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आयुष्मान योजना में तीन वर्ष में बना महज 2 लाख पात्रों का गोल्डन कार्ड
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अंबेडकरनगर। जिले में आयुष्मान भारत योजना पूरी तरह बेपटरी दिख रही है। योजना को शुरू हुए करीब तीन वर्ष का समय पूरा होने वाला है, लेकिन अब तक स्वास्थ्य विभाग तीन चौथाई पात्रों का गोल्डेन कार्ड ही नहीं बना सका है। लगभग आठ लाख लाभार्थियों के सापेक्ष विभाग अब तक महज लगभग दो लाख लाभार्थियों का ही गोल्डेन कार्ड बना सका है। जबकि लाभार्थी को योजना का लाभ पाने के लिए गोल्डेन कार्ड अनिवार्य है।
ऐसे में जिले के गरीबों को सरकार की 5 लाख तक की मुफ्त इलाज की सेवा कैसे मिल रही है, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। विभाग महज 25 प्रतिशत लाभार्थियों के कार्ड बना सका है। कार्य में तेजी लाने के लिए शासन ने सिर्फ चिन्ह्ति सभी अस्पतालों व जनसेवा केन्द्रों के माध्यम से बनाने की व्यवस्था की है। इसके बावजूद इस कार्य में तेजी नही आ पा रहा है।
योजना के तहत जिले में कुल एक लाख 64 हजार 869 परिवारों के आठ लाख 24 हजार 345 सदस्यों का चयन किया गया। शासन ने सभी सदस्यों को अपना अपना गोल्डेन कार्ड बनवाने का निर्देश दिया। गोल्डेन कार्ड बन जाने से उसमें नागरिक का पूरा डाटा मौजूद रहता और वह देश के किसी भी चयनित अस्पताल में पांच लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज करा सकता है।
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गोल्डेन कार्ड बनाने व उपचार के लिए जिले में राजकीय मेडिकल कालेज सद्दरपुर, जिला अस्पताल, सीएचसी अकबरपुर, सीएचसी टांडा, सीएचसी कटेहरी, सीएचसी भीटी, सीएचसी रामनगर, सीएचसी बसखारी, सीएचसी जहांगीरगंज, सीएचसी भियांव व सीएचसी जलालपुर के अलावा निजी अस्पताल रमा हॉस्पिटल, कनक हॉस्पिटल व साकेत हॉस्पिटल को चयनित किया गया।
इस बीच लापरवाही के चलते गोल्डन कार्ड बनाने की हालत यह है कि करीब तीन वर्ष बीतने को है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग महज दो लाख 7 हजार 134 पात्रों का ही गोल्डेन कार्ड बना सका है। जो कुल लक्ष्य का महज 25.13 प्रतिशत है। ऐसे में विभाग लक्ष्य की शत प्रतिशत पूर्ति कब कर पाएगा इसका आकलन कर पाना कठिन है। कार्ड न बन पाने के चलते अधिकांश पात्र मरीज इसका लाभ उठा नही पा रहे हैं।
3996 ही मरीज उठा सके हैं अब तक लाभ
विभाग की उदासीनता के चलते जिले में महज 3996 गरीब सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ उठा सके हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार तीन हजार 52 मरीजों का इलाज सरकारी अस्पतालों में हुआ, जबकि 944 मरीजों का इलाज निजी अस्पतालों ने किया। इसमें से 3893 मरीजों के इलाज के खर्च का भुगतना भी शासन द्वारा संबंधित अस्पतालों को किया जा चुका है।
योजना में आज से आएगी तेजी
कोरोना महामारी के चलते योजना के क्रियान्वयन में कुछ दिक्कतें आयी हैं। लॉकडाउन आदि के चलते गोल्डेन कार्ड लक्ष्य के सापेक्ष नहीं बन सके। 26 जुलाई से नौ अगस्त तक विशेष अभियान चलाकर आयुष्मानकार्ड विहीन परिवारों को इसका लाभ दिया जाएगा। इसके लिए गांव-गांव कैंप का आयोजन सुनिश्चित होगा।
- डॉ श्रीकांत शर्मा, सीएमओ।
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ऐसे में जिले के गरीबों को सरकार की 5 लाख तक की मुफ्त इलाज की सेवा कैसे मिल रही है, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। विभाग महज 25 प्रतिशत लाभार्थियों के कार्ड बना सका है। कार्य में तेजी लाने के लिए शासन ने सिर्फ चिन्ह्ति सभी अस्पतालों व जनसेवा केन्द्रों के माध्यम से बनाने की व्यवस्था की है। इसके बावजूद इस कार्य में तेजी नही आ पा रहा है।
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योजना के तहत जिले में कुल एक लाख 64 हजार 869 परिवारों के आठ लाख 24 हजार 345 सदस्यों का चयन किया गया। शासन ने सभी सदस्यों को अपना अपना गोल्डेन कार्ड बनवाने का निर्देश दिया। गोल्डेन कार्ड बन जाने से उसमें नागरिक का पूरा डाटा मौजूद रहता और वह देश के किसी भी चयनित अस्पताल में पांच लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज करा सकता है।
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गोल्डेन कार्ड बनाने व उपचार के लिए जिले में राजकीय मेडिकल कालेज सद्दरपुर, जिला अस्पताल, सीएचसी अकबरपुर, सीएचसी टांडा, सीएचसी कटेहरी, सीएचसी भीटी, सीएचसी रामनगर, सीएचसी बसखारी, सीएचसी जहांगीरगंज, सीएचसी भियांव व सीएचसी जलालपुर के अलावा निजी अस्पताल रमा हॉस्पिटल, कनक हॉस्पिटल व साकेत हॉस्पिटल को चयनित किया गया।
इस बीच लापरवाही के चलते गोल्डन कार्ड बनाने की हालत यह है कि करीब तीन वर्ष बीतने को है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग महज दो लाख 7 हजार 134 पात्रों का ही गोल्डेन कार्ड बना सका है। जो कुल लक्ष्य का महज 25.13 प्रतिशत है। ऐसे में विभाग लक्ष्य की शत प्रतिशत पूर्ति कब कर पाएगा इसका आकलन कर पाना कठिन है। कार्ड न बन पाने के चलते अधिकांश पात्र मरीज इसका लाभ उठा नही पा रहे हैं।
3996 ही मरीज उठा सके हैं अब तक लाभ
विभाग की उदासीनता के चलते जिले में महज 3996 गरीब सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ उठा सके हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार तीन हजार 52 मरीजों का इलाज सरकारी अस्पतालों में हुआ, जबकि 944 मरीजों का इलाज निजी अस्पतालों ने किया। इसमें से 3893 मरीजों के इलाज के खर्च का भुगतना भी शासन द्वारा संबंधित अस्पतालों को किया जा चुका है।
योजना में आज से आएगी तेजी
कोरोना महामारी के चलते योजना के क्रियान्वयन में कुछ दिक्कतें आयी हैं। लॉकडाउन आदि के चलते गोल्डेन कार्ड लक्ष्य के सापेक्ष नहीं बन सके। 26 जुलाई से नौ अगस्त तक विशेष अभियान चलाकर आयुष्मानकार्ड विहीन परिवारों को इसका लाभ दिया जाएगा। इसके लिए गांव-गांव कैंप का आयोजन सुनिश्चित होगा।
- डॉ श्रीकांत शर्मा, सीएमओ।