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Ambedkar Nagar News: झमाझम बारिश ने किसानों को राहत, सड़कों पर आफत
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अकबरपुर टांडा मार्ग पर डीएम कार्यालय के समक्ष हुआ जलभराव। संवाद
अंबेडकरनगर। दो दिनों की उमस के बाद शुक्रवार, 24 जुलाई को जिले में मानसून मेहरबान हुआ। सुबह से छाए बादल दोपहर बाद झूमकर बरसे, जिससे किसानों के चेहरों पर खुशी लौट आई। हालांकि, इस तेज बारिश ने शहर की बदहाल जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। जिलाधिकारी कार्यालय, मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय और जिला अस्पताल परिसर तक जलभराव हो गया। शहर की कई सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं। जगह-जगह पानी भरने से लोगों को घंटों जाम और आवागमन की परेशानी झेलनी पड़ी।
अकबरपुर, जलालपुर और टांडा सहित अन्य क्षेत्रों में हुई बारिश ने किसानों को बड़ी राहत दी। धान की रोपाई में तेजी आई और किसान खाद के छिड़काव व अन्य कृषि कार्यों में जुट गए। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों ने इसे खरीफ फसलों के लिए संजीवनी बताया। बारिश ने नगर निकाय के जल निकासी संबंधी दावों की हकीकत भी सामने ला दी। जिलाधिकारी कार्यालय परिसर के मुख्य प्रवेश द्वार पर भारी जलभराव देखा गया।
नगर पालिका की टीम ने जेसीबी लगाकर जलनिकासी के प्रबंध शुरू किए। यह हर बार बारिश के बाद अपनाई जाने वाली अस्थायी तकनीक है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय और जिला अस्पताल परिसर में भी जलनिकासी व्यवस्था पूरी तरह चोक नजर आई। खाली मैदानों, गेट और पूरे कैंपस में जलभराव से लोग परेशान हुए। शहर में कई जगह नालियां उफन गईं और गंदा पानी सड़कों पर बहने लगा।नगर के प्रमुख मार्गों, बाजारों और निचले इलाकों में पानी भरने से वाहन चालकों को काफी परेशानी हुई। मौसम वैज्ञानिक डॉ. सीताराम मिश्र के अनुसार अगले कुछ दिनों तक जिले में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
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पांच दिन बाद भी नहीं साफ हो सका जिला अस्पताल का नाला
करीब पांच दिन पहले नगर पालिका ने जिला अस्पताल मुख्य प्रवेश द्वार पर नाले की सफाई का कार्य शुरू कराया था। इसके लिए मुख्य द्वार बंद कर दिया गया था और पड़ोस का वैकल्पिक मार्ग खोल दिया गया था। पांच दिन बीतने के बाद भी नाले की सफाई का काम पूरा होना तो दूर मलबा तक नहीं हटवाया जा सका है। नाले से जलनिकासी ठप होने से सीएमओ कार्यालय, जिला अस्पताल जाने में परेशानी हो रही है।
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अकबरपुर, जलालपुर और टांडा सहित अन्य क्षेत्रों में हुई बारिश ने किसानों को बड़ी राहत दी। धान की रोपाई में तेजी आई और किसान खाद के छिड़काव व अन्य कृषि कार्यों में जुट गए। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों ने इसे खरीफ फसलों के लिए संजीवनी बताया। बारिश ने नगर निकाय के जल निकासी संबंधी दावों की हकीकत भी सामने ला दी। जिलाधिकारी कार्यालय परिसर के मुख्य प्रवेश द्वार पर भारी जलभराव देखा गया।
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नगर पालिका की टीम ने जेसीबी लगाकर जलनिकासी के प्रबंध शुरू किए। यह हर बार बारिश के बाद अपनाई जाने वाली अस्थायी तकनीक है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय और जिला अस्पताल परिसर में भी जलनिकासी व्यवस्था पूरी तरह चोक नजर आई। खाली मैदानों, गेट और पूरे कैंपस में जलभराव से लोग परेशान हुए। शहर में कई जगह नालियां उफन गईं और गंदा पानी सड़कों पर बहने लगा।नगर के प्रमुख मार्गों, बाजारों और निचले इलाकों में पानी भरने से वाहन चालकों को काफी परेशानी हुई। मौसम वैज्ञानिक डॉ. सीताराम मिश्र के अनुसार अगले कुछ दिनों तक जिले में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
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पांच दिन बाद भी नहीं साफ हो सका जिला अस्पताल का नाला
करीब पांच दिन पहले नगर पालिका ने जिला अस्पताल मुख्य प्रवेश द्वार पर नाले की सफाई का कार्य शुरू कराया था। इसके लिए मुख्य द्वार बंद कर दिया गया था और पड़ोस का वैकल्पिक मार्ग खोल दिया गया था। पांच दिन बीतने के बाद भी नाले की सफाई का काम पूरा होना तो दूर मलबा तक नहीं हटवाया जा सका है। नाले से जलनिकासी ठप होने से सीएमओ कार्यालय, जिला अस्पताल जाने में परेशानी हो रही है।