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हर व्यक्ति की प्राथमिकता में हो हिंदी
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अंबेडकरनगर के राजकीय इंटर कॉलेज में निबंध एवं लेखन प्रतियोगिता में मौजूद प्रतिभागी।
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। जिले में मंगलवार को हिंदी दिवस समारोह पूर्वक मनाया गया। विद्यालयों, सरकारी कार्यालयों एवं निजी संगठनों ने कार्यक्रम के माध्यम से हिंदी को बढ़ावा देने पर जोर दिया। वक्ताओं ने कहा कि हिंदी हर व्यक्ति की प्राथमिकता होनी चाहिए। हिंदी भाषा में बात करने पर एक-दूसरे से सहज जुड़ाव का अनुभव होता है। साथ ही हिंदी में कार्य करने एवं बोलने में गर्व महसूस होता है। वक्ताओं ने कहा कि इसकी सहजता एवं मिठास एक-दूसरे को न सिर्फ अपनी तरफ आकर्षित कर लेती है, वरन एक-दूसरे के विचारों व भावनाओं को समझने में सहायक होती है।
बड़ौदा स्वरोजगार विकास संस्थान में हिंदी दिवस समारोह पूर्वक मनाया गया। क्षेत्रीय प्रबंधक एके पांडेय ने कहा कि आधुनिकता के साथ-साथ अपनी मातृ भाषा हिंदी व अपनी संस्कृति को साथ लेकर आगे बढ़ना है। उसे अपना गौरव बनाकर चलना है। जिला अग्रणी प्रबंधक आशीष सिंह ने कहा कि हिंदी दिवस का उद्देश्य विश्व में हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिये जागरूकता पैदा करना तथा हिंदी को अंतरराष्ट्रीय भाषा के रूप में पेश करना है। निदेशक अजय कुमार वर्मा ने कहा कि हिंदी सहज एवं सरल भाषा होने के साथ एक-दूसरे को जोड़ने वाली है। इस मौके पर कुसुम वर्मा, शिवेंद्र सिंह, अभिषेक वर्मा, ऊषा व राजितराम मौजूद रहे।
वहीं राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में हिंदी दिवस पर कार्यक्रम के माध्यम से प्रकाश डाला गया। मुख्य अतिथि प्रोफेसर प्रदीप कुमार मिश्र कुलपति झारखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय रांची ने कहा कि हिंदी भाषा की सरलता सहज ही अपनी तरफ सभी को आकर्षित कर लेती है। यह ऐसी भाषा है, जिसके माध्यम से समाज का हर वर्ग आसानी से अपनी भावनाओं व विचारों को एक दूसरे तक पहुंचा सकता है। संस्थान निदेशक प्रो. संदीप तिवारी ने कहा कि 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने यह निर्णय लिया कि हिंदी केंद्र सरकार की आधिकारिक भाषा होगी, क्योंकि भारत में अधिकतर क्षेत्रों में ज्यादातर हिंदी भाषा बोली जाती थी। डॉ. एस. एन. उपाध्याय ने समारोह में कई छात्र-छात्राओं की रुचि तथा प्रतिभा को देखते हुए छात्रों के भाषागत विकास पर जोर देने के लिए भविष्य में ऐसे कार्यक्रम एवं प्रतियोगिता आयोजित कराने को कहा। इस मौके पर डॉ. सदानंद शाही प्रोफेसर काशी हिंदू विश्वविद्यालय समेत कई अन्य अध्यापक मौजूद रहे।
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उधर, रमाबाई पीजी कॉलेज अकबरपुर में हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में संगोष्ठी का आयोजन हुआ। प्राचार्य प्रो. शेफाली सिंह ने कहा कि हिंदी का विकास हम तभी कर सकते हैं, जब हम हिंदी भाषा को व्यवहारिक क्रियाकलापों के साथ-साथ राजकीय कार्य में भी प्राथमिकता देंगे। मुख्य वक्ता हिंदी विभाग प्रभारी डॉॅ. विश्वनाथ द्विवेदी ने हिंदी भाषा के इतिहास और उसके साहित्यिक रूप एवं वैश्विक स्थिति को रेखांकित किया। डॉ. अरविंद कुमार वर्मा ने कहा कि हिंदी ने वह मुकाम हासिल अभी तक नहीं किया है जिसकी वह हकदार थी और इसका कारण जिम्मेदार पदों पर बैठे हुए व्यक्तियों की हिंदी भाषा के प्रति उदासीनता है। संचालन डॉ. अखिलेंद्र प्रताप सिंह ने किया। इस मौके पर डॉ. सुधा, डॉ. अरुण कांत गौतम, डॉ. शाहिद परवेज, डॉ. नंदन सिंह, डॉ. मनोज गुप्ता एवं डॉ. चंद्रभान आदि मौजूद रहे।
आलापुर तहसील के जय बजरंग इंटरमीडिएट कॉलेज रामनगर प्रात: वंदना सभा में हिंदी दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। छात्रा आसमीन, रिया पाल रिशिका व स्मिता यादव ने हिंदी में भाषण प्रस्तुत कर हिंदी भाषा के बारे में सभी को अवगत कराया। दीक्षा प्रजापति ने हिंदी है मेरा नाम मैं हूं प्रेम की भाषा, नामक गीत प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। उप प्रधानाचार्य हरिराम यादव ने बताया कि देव भाषा संस्कृत का आसान रूप हिंदी है। प्रधानाचार्य संतोष कुमार सिंह ने बताया कि वर्ष 1918 में गांधी जी ने हिंदी साहित्य सम्मेलन में हिंदी भाषा को राष्ट्रभाषा बनाने को कहा था और 14 सितंबर 1949 के दिन संविधान सभा ने एकमत से यह निर्णय लिया कि हिंदी भारत की राजभाषा होगी। हिंदी सुलेख प्रतियोगिता और सुलेख प्रतियोगिता का आयोजन भी हुआ।
राजकीय इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य सुरेश लाल श्रीवास्तव की अध्यक्षता में हिंदी दिवस मनाया गया। इस दौरान निबंध एवं कहनी प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। इसमें छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग करते हुए हिंदी पर अपने विचार प्रकट किए। वक्ताओं ने कहा कि हिंदी में बोलना एवं कार्य करना हर व्यक्ति की प्राथमिकता होनी चाहिए।
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बड़ौदा स्वरोजगार विकास संस्थान में हिंदी दिवस समारोह पूर्वक मनाया गया। क्षेत्रीय प्रबंधक एके पांडेय ने कहा कि आधुनिकता के साथ-साथ अपनी मातृ भाषा हिंदी व अपनी संस्कृति को साथ लेकर आगे बढ़ना है। उसे अपना गौरव बनाकर चलना है। जिला अग्रणी प्रबंधक आशीष सिंह ने कहा कि हिंदी दिवस का उद्देश्य विश्व में हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिये जागरूकता पैदा करना तथा हिंदी को अंतरराष्ट्रीय भाषा के रूप में पेश करना है। निदेशक अजय कुमार वर्मा ने कहा कि हिंदी सहज एवं सरल भाषा होने के साथ एक-दूसरे को जोड़ने वाली है। इस मौके पर कुसुम वर्मा, शिवेंद्र सिंह, अभिषेक वर्मा, ऊषा व राजितराम मौजूद रहे।
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वहीं राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में हिंदी दिवस पर कार्यक्रम के माध्यम से प्रकाश डाला गया। मुख्य अतिथि प्रोफेसर प्रदीप कुमार मिश्र कुलपति झारखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय रांची ने कहा कि हिंदी भाषा की सरलता सहज ही अपनी तरफ सभी को आकर्षित कर लेती है। यह ऐसी भाषा है, जिसके माध्यम से समाज का हर वर्ग आसानी से अपनी भावनाओं व विचारों को एक दूसरे तक पहुंचा सकता है। संस्थान निदेशक प्रो. संदीप तिवारी ने कहा कि 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने यह निर्णय लिया कि हिंदी केंद्र सरकार की आधिकारिक भाषा होगी, क्योंकि भारत में अधिकतर क्षेत्रों में ज्यादातर हिंदी भाषा बोली जाती थी। डॉ. एस. एन. उपाध्याय ने समारोह में कई छात्र-छात्राओं की रुचि तथा प्रतिभा को देखते हुए छात्रों के भाषागत विकास पर जोर देने के लिए भविष्य में ऐसे कार्यक्रम एवं प्रतियोगिता आयोजित कराने को कहा। इस मौके पर डॉ. सदानंद शाही प्रोफेसर काशी हिंदू विश्वविद्यालय समेत कई अन्य अध्यापक मौजूद रहे।
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उधर, रमाबाई पीजी कॉलेज अकबरपुर में हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में संगोष्ठी का आयोजन हुआ। प्राचार्य प्रो. शेफाली सिंह ने कहा कि हिंदी का विकास हम तभी कर सकते हैं, जब हम हिंदी भाषा को व्यवहारिक क्रियाकलापों के साथ-साथ राजकीय कार्य में भी प्राथमिकता देंगे। मुख्य वक्ता हिंदी विभाग प्रभारी डॉॅ. विश्वनाथ द्विवेदी ने हिंदी भाषा के इतिहास और उसके साहित्यिक रूप एवं वैश्विक स्थिति को रेखांकित किया। डॉ. अरविंद कुमार वर्मा ने कहा कि हिंदी ने वह मुकाम हासिल अभी तक नहीं किया है जिसकी वह हकदार थी और इसका कारण जिम्मेदार पदों पर बैठे हुए व्यक्तियों की हिंदी भाषा के प्रति उदासीनता है। संचालन डॉ. अखिलेंद्र प्रताप सिंह ने किया। इस मौके पर डॉ. सुधा, डॉ. अरुण कांत गौतम, डॉ. शाहिद परवेज, डॉ. नंदन सिंह, डॉ. मनोज गुप्ता एवं डॉ. चंद्रभान आदि मौजूद रहे।
आलापुर तहसील के जय बजरंग इंटरमीडिएट कॉलेज रामनगर प्रात: वंदना सभा में हिंदी दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। छात्रा आसमीन, रिया पाल रिशिका व स्मिता यादव ने हिंदी में भाषण प्रस्तुत कर हिंदी भाषा के बारे में सभी को अवगत कराया। दीक्षा प्रजापति ने हिंदी है मेरा नाम मैं हूं प्रेम की भाषा, नामक गीत प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। उप प्रधानाचार्य हरिराम यादव ने बताया कि देव भाषा संस्कृत का आसान रूप हिंदी है। प्रधानाचार्य संतोष कुमार सिंह ने बताया कि वर्ष 1918 में गांधी जी ने हिंदी साहित्य सम्मेलन में हिंदी भाषा को राष्ट्रभाषा बनाने को कहा था और 14 सितंबर 1949 के दिन संविधान सभा ने एकमत से यह निर्णय लिया कि हिंदी भारत की राजभाषा होगी। हिंदी सुलेख प्रतियोगिता और सुलेख प्रतियोगिता का आयोजन भी हुआ।
राजकीय इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य सुरेश लाल श्रीवास्तव की अध्यक्षता में हिंदी दिवस मनाया गया। इस दौरान निबंध एवं कहनी प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। इसमें छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग करते हुए हिंदी पर अपने विचार प्रकट किए। वक्ताओं ने कहा कि हिंदी में बोलना एवं कार्य करना हर व्यक्ति की प्राथमिकता होनी चाहिए।