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कैसे बचेगी जान, ब्लड बैंकों में रक्त का संकट

Sun, 13 Feb 2022 11:54 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 13 Feb 2022 11:54 PM IST
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How to save lives, blood crisis in blood banks
अंबेडकरनगर। गंभीर रोगों से पीड़ित मरीजों तथा दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों के लिए जिले में जान बचा पाना और मुश्किल हो गया है। तमाम संसाधनों के संकट के बीच राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर तथा जिला अस्पताल में सिर्फ 21 यूनिट खून बचा है। इसमें चार ब्लड ग्रुप का खून ही उपलब्ध नहीं हैं। तीन ब्लड ग्रुप ऐसे हैं, जिनमें एक-एक यूनिट खून है। यह सिर्फ बड़ी इमरजेेंसी के लिए रिजर्व रहता है। जाहिर तौर पर ऐसे में मरीजों की जान पर आफत और ज्यादा बढ़ गई है।
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मरीजों की जान बचाने के लिए जिले में खून का संकट एक बार फिर खड़ा हो गया है। समय-समय पर विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों की ओर से रक्तदान मुहिम चलाए जाने के बावजूद मौजूदा समय में स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। हालत यह है कि गंभीर मरीजों की जान बचाने के लिए उनके तीमारदारों को इधर-उधर भटकने के बाद भी सफलता नहीं मिल पा रही है। खून के लिए परेशान मरीजों को कई बार गैर जनपद का रुख करना पड़ता है, तो वहीं इन्हीं संकट के बीच जब तब मौत हो जाने की खबर भी सामने आती रहती है।
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इन दिनों स्थिति इतनी चिंताजनक है कि जिला अस्पताल में सिर्फ 9 यूनिट खून उपलब्ध है, तो वहीं राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर में सिर्फ 12 यूनिट खून उपलब्ध है। राजकीय मेडिकल कॉलेज में चार ब्लड ग्रुप में एक भी यूनिट खून उपलब्ध नहीं है, जबकि तीन ब्लड ग्रुप में सिर्फ एक-एक यूनिट खून उपलब्ध है। जिला अस्पताल में चार ब्लड ग्रुप ऐसे हैं, जिनमें खून ही नहीं है। एक ब्लड ग्रुप का सिर्फ एक यूनिट खून उपलब्ध है। यहां गौरतलब है कि जिन ब्लड ग्रुप में एक यूनिट रहता है, वहां उसे आमतौर पर बड़ी इमरजेंसी के लिए रिजर्व रखने का प्राविधान है।
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ऐसे में नतीजा यह है कि मरीजों व तीमारदारों को खून की कमी के संकट से जूझना पड़ रहा है। कई मरीजों को लेकर उनके तीमारदार या तो गैर जनपदों का रुख कर ले रहे हैं, या फिर इधर-उधर मिन्नतें करते फिर रहे हैं। जिला अस्पताल में मिले तीमारदार श्यामलाल ने बताया कि उन्हें अपने मरीज के लिए ए निगेटिव ब्लड ग्रुप के खून की जरूरत है, लेकिन नहीं मिल पा रहा है। राजकीय मेडिकल कॉलेज में मिले वीरेेंद्र का कहना था कि ए पॉजिटिव ब्लड ग्रुप के लिए खून की उपलब्धता नहीं हो पा रही है।
यह है खून उपलब्धता की स्थिति
राजकीय मेडिकल कॉलेज में ए पॉजिटिव, ए निगेटिव, एबी पॉजिटिव व ओ निगेटिव ब्लड ग्रुप का खून ही नहीं है। बी पॉजिटिव, बी निगेटिव तथा एबी निगेटिव ब्लड ग्रुप में सिर्फ एक-एक यूनिट खून है। ओ पॉजिटिव ग्रुप का खून जरूर यहां 9 यूनिट उपलब्ध है। इसी तरह जिला अस्पताल में ए निगेटिव, बी निगेटिव, एबी निगेटिव तथा ओ निगेटिव ब्लड ग्रुप का खून उपलब्ध नहीं है। बी निगेटिव ग्रुप का सिर्फ एक यूनिट खून उपलब्ध है। ए पॉजिटिव तथा एबी पॉजिटिव ग्रुप का दो-दो यूनिट, जबकि ओ पॉजिटिव ग्रुप का चार यूनिट खून यहां है। राजकीय मेडिकल सद्दरपुर व जिला अस्पताल में खून उपलब्धता की यह स्थिति निश्चित रूप से मरीजों व उनके तीमारदारों के लिए मुश्किलें और ज्यादा बढ़ा रही हैं।

स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में
राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर के प्राचार्य डॉ. संदीप कौशिक ने बताया कि खून उपलब्धता की स्थिति नियंत्रण में है। अत्यंत गंभीर मरीजों को कोई दिक्कत नहीं होने दी जा रही है। कुछ रक्तदान शिविर लगने जा रहे हैं। इसका लाभ मिलेगा। उधर, जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. ओमप्रकाश ने कहा कि रक्तदान शिविर जल्द ही लगेगा। गंभीर रूप से बीमार मरीजों को कोई दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।
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