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हालात बिगड़े तो सील होगी जिले की सीमा
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अंबेडकरनगर। अयोध्या विवाद के सुप्रीम कोर्ट से आने वाले फैसले को लेकर किसी प्रकार की प्रतिकूल परिस्थिति उत्पन्न होने पर पलक झपकते ही जिले की सीमा को सील कर दिया जाएगा। पुलिस-प्रशासन ने इसकी तैयारियां करते हुए 12 जगह पर बैरियर लगवा दिए हैं।
आठ विद्यालयों को अस्थाई जेल के लिए पहले ही चिह्नित किया जा चुका है। सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से जिले को एक सुपर जोन, पांच जोन व 17 सेक्टर जोन में बांटा गया है। किसी भी प्रकार की अराजकता से निपटने के लिए पुलिस अधिकारियों ने समुचित प्रबंध शुरू कर दिए हैं। जिले में पुलिसकर्मियों की सक्रियता बढ़ा दी गई है। रात्रि गश्त को और भी पुख्ता किया जा रहा है।
गौरतलब है कि आगामी दिनों में सुप्रीम कोर्ट द्वारा अयोध्या मामले में फैसला सुनाया जाना है। ऐसे में जिले में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस-प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। अयोध्या से सटा होने के चलते अंबेडकरनगर जिला अधिक संवेदनशील माना जाता है। ऐसे में सुरक्षा की दृष्टि से जिले में पुख्ता इंतजाम किये जा रहे हैं।
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तैयारी ये है कि किसी भी प्रकार की प्रतिकूल परिस्थिति उत्पन्न होने पर पलक झपकते ही जिले की सभी सीमाएं सील कर दी जाएंगी। जिले में अकबरपुर अयोध्या मार्ग, मया टांडा मार्ग, भीटी तारुन मार्ग, महरुआ सुल्तानपुर मार्ग, बेवाना दोस्तपुर मार्ग, मालीपुर शाहगंज मार्ग, जैतपुर आजमगढ़ जौनपुर मार्ग, जलालपुर आजमगढ़ मार्ग, बसखारी आजमगढ़ मार्ग, टांडा कलवारी मार्ग, राजेसुल्तानपुर आजमगढ़ मार्ग, जहांगीरगंज बिड़हर घाट समेत 12 स्थानों पर बैरियर लगा दिए गए हैं।
इन बैरियरों पर जनपद पुलिस के साथ ही अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती की जाएगी। बैरियर से होकर आवागमन करने वालों को समुचित जांच के बाद ही आगे जाने दिया जाएगा। इन सभी बैरियर को शुक्रवार को होने वाली सप्तकोसी परिक्रमा के बाद सक्रिय करने की तैयारी है।
अयोध्या मामले को लेकर आगामी दिनों में आने वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले को देखते हुए जिले को कड़े सुरक्षा घेरे में रखने की तैयारी की गई है। एएसपी अवनीश कुमार मिश्र ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से जिले को एक सुपर जोन, पांच जोन व 17 सेक्टर जोन में बांटा गया है। जोन व सेक्टर की सभी टीमें भ्रमण करने के दौरान सभी प्रकार की गतिविधियों पर नजर रखते हुए पल-पल की खबर सुपर जोन के मजिस्ट्रेट को देती रहेंगी।
जिले में शांति व्यवस्था कायम रखने व किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए जनपद पुलिस के साथ ही बाहर से आए अर्द्धसैनिक बल के जवानों को भी लगाया गया है। एएसपी अवनीश कुमार मिश्र ने बताया कि 11 नवंबर से जिले में बाहरी सुरक्षा बलों की आमद शुरू हो जाएगी। फिलहाल एक कंपनी अर्द्धसैनिक बल का आगमन जिले में हो चुका है। शीघ्र ही संवेदनशील क्षेत्रों में जवानों की तैनाती की जाएगी।
किसी भी प्रकार की गड़बड़ी व प्रदर्शन करने वाले लोगों को पहले तो जिला कारागार में रखा जाएगा। यदि वहां बंदियों की संख्या बढ़ती है, तो अस्थाई जेल के रूप में चयनित विद्यालयों में बंदियों को रखा जाएगा। एएसपी अवनीश कुमार मिश्र ने बताया कि जिला कारागार की क्षमता 970 कैदियों की है, लेकिन विषम परिस्थितियों में यहां लगभग दो हजार बंदियों को रखा जा सकता है। उनके भोजन आदि की समुचित व्यवस्था की जा रही है।
यदि बंदियों की संख्या बढ़ी तो इसके लिए जिले में अस्थाई जेल के रूप में आठ विद्यालयों को चयनित किया गया है। जहां बंदियों को रखा जाएगा। इसके लिए डॉ. जीके जेतली इंटर कॉलेज शहजादपुर, बीएन केबी पीजी कॉलेज अकबरपुर, डॉ. अशोक स्मारक डिग्री कॉलेज तमसा मार्ग, टीएन पीजी कॉलेज टांडा, नरेंद्र देव इंटर कॉलेज जलालपुर, जनता इंटर कॉलेज नेवादा, अजय प्रताप इंटर कॉलेज भीटी व एसएन इंटर कॉलेज इंदईपुर को चिह्नित किया गया है।
डीआईओएस विनोद कुमार सिंह ने बताया कि जिला प्रशासन के निर्देश पर जिन विद्यालयों को अस्थाई जेल के लिए चिह्नित किया गया है, उनके प्रबंधक व प्रधानाचार्य को पत्र भेजकर समय रहते सभी समुचित तैयारियां समय रहते पूर्ण करने का निर्देश दिया गया है। इसमें कहा गया कि बंदियों के अलावा सुरक्षा बलों को भी संबंधित विद्यालयों में रोका जा सकता है। इसे देखते हुए संबंधित विद्यालयों में पेयजल, प्रकाश, शौचालय समेत अन्य सभी जरूरी तैयारियां समय रहते पूर्ण कर डीआईओएस कार्यालय को उपलब्ध कराएं। सभी विद्यालयों में तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इनका शुक्रवार व शनिवार को जायजा लिया जाएगा।
अयोध्या फैसले के मद्देनजर जिले में कानून-व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने के लिए आगामी 30 नवंबर तक पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों व कर्मचारियों के अवकाश निरस्त कर दिए गए हैं। एडीएम अमरनाथ राय व एएसपी अवनीश कुमार मिश्र ने बताया कि अपरिहार्य कारणों को छोड़कर अन्य किसी भी परिस्थिति में अधिकारियों व कर्मचारियों को 30 नवंबर तक अवकाश नहीं दिया जाएगा। सभी को जिले में ही मौजूद रहने का निर्देश दिया गया है। बगैर किसी सूचना के जिला छोड़ने पर भी रोक लगा दी गई है।
एएसपी अवनीश कुमार मिश्र ने बताया कि अयोध्या मामले में आने वाले फैसले को देखते हुए सोशल मीडिया पर पैनी निगाह रखी जाएगी। यदि किसी ने आपत्तिजनक मैसेज किये, तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आपत्तिजनक मैसेज भेजने वाले व उसे फारवर्ड करने वालों को कतई बख्शा नहीं जाएगा। अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फैसले के दिन किसी भी प्रकार के जुलूस निकालने, प्रदर्शन करने पर पूरी तरह प्रतिबंध है। भड़काऊ भाषण देने वालों पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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आठ विद्यालयों को अस्थाई जेल के लिए पहले ही चिह्नित किया जा चुका है। सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से जिले को एक सुपर जोन, पांच जोन व 17 सेक्टर जोन में बांटा गया है। किसी भी प्रकार की अराजकता से निपटने के लिए पुलिस अधिकारियों ने समुचित प्रबंध शुरू कर दिए हैं। जिले में पुलिसकर्मियों की सक्रियता बढ़ा दी गई है। रात्रि गश्त को और भी पुख्ता किया जा रहा है।
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गौरतलब है कि आगामी दिनों में सुप्रीम कोर्ट द्वारा अयोध्या मामले में फैसला सुनाया जाना है। ऐसे में जिले में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस-प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। अयोध्या से सटा होने के चलते अंबेडकरनगर जिला अधिक संवेदनशील माना जाता है। ऐसे में सुरक्षा की दृष्टि से जिले में पुख्ता इंतजाम किये जा रहे हैं।
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तैयारी ये है कि किसी भी प्रकार की प्रतिकूल परिस्थिति उत्पन्न होने पर पलक झपकते ही जिले की सभी सीमाएं सील कर दी जाएंगी। जिले में अकबरपुर अयोध्या मार्ग, मया टांडा मार्ग, भीटी तारुन मार्ग, महरुआ सुल्तानपुर मार्ग, बेवाना दोस्तपुर मार्ग, मालीपुर शाहगंज मार्ग, जैतपुर आजमगढ़ जौनपुर मार्ग, जलालपुर आजमगढ़ मार्ग, बसखारी आजमगढ़ मार्ग, टांडा कलवारी मार्ग, राजेसुल्तानपुर आजमगढ़ मार्ग, जहांगीरगंज बिड़हर घाट समेत 12 स्थानों पर बैरियर लगा दिए गए हैं।
इन बैरियरों पर जनपद पुलिस के साथ ही अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती की जाएगी। बैरियर से होकर आवागमन करने वालों को समुचित जांच के बाद ही आगे जाने दिया जाएगा। इन सभी बैरियर को शुक्रवार को होने वाली सप्तकोसी परिक्रमा के बाद सक्रिय करने की तैयारी है।
अयोध्या मामले को लेकर आगामी दिनों में आने वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले को देखते हुए जिले को कड़े सुरक्षा घेरे में रखने की तैयारी की गई है। एएसपी अवनीश कुमार मिश्र ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से जिले को एक सुपर जोन, पांच जोन व 17 सेक्टर जोन में बांटा गया है। जोन व सेक्टर की सभी टीमें भ्रमण करने के दौरान सभी प्रकार की गतिविधियों पर नजर रखते हुए पल-पल की खबर सुपर जोन के मजिस्ट्रेट को देती रहेंगी।
जिले में शांति व्यवस्था कायम रखने व किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए जनपद पुलिस के साथ ही बाहर से आए अर्द्धसैनिक बल के जवानों को भी लगाया गया है। एएसपी अवनीश कुमार मिश्र ने बताया कि 11 नवंबर से जिले में बाहरी सुरक्षा बलों की आमद शुरू हो जाएगी। फिलहाल एक कंपनी अर्द्धसैनिक बल का आगमन जिले में हो चुका है। शीघ्र ही संवेदनशील क्षेत्रों में जवानों की तैनाती की जाएगी।
किसी भी प्रकार की गड़बड़ी व प्रदर्शन करने वाले लोगों को पहले तो जिला कारागार में रखा जाएगा। यदि वहां बंदियों की संख्या बढ़ती है, तो अस्थाई जेल के रूप में चयनित विद्यालयों में बंदियों को रखा जाएगा। एएसपी अवनीश कुमार मिश्र ने बताया कि जिला कारागार की क्षमता 970 कैदियों की है, लेकिन विषम परिस्थितियों में यहां लगभग दो हजार बंदियों को रखा जा सकता है। उनके भोजन आदि की समुचित व्यवस्था की जा रही है।
यदि बंदियों की संख्या बढ़ी तो इसके लिए जिले में अस्थाई जेल के रूप में आठ विद्यालयों को चयनित किया गया है। जहां बंदियों को रखा जाएगा। इसके लिए डॉ. जीके जेतली इंटर कॉलेज शहजादपुर, बीएन केबी पीजी कॉलेज अकबरपुर, डॉ. अशोक स्मारक डिग्री कॉलेज तमसा मार्ग, टीएन पीजी कॉलेज टांडा, नरेंद्र देव इंटर कॉलेज जलालपुर, जनता इंटर कॉलेज नेवादा, अजय प्रताप इंटर कॉलेज भीटी व एसएन इंटर कॉलेज इंदईपुर को चिह्नित किया गया है।
डीआईओएस विनोद कुमार सिंह ने बताया कि जिला प्रशासन के निर्देश पर जिन विद्यालयों को अस्थाई जेल के लिए चिह्नित किया गया है, उनके प्रबंधक व प्रधानाचार्य को पत्र भेजकर समय रहते सभी समुचित तैयारियां समय रहते पूर्ण करने का निर्देश दिया गया है। इसमें कहा गया कि बंदियों के अलावा सुरक्षा बलों को भी संबंधित विद्यालयों में रोका जा सकता है। इसे देखते हुए संबंधित विद्यालयों में पेयजल, प्रकाश, शौचालय समेत अन्य सभी जरूरी तैयारियां समय रहते पूर्ण कर डीआईओएस कार्यालय को उपलब्ध कराएं। सभी विद्यालयों में तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इनका शुक्रवार व शनिवार को जायजा लिया जाएगा।
अयोध्या फैसले के मद्देनजर जिले में कानून-व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने के लिए आगामी 30 नवंबर तक पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों व कर्मचारियों के अवकाश निरस्त कर दिए गए हैं। एडीएम अमरनाथ राय व एएसपी अवनीश कुमार मिश्र ने बताया कि अपरिहार्य कारणों को छोड़कर अन्य किसी भी परिस्थिति में अधिकारियों व कर्मचारियों को 30 नवंबर तक अवकाश नहीं दिया जाएगा। सभी को जिले में ही मौजूद रहने का निर्देश दिया गया है। बगैर किसी सूचना के जिला छोड़ने पर भी रोक लगा दी गई है।
एएसपी अवनीश कुमार मिश्र ने बताया कि अयोध्या मामले में आने वाले फैसले को देखते हुए सोशल मीडिया पर पैनी निगाह रखी जाएगी। यदि किसी ने आपत्तिजनक मैसेज किये, तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आपत्तिजनक मैसेज भेजने वाले व उसे फारवर्ड करने वालों को कतई बख्शा नहीं जाएगा। अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फैसले के दिन किसी भी प्रकार के जुलूस निकालने, प्रदर्शन करने पर पूरी तरह प्रतिबंध है। भड़काऊ भाषण देने वालों पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।