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Ambedkar Nagar News: पटरी से उतरे मालगाड़ी के डिब्बे, जांच शुरू
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हादसे के बाद मौके पर जांच करते रेलवे अधिकारी।
अंबेडकरनगर। एनटीपीसी को कोयला की आपूर्ति कर लौट रही मालगाड़ी के दो डिब्बे शनिवार को टांडा उत्तरी यार्ड में पटरी से उतर गए। देर शाम तक रूट पर यातायात बहाल कर दिया गया। रेल अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की। माना जा रहा है कि लापरवाही में कुछ कर्मचारियों पर कार्रवाई हो सकती है।
अकबरपुर से टांडा रेल रूट पर बड़ा रेल हादसा होते-होते बचा। शनिवार सुबह एनटीपीसी को कोयला पहुंचाकर एक मालगाड़ी वापस लौट रही थी। ट्रेन टांडा स्टेशन के उत्तरी यार्ड में पहुंची तभी दो डिब्बे के 12 पहिए पटरी से उतर गए। आनन-फानन चालक ने ट्रेन को रोका। तत्काल वरिष्ठ रेल अधिकारियों को हादसे की जानकारी दी गई। अयोध्या से पहुंची रिलीफ ट्रेन की मदद से मालगाड़ी के डिब्बों को पटरी पर लाया गया।
साथ ही क्षतिग्रस्त हुई पटरी को दुरुस्त करने में कर्मचारी जुट गए। सुबह 7:40 बजे करीब हुए हादसे के बाद शाम 4:30 पर ट्रैक को सुचारु आवागमन के लिए बहाल कर दिया गया। इस बीच दिल्ली से रेलवे के प्रिसिंपल चीफ काॅमर्शियल मैनेजर संजय कुमार जैन व वाराणसी के एडीआरएम लालजी चौधरी ने अन्य रेल अधिकारियों के साथ टांडा पहुंचकर विधिवत जांच की। उनके साथ आए अधिकारियों ने कर्मचारियों आदि का बयान दर्ज किया।
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उधर रफ्तार का ट्रायल, इधर हादसा
अकबरपुर टांडा रूट पर 30 नवंबर को 120 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से ट्रेन के संचालन का ट्रायल भी हुआ था, ताकि एनटीपीसी को समय से कोयला पहुंचाया जा सके। इस सफल ट्रायल से इस रूट पर यात्री ट्रेन के संचालन की उम्मीद भी बढ़ गई थी। लगभग दो दशक पहले तक इस रूट पर यात्री ट्रेन भी चलती थी। अब सफल ट्रायल से यात्री ट्रेन को चलाने की मांग तेज हो चली है। इस बीच इस हादसे ने कई तरह के सवाल खड़े कर दिए हैं।
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अकबरपुर से टांडा रेल रूट पर बड़ा रेल हादसा होते-होते बचा। शनिवार सुबह एनटीपीसी को कोयला पहुंचाकर एक मालगाड़ी वापस लौट रही थी। ट्रेन टांडा स्टेशन के उत्तरी यार्ड में पहुंची तभी दो डिब्बे के 12 पहिए पटरी से उतर गए। आनन-फानन चालक ने ट्रेन को रोका। तत्काल वरिष्ठ रेल अधिकारियों को हादसे की जानकारी दी गई। अयोध्या से पहुंची रिलीफ ट्रेन की मदद से मालगाड़ी के डिब्बों को पटरी पर लाया गया।
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साथ ही क्षतिग्रस्त हुई पटरी को दुरुस्त करने में कर्मचारी जुट गए। सुबह 7:40 बजे करीब हुए हादसे के बाद शाम 4:30 पर ट्रैक को सुचारु आवागमन के लिए बहाल कर दिया गया। इस बीच दिल्ली से रेलवे के प्रिसिंपल चीफ काॅमर्शियल मैनेजर संजय कुमार जैन व वाराणसी के एडीआरएम लालजी चौधरी ने अन्य रेल अधिकारियों के साथ टांडा पहुंचकर विधिवत जांच की। उनके साथ आए अधिकारियों ने कर्मचारियों आदि का बयान दर्ज किया।
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उधर रफ्तार का ट्रायल, इधर हादसा
अकबरपुर टांडा रूट पर 30 नवंबर को 120 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से ट्रेन के संचालन का ट्रायल भी हुआ था, ताकि एनटीपीसी को समय से कोयला पहुंचाया जा सके। इस सफल ट्रायल से इस रूट पर यात्री ट्रेन के संचालन की उम्मीद भी बढ़ गई थी। लगभग दो दशक पहले तक इस रूट पर यात्री ट्रेन भी चलती थी। अब सफल ट्रायल से यात्री ट्रेन को चलाने की मांग तेज हो चली है। इस बीच इस हादसे ने कई तरह के सवाल खड़े कर दिए हैं।