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खाद्य सुरक्षा के दायरे में आए तीन लाख परिवार
अंबेडकरनगर/अमर उजाला ब्यूराे
Updated Tue, 01 Mar 2016 10:45 PM IST
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जिले के 3 लाख से अधिक परिवारों के लिए बड़ी खुशखबरी है। अब उन्हें भी खाद्य सुरक्षा कानून का लाभ मिलेगा। शासन ने अब अंबेडकरनगर समेत प्रदेश के सभी जिले को भी इस योजना में शामिल कर लिया है। इसके तहत प्रत्येक संबंधित परिवार को 2 रुपये किलो की दर से गेहूं तथा 3 रुपये प्रति किलो की दर से चावल प्रदान किया जाएगा। कानून के मुताबिक प्रति व्यक्ति को प्रत्येक माह तीन किलो गेहूं व दो किलो चावल मिलेगा। योजना का लाभ पात्रों को दिलाने के लिए प्रशासन ने सभी आवश्यक तैयारियां तेज कर दी हैं। 6 मार्च को इस योजना के तहत संबंधित परिवारों को सस्ते दर पर खाद्यान्न वितरण का कार्य शुरू होगा।
गौरतलब है कि भुखमरी व भोजन के संकट से बचाने के लिए ही खाद्य सुरक्षा कानून देश में लागू किया गया है। अभी तक इस योजना का लाभ प्रदेश के सिर्फ 28 जिले ही उठा रहे थे, जबकि अब शासन ने वंचित अन्य सभी जनपदों को खाद्य सुरक्षा कानून के दायरे में शामिल कर लिया है। ऐसा हो जाने से अब जिले के तमाम एपीएल व बीपीएल श्रेणी के परिवारीजनों को भी सस्ती दर पर गेहूं व चावल की सुविधा का लाभ मिल सकेगा। बताते चलें कि पूर्व में 2 लाख 32 हजार 59 बीपीएल, एपीएल व अन्त्योदय कार्डधारकों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली योजना के तहत खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा था। भुखमरी व भोजन संकट दूर करने के लिए जिले में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत खाद्य सुरक्षा कानून अन्तर्गत 1 लाख 682 नए पात्रों का चयन बीते दिनों किया था। इस प्रकार अब जिले में खाद्य सुरक्षा कानून के तहत 3 लाख 32 हजार 741 परिवारों को योजना का लाभ मिलेगा।
योजना के तहत चयनित प्रति व्यक्ति को प्रतिमाह 2 रुपये प्रति किलो की दर से तीन किलो गेहूं और 3 रुपये प्रति किलो की दर से 2 किलो चावल उपलब्ध कराया जाएगा। सस्ते दर पर खाद्यान्न मिलने का पात्रों ने बढ़-चढ़कर स्वागत किया है। हालांकि उन्हें यह भी आशंका है कि कहीं यह योजना संबंधित अधिकारियों व कोटेदारों की मनमानी की भेंट न चढ़ जाए। अकबरपुर के मितई व सुमिरन ने कहा कि सस्ते दर पर खाद्यान्न उपलब्ध होने से उनकी काफी हद तक समस्या दूर हो जाएगी। योजना का पात्रों को समुचित लाभ दिलाने के लिए संबंधित अधिकारियों को भी ठोस कदम उठाना होगा, अन्यथा इस योजना का भी हाल सार्वजनिक वितरण प्रणाली की तरह हो जाएगा।
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गौरतलब है कि भुखमरी व भोजन के संकट से बचाने के लिए ही खाद्य सुरक्षा कानून देश में लागू किया गया है। अभी तक इस योजना का लाभ प्रदेश के सिर्फ 28 जिले ही उठा रहे थे, जबकि अब शासन ने वंचित अन्य सभी जनपदों को खाद्य सुरक्षा कानून के दायरे में शामिल कर लिया है। ऐसा हो जाने से अब जिले के तमाम एपीएल व बीपीएल श्रेणी के परिवारीजनों को भी सस्ती दर पर गेहूं व चावल की सुविधा का लाभ मिल सकेगा। बताते चलें कि पूर्व में 2 लाख 32 हजार 59 बीपीएल, एपीएल व अन्त्योदय कार्डधारकों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली योजना के तहत खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा था। भुखमरी व भोजन संकट दूर करने के लिए जिले में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत खाद्य सुरक्षा कानून अन्तर्गत 1 लाख 682 नए पात्रों का चयन बीते दिनों किया था। इस प्रकार अब जिले में खाद्य सुरक्षा कानून के तहत 3 लाख 32 हजार 741 परिवारों को योजना का लाभ मिलेगा।
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योजना के तहत चयनित प्रति व्यक्ति को प्रतिमाह 2 रुपये प्रति किलो की दर से तीन किलो गेहूं और 3 रुपये प्रति किलो की दर से 2 किलो चावल उपलब्ध कराया जाएगा। सस्ते दर पर खाद्यान्न मिलने का पात्रों ने बढ़-चढ़कर स्वागत किया है। हालांकि उन्हें यह भी आशंका है कि कहीं यह योजना संबंधित अधिकारियों व कोटेदारों की मनमानी की भेंट न चढ़ जाए। अकबरपुर के मितई व सुमिरन ने कहा कि सस्ते दर पर खाद्यान्न उपलब्ध होने से उनकी काफी हद तक समस्या दूर हो जाएगी। योजना का पात्रों को समुचित लाभ दिलाने के लिए संबंधित अधिकारियों को भी ठोस कदम उठाना होगा, अन्यथा इस योजना का भी हाल सार्वजनिक वितरण प्रणाली की तरह हो जाएगा।
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