारी पर प्राथमिकी
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जलालपुर। गेहूं खरीद में निर्धारित नियमों की अनदेखी और अनियमितता के मामले में बी-पैक्स सोसाइटी जीवत के सचिव एवं गेहूं क्रय केंद्र प्रभारी धर्मेंद्र कुमार के खिलाफ जलालपुर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज की गई है। सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता राघवेंद्र प्रताप शुक्ल की तहरीर और जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई है। रिपोर्ट में बिचौलियों अथवा फर्जी किसानों से गेहूं खरीद कर अवैध लाभ लेने की आशंका जताई गई है।
जांच रिपोर्ट के अनुसार जीवत निवासी सुशील कुमार चौधरी की शिकायत पर 30 अप्रैल 2026 को बी-पैक्स जीवत स्थित गेहूं क्रय केंद्र का निरीक्षण किया गया। मौके पर खरीदे गए गेहूं पर दावा करने वाला कोई व्यक्ति नहीं मिला। केंद्र प्रभारी ने किसान देवमणि द्विवेदी को गेहूं का विक्रेता बताया, लेकिन जांच के दौरान वह भी मौके पर नहीं मिले।
जांच में किसान पंजीकरण के अनुसार गेहूं बिक्री की अधिकतम सीमा 45 क्विंटल यानी 90 बोरी थी, जबकि केंद्र पर 135 बोरी गेहूं मिला। बाद में केंद्र प्रभारी ने सूर्य मणि द्विवेदी के पंजीकरण का हवाला दिया, लेकिन जांच के समय इस किसान का विवरण उपलब्ध नहीं था। केंद्र प्रभारी ने बताया कि नियमों की जानकारी न होने के कारण किसान के घर से गेहूं की तौल कराई गई थी। जांच रिपोर्ट में कहा गया कि खरीद शुरू होने से पहले केंद्र प्रभारियों को गेहूं खरीद नीति, भंडारण, बिलिंग और भुगतान संबंधी नियमों का प्रशिक्षण दिया गया था।
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रिपोर्ट में शासन की गेहूं खरीद नीति के उल्लंघन का उल्लेख करते हुए बिचौलियों अथवा फर्जी किसानों से खरीद की आशंका जताई गई है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी की दो मई की जांच रिपोर्ट भी संलग्न है। राघवेंद्र प्रताप शुक्ल की तहरीर पर सात अक्तूबर को प्राथमिकी दर्ज हुई। सीओ अनूप कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
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जांच रिपोर्ट के अनुसार जीवत निवासी सुशील कुमार चौधरी की शिकायत पर 30 अप्रैल 2026 को बी-पैक्स जीवत स्थित गेहूं क्रय केंद्र का निरीक्षण किया गया। मौके पर खरीदे गए गेहूं पर दावा करने वाला कोई व्यक्ति नहीं मिला। केंद्र प्रभारी ने किसान देवमणि द्विवेदी को गेहूं का विक्रेता बताया, लेकिन जांच के दौरान वह भी मौके पर नहीं मिले।
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जांच में किसान पंजीकरण के अनुसार गेहूं बिक्री की अधिकतम सीमा 45 क्विंटल यानी 90 बोरी थी, जबकि केंद्र पर 135 बोरी गेहूं मिला। बाद में केंद्र प्रभारी ने सूर्य मणि द्विवेदी के पंजीकरण का हवाला दिया, लेकिन जांच के समय इस किसान का विवरण उपलब्ध नहीं था। केंद्र प्रभारी ने बताया कि नियमों की जानकारी न होने के कारण किसान के घर से गेहूं की तौल कराई गई थी। जांच रिपोर्ट में कहा गया कि खरीद शुरू होने से पहले केंद्र प्रभारियों को गेहूं खरीद नीति, भंडारण, बिलिंग और भुगतान संबंधी नियमों का प्रशिक्षण दिया गया था।
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रिपोर्ट में शासन की गेहूं खरीद नीति के उल्लंघन का उल्लेख करते हुए बिचौलियों अथवा फर्जी किसानों से खरीद की आशंका जताई गई है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी की दो मई की जांच रिपोर्ट भी संलग्न है। राघवेंद्र प्रताप शुक्ल की तहरीर पर सात अक्तूबर को प्राथमिकी दर्ज हुई। सीओ अनूप कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।