{"_id":"64398bc4fdb11b7e7e088436","slug":"interesting-battle-of-tickets-reached-the-threshold-of-state-leadership-ambedkar-nagar-news-c-13-1-183943-2023-04-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambedkar Nagar News: प्रदेश नेतृत्व के चौखट पर पहुंची टिकट की रोचक जंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambedkar Nagar News: प्रदेश नेतृत्व के चौखट पर पहुंची टिकट की रोचक जंग
विज्ञापन
अंबेडकरनगर। निकाय चुनाव में भाजपा के दावेदारों की जंग अब प्रदेश नेतृत्व के चौखट पर पहुंच गई है। टिकट हासिल करने के लिए लखनऊ में डेरा डाले भाजपा से जुड़े दावेदार अभी भी लखनऊ में डटे हुए हैं। इस बीच मौजूदा चुनाव में कई सीटों पर बागी व निर्दल प्रत्याशी मौजूदा हालात को देखते हुए प्रमुख दलों के समीकरण बिगाड़ेंगे। इसे देखतेे हुए ही भाजपा, सपा व बसपा को प्रत्याशियों का चयन करने में विशेष सावधानी बरतनी पड़ रही है।
निकाय चुुनाव को लेकर टिकट की दौड़ रोचक स्थिति में पहुंच गई है। सबसे ज्यादा मारामारी भाजपा में अकबरपुर सीट पर अध्यक्ष पद को लेकर है। यहां लगभग डेढ़ दर्जन दावेदार मैदान में हैं। अन्य नगर पालिका परिषद व नगर पंचायत में अध्यक्ष पद को लेकर भी प्रत्येक सीट पर चार से पांच दावेदार एक दूसरे से आगे निकलने की होड़ में हैं। इसी के चलते टिकट की जंग ज्यादा दिलचस्प हो चली है।
सभी सातों निकायों के अध्यक्ष पद के लिए नामों का पैनल क्षेत्र कार्यालय से होकर अब प्रदेश नेतृत्व के पास पहुंच गया है। इसके चलते ही टिकट की जंग का केंद्र अब प्रदेश नेतृत्व के ईदगिर्द सिमटकर रह गया है। प्रांतीय राजनीति के केंद्र में शामिल पार्टी के प्रमुख नेताओं के सामने अपनी दावेदारी मजबूत साबित करने का दौर शुक्रवार को राजधानी में दिनभर चला। खबर है कि प्रत्याशियों के नाम पर गोपनीय चर्चा के लिए जिलाध्यक्ष डॉ. मिथिलेश त्रिपाठी को बृहस्पतिवार देर शाम राजधानी बुलाया गया था।
विज्ञापन
जिलाध्यक्ष ने जरूरी फीडबैक दिया। इसके बाद वे वापस अंबेडकरनगर लौट आए। इस फीडबैक के बाद से ही टिकट की दौड़ और तेज हो गई। कुछ दावेदार छात्र राजनीति के संबंधों व संघर्षों का हवाला देकर दौड़ में आगे निकलने की कोशिश में हैं तो कुछ दावेदार संघ के भरोसे वैतरणी पार करने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। इस बीच खबर है कि अगले दो से तीन दिनों के भीतर स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट हो जाएगी।
बागी व निर्दल बनेंगे चुनौती
मौजूदा चुनाव में भाजपा, सपा व बसपा तीनों ही दलों को बागी प्रत्याशियों का सामना करना पड़ सकता है। इसमें अकबरपुर सीट का नाम सबसे ऊपर है। यहां तीनों ही दिनों के बागी प्रत्याशी मैदान में सामने आ सकते हैं। अन्य सीटों पर कहीं सपा, तो कहीं बसपा व भाजपा के बागी प्रत्याशी प्रमुख दलों के अधिकृत प्रत्याशियों का समीकरण बिगाड़ते दिखेंगे। इन सबसे इतर निर्दलीय प्रत्याशी भी इस बार पूरे दमखम से चुनाव मैदान में उतरते दिख रहे हैं। अकबरपुर, टांडा व जलालपुर सीटें इसमें अत्यंत प्रमुख रूप से शामिल हैं।
विज्ञापन
निकाय चुुनाव को लेकर टिकट की दौड़ रोचक स्थिति में पहुंच गई है। सबसे ज्यादा मारामारी भाजपा में अकबरपुर सीट पर अध्यक्ष पद को लेकर है। यहां लगभग डेढ़ दर्जन दावेदार मैदान में हैं। अन्य नगर पालिका परिषद व नगर पंचायत में अध्यक्ष पद को लेकर भी प्रत्येक सीट पर चार से पांच दावेदार एक दूसरे से आगे निकलने की होड़ में हैं। इसी के चलते टिकट की जंग ज्यादा दिलचस्प हो चली है।
विज्ञापन
सभी सातों निकायों के अध्यक्ष पद के लिए नामों का पैनल क्षेत्र कार्यालय से होकर अब प्रदेश नेतृत्व के पास पहुंच गया है। इसके चलते ही टिकट की जंग का केंद्र अब प्रदेश नेतृत्व के ईदगिर्द सिमटकर रह गया है। प्रांतीय राजनीति के केंद्र में शामिल पार्टी के प्रमुख नेताओं के सामने अपनी दावेदारी मजबूत साबित करने का दौर शुक्रवार को राजधानी में दिनभर चला। खबर है कि प्रत्याशियों के नाम पर गोपनीय चर्चा के लिए जिलाध्यक्ष डॉ. मिथिलेश त्रिपाठी को बृहस्पतिवार देर शाम राजधानी बुलाया गया था।
विज्ञापन
जिलाध्यक्ष ने जरूरी फीडबैक दिया। इसके बाद वे वापस अंबेडकरनगर लौट आए। इस फीडबैक के बाद से ही टिकट की दौड़ और तेज हो गई। कुछ दावेदार छात्र राजनीति के संबंधों व संघर्षों का हवाला देकर दौड़ में आगे निकलने की कोशिश में हैं तो कुछ दावेदार संघ के भरोसे वैतरणी पार करने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। इस बीच खबर है कि अगले दो से तीन दिनों के भीतर स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट हो जाएगी।
बागी व निर्दल बनेंगे चुनौती
मौजूदा चुनाव में भाजपा, सपा व बसपा तीनों ही दलों को बागी प्रत्याशियों का सामना करना पड़ सकता है। इसमें अकबरपुर सीट का नाम सबसे ऊपर है। यहां तीनों ही दिनों के बागी प्रत्याशी मैदान में सामने आ सकते हैं। अन्य सीटों पर कहीं सपा, तो कहीं बसपा व भाजपा के बागी प्रत्याशी प्रमुख दलों के अधिकृत प्रत्याशियों का समीकरण बिगाड़ते दिखेंगे। इन सबसे इतर निर्दलीय प्रत्याशी भी इस बार पूरे दमखम से चुनाव मैदान में उतरते दिख रहे हैं। अकबरपुर, टांडा व जलालपुर सीटें इसमें अत्यंत प्रमुख रूप से शामिल हैं।