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कागजों में मृत महिला डीएम के सामने पहुंच बोली, जिंदा हूं मैं
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टांडा। परिवार रजिस्टर में जिस महिला को मृत घोषित कर दिया था, वह मंगलवार को संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम के सामने हाजिर हो गई। उसने जीवित होने के बावजूद खुद को मृत दर्ज करने पर नाराजगी जताई। डीएम ने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए महिला का नाम मृत श्रेणी से हटाकर जीवित दर्ज करने का निर्देश दिया। साथ ही नोटिस जारी कर जवाब-तलब करने को कहा।
मंगलवार को टांडा तहसील मुख्यालय पर आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में सालारपुर ढेलमऊ निवासी हकीकुन्निशा ने डीएम के सामने पहुंचकर बताया कि उसे कागजों में मृत घोषित कर दिया गया है। ऐसा किसलिए किया गया तथा किसने कराया, उसे इसका पता नहीं है। डीएम को बताया कि गत दिवस उसके पति सलीम का निधन हो गया। इसके बाद वरासत दर्ज कराने की प्रक्रिया के दौरान स्थानीय लेखपाल ने उसे बताया कि तुम्हारा नाम तो वर्ष 1996 से मृतक कॉलम में दर्ज है। महिला ने कहा कि इसके बाद से ही वह लगातार खुद को जीवित होने का प्रमाण पत्र दे रही है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इससे उसे तमाम मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
डीएम राकेश कुमार मिश्र ने मामले को गंभीरता से लेते हुए डीपीआरओ तथा सहायक विकास अधिकारी से जवाब तलब किया तो बताया गया कि महिला का नाम मृतक श्रेणी में दर्ज होने की जानकारी है। इसके लिए ग्रामसभा की बैठक कर जरूरी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। डीएम ने जब प्रक्रिया के बारे में पूछा तो संतोषजनक जानकारी नहीं दी जा सकी। डीएम ने कड़ी नाराजगी जताते हुए अविलंब महिला का नाम जीवित श्रेणी में दर्ज किए जाने व सभी संबंधित को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया।
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मंगलवार को टांडा तहसील मुख्यालय पर आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में सालारपुर ढेलमऊ निवासी हकीकुन्निशा ने डीएम के सामने पहुंचकर बताया कि उसे कागजों में मृत घोषित कर दिया गया है। ऐसा किसलिए किया गया तथा किसने कराया, उसे इसका पता नहीं है। डीएम को बताया कि गत दिवस उसके पति सलीम का निधन हो गया। इसके बाद वरासत दर्ज कराने की प्रक्रिया के दौरान स्थानीय लेखपाल ने उसे बताया कि तुम्हारा नाम तो वर्ष 1996 से मृतक कॉलम में दर्ज है। महिला ने कहा कि इसके बाद से ही वह लगातार खुद को जीवित होने का प्रमाण पत्र दे रही है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इससे उसे तमाम मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
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डीएम राकेश कुमार मिश्र ने मामले को गंभीरता से लेते हुए डीपीआरओ तथा सहायक विकास अधिकारी से जवाब तलब किया तो बताया गया कि महिला का नाम मृतक श्रेणी में दर्ज होने की जानकारी है। इसके लिए ग्रामसभा की बैठक कर जरूरी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। डीएम ने जब प्रक्रिया के बारे में पूछा तो संतोषजनक जानकारी नहीं दी जा सकी। डीएम ने कड़ी नाराजगी जताते हुए अविलंब महिला का नाम जीवित श्रेणी में दर्ज किए जाने व सभी संबंधित को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया।
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