{"_id":"6836033f2a31a35adf007912","slug":"fraud-of-10-lakhs-by-showing-fake-land-documents-ambedkar-nagar-news-c-91-1-abn1008-135591-2025-05-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambedkar Nagar News: जमीन के फर्जी दस्तावेज दिखाकर 10 लाख की ठगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambedkar Nagar News: जमीन के फर्जी दस्तावेज दिखाकर 10 लाख की ठगी
Tue, 27 May 2025 11:53 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Tue, 27 May 2025 11:53 PM IST
विज्ञापन
अंबेडकरनगर। टांडा इलाके में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी व उसके भाई ने एक व्यक्ति को जमीन के फर्जी दस्तावेज दिखाकर 10 लाख रुपये हड़प लिए। मामले में कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज किया गया है।
टांडा के जैतपुर निधियावां निवासी अशोक कुमार ने विशेष न्यायालय एससी-एसटी एक्ट में दाखिल की गई याचिका में बताया कि टांडा के परसाये डिवहारे इस्माइलपुर बेल्दहा निवासी हरेकृष्ण त्रिपाठी और उसके भाई श्रीकृष्ण त्रिपाठी ने वर्ष 2024 में राबी बहाउद्दीनपुर की दो बिस्वा जमीन 20 लाख रुपये में देने का झांसा दिया था। उन्होंने खुद को ज़मीन का स्वामी बताते हुए कंप्यूटर से फर्जी खतौनी की नकल दी और 10 लाख रुपये एडवांस में ले लिए।
एक माह बाद बैनामा करने का आश्वासन दिया था। अशोक कुमार ने तहसील में खतौनी का सत्यापन कराया, तो दस्तावेज़ फर्जी पाए गए। विरोध करते हुए रुपये वापस मांगे, तो टालमटोल करते रहे। 20 मार्च को जब अशोक आरोपियों के घर पहुंचे तो उन्होंने मारपीट की। शिकायत में बताया कि श्रीकृष्ण त्रिपाठी जिला अस्पताल में कार्यरत है, इसी वजह से पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। टांडा कोतवाली में दी गई शिकायत और एसपी को रजिस्ट्री डाक से भेजी गई शिकायत पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई, न ही मेडिकल परीक्षण कराया गया।
विज्ञापन
थक-हारकर अशोक कुमार ने विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट की अदालत में वाद दाखिल किया। न्यायालय के निर्देश पर टांडा पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। इंस्पेक्टर दीपक रघुवंशी ने बताया कि जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
टांडा के जैतपुर निधियावां निवासी अशोक कुमार ने विशेष न्यायालय एससी-एसटी एक्ट में दाखिल की गई याचिका में बताया कि टांडा के परसाये डिवहारे इस्माइलपुर बेल्दहा निवासी हरेकृष्ण त्रिपाठी और उसके भाई श्रीकृष्ण त्रिपाठी ने वर्ष 2024 में राबी बहाउद्दीनपुर की दो बिस्वा जमीन 20 लाख रुपये में देने का झांसा दिया था। उन्होंने खुद को ज़मीन का स्वामी बताते हुए कंप्यूटर से फर्जी खतौनी की नकल दी और 10 लाख रुपये एडवांस में ले लिए।
विज्ञापन
एक माह बाद बैनामा करने का आश्वासन दिया था। अशोक कुमार ने तहसील में खतौनी का सत्यापन कराया, तो दस्तावेज़ फर्जी पाए गए। विरोध करते हुए रुपये वापस मांगे, तो टालमटोल करते रहे। 20 मार्च को जब अशोक आरोपियों के घर पहुंचे तो उन्होंने मारपीट की। शिकायत में बताया कि श्रीकृष्ण त्रिपाठी जिला अस्पताल में कार्यरत है, इसी वजह से पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। टांडा कोतवाली में दी गई शिकायत और एसपी को रजिस्ट्री डाक से भेजी गई शिकायत पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई, न ही मेडिकल परीक्षण कराया गया।
विज्ञापन
थक-हारकर अशोक कुमार ने विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट की अदालत में वाद दाखिल किया। न्यायालय के निर्देश पर टांडा पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। इंस्पेक्टर दीपक रघुवंशी ने बताया कि जांच कर कार्रवाई की जाएगी।