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Ambedkar Nagar News: कार्डियक मॉनिटर मिले तो हो अस्पताल में मरीजों को और लाभ
Mon, 16 Sep 2024 10:24 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Mon, 16 Sep 2024 10:24 PM IST
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अंबेडकरनगर। जिला अस्पताल स्थित 18 बेड वाले इमरजेंसी में कार्डियक मॉनिटर न होने व 10 वेंटीलेटर का संचालन न होने से गंभीर मरीजों का बेहतर ढंग से इलाज नहीं हो रहा। ऐसे मरीजों को लखनऊ या फिर अन्य जनपदों में रेफर कर दिया जाता है।
जिला अस्पताल स्थित इमरजेंसी में प्रतिदिन औसतन 100 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इसमें औसतन 15 मरीज ऐसे होते हैं जो अत्यंत गंभीर होते हैं। इसमें भी बेहतर इलाज की व्यवस्था न होने से औसतन पांच मरीजों को या तो राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर या फिर लखनऊ तथा अन्य जनपद रेफर कर दिया जाता है। इससे संबंधित मरीजों के तीमारदारों के सामने कई प्रकार की मुश्किलें खड़ी होती हैं। लगभग एक दशक से यहां इस सुविधा का इंतजार बना है।
धूल फांक रहे 10 वेंटिलेटर
यहां अत्याधुनिक इमरजेंसी को स्थापित हुए एक दशक से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अब तक यहां कॉर्डियक मॉनिटर की सुविधा नहीं मिल सकी है। ऐसी दशा में गंभीर मरीजों को रेफर करने की मजबूरी बन जाती है। उधर कोरोनाकाल में जिला अस्पताल को 10 वेंटिलेटर उपलब्ध हुआ था। इसके संचालन के लिए मैनपावर अब तक नहीं मिला। नतीजा यह है कि स्वास्थ्य निदेशालय से मिले वेंटिलेटर धूल फांक रहे हैं। इसके चलते भी कई बार गंभीर किस्म के मरीजों को रेफर कर दिया जाता है। इससे मरीजों के साथ साथ तीमारदारों को मुश्किलें उठानी पड़ती हैं।
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वर्जन
स्वास्थ्य निदेशालय को भेजा गया पत्र
वेंटिलेटर संचालन के लिए स्टॉफ की तैनाती से संबंधित पत्र स्वास्थ्य निदेशालय को भेजा गया है। इसके साथ ही कार्डियक मॉनिटर की स्थापना के लिए भी पत्राचार किया जा रहा है।
डॉ. ओमप्रकाश, सीएमएस
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जिला अस्पताल स्थित इमरजेंसी में प्रतिदिन औसतन 100 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इसमें औसतन 15 मरीज ऐसे होते हैं जो अत्यंत गंभीर होते हैं। इसमें भी बेहतर इलाज की व्यवस्था न होने से औसतन पांच मरीजों को या तो राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर या फिर लखनऊ तथा अन्य जनपद रेफर कर दिया जाता है। इससे संबंधित मरीजों के तीमारदारों के सामने कई प्रकार की मुश्किलें खड़ी होती हैं। लगभग एक दशक से यहां इस सुविधा का इंतजार बना है।
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धूल फांक रहे 10 वेंटिलेटर
यहां अत्याधुनिक इमरजेंसी को स्थापित हुए एक दशक से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अब तक यहां कॉर्डियक मॉनिटर की सुविधा नहीं मिल सकी है। ऐसी दशा में गंभीर मरीजों को रेफर करने की मजबूरी बन जाती है। उधर कोरोनाकाल में जिला अस्पताल को 10 वेंटिलेटर उपलब्ध हुआ था। इसके संचालन के लिए मैनपावर अब तक नहीं मिला। नतीजा यह है कि स्वास्थ्य निदेशालय से मिले वेंटिलेटर धूल फांक रहे हैं। इसके चलते भी कई बार गंभीर किस्म के मरीजों को रेफर कर दिया जाता है। इससे मरीजों के साथ साथ तीमारदारों को मुश्किलें उठानी पड़ती हैं।
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स्वास्थ्य निदेशालय को भेजा गया पत्र
वेंटिलेटर संचालन के लिए स्टॉफ की तैनाती से संबंधित पत्र स्वास्थ्य निदेशालय को भेजा गया है। इसके साथ ही कार्डियक मॉनिटर की स्थापना के लिए भी पत्राचार किया जा रहा है।
डॉ. ओमप्रकाश, सीएमएस