{"_id":"6283dfef4f5b4f0840554615","slug":"four-new-dialysis-machines-will-start-from-today-ambedkar-nagar-news-lko6310410123","type":"story","status":"publish","title_hn":"आज से शुरू होंगी चार नई डायलिसिस मशीनें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आज से शुरू होंगी चार नई डायलिसिस मशीनें
विज्ञापन
अंबेडकरनगर जिला अस्पताल में इन मशीनों से शुरु हुई डायलिसिस सेवा।
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंबेडकरनगर। डायलिसिस के लिए जिला अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों के लिए बड़ी राहत की खबर है। 18 मई से अस्पताल में डायलिसिस की चार नई मशीनों का भी संचालन प्रारंभ कर दिया जाएगा। ऐसे में अब जिला अस्पताल में 10 मशीनों से प्रतिदिन 30 मरीजों की डायलिसिस हो सकेगी। अब तक छह मशीनों से प्रतिदिन 18 मरीजों की डायलिसिस हो रही थी। नई मशीनों का संचालन बुधवार से सुचारु रूप से हो सके, इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
जिला अस्पताल में बीती 22 जुलाई को डायलिसिस सेवा शुरू हुई थी। इसके प्रारंभ होने से न सिर्फ अंबेडकरनगर जनपद, बल्कि आसपास के अन्य जिलों के किडनी मरीजों के लिए यह सेवा वरदान साबित होने लगी। शुरुआती दौर में छह मशीनों से जिला अस्पताल में डायलिसिस सेवा प्रारंभ हुई थी। ऐसे में प्रतिदिन 18 मरीजों की डायलिसिस होने लगी।
इसके लिए जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों की संख्या में इस बीच लगातार वृद्धि होने लगी। इससे कुछ समस्या उत्पन्न होने लगी। लगातार बढ़ती मरीजों की संख्या को देखते हुए चार नई मशीनों की स्थापना के लिए शासन को विभाग द्वारा पत्र भेजा गया था। जिला अस्पताल में डायलिसिस मशीनों के संचालन की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था डीसीबीसी किडनी केयर सेंटर दिल्ली को सौंपी गई है। संस्था की ओर से मरीजों की डायलिसिस निशुल्क की जाती है।
विज्ञापन
इस बीच बीते दिनों ही मरीजों के हित को देखते हुए जिला अस्पताल में डायलिसिस की चार नई मशीनें पहुंच गईं। संस्था के रीजनल मैनेजर शुभम गिरि ने बताया कि स्टाफ की तैनाती के बाद मंगलवार को सभी चार मशीनों को स्थापित कर दिया गया। बुधवार से इनका संचालन प्रारंभ कर दिया जाएगा। इसे डायलिसिस के लिए जिला अस्पताल आने वाले मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।
दूरदराज की भागदौड़ से मिलेगी निजात
जिला अस्पताल में डायलिसिस की नई मशीनें लग जाने से मरीजों को दूरदराज के शहरों तक भागदौड़ से राहत मिल सकेगी। दरअसल किडनी के मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए लगातार डायलिसिस मशीन की जरूरत बनी हुई थी। जिला अस्पताल में पर्याप्त मशीनें न होने के चलते मरीजों को दूरदराज के क्षेत्रों तक दौड़ लगानी पड़ रही थी। अकबरपुर निवासी सुदर्शन अग्रवाल कहते हैं कि यह निर्णय मरीजों व उनके तीमारदारों के लिए अत्यंत लाभप्रद साबित होगा। साधन संपन्न लोगों के लिए तो ज्यादा दिक्कत नहीं होती थी, लेकिन आम नागरिकों को अनावश्यक भागदौड़ की कठिनाई व खर्च का सामना करना पड़ता था।
विज्ञापन
जिला अस्पताल में बीती 22 जुलाई को डायलिसिस सेवा शुरू हुई थी। इसके प्रारंभ होने से न सिर्फ अंबेडकरनगर जनपद, बल्कि आसपास के अन्य जिलों के किडनी मरीजों के लिए यह सेवा वरदान साबित होने लगी। शुरुआती दौर में छह मशीनों से जिला अस्पताल में डायलिसिस सेवा प्रारंभ हुई थी। ऐसे में प्रतिदिन 18 मरीजों की डायलिसिस होने लगी।
विज्ञापन
इसके लिए जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों की संख्या में इस बीच लगातार वृद्धि होने लगी। इससे कुछ समस्या उत्पन्न होने लगी। लगातार बढ़ती मरीजों की संख्या को देखते हुए चार नई मशीनों की स्थापना के लिए शासन को विभाग द्वारा पत्र भेजा गया था। जिला अस्पताल में डायलिसिस मशीनों के संचालन की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था डीसीबीसी किडनी केयर सेंटर दिल्ली को सौंपी गई है। संस्था की ओर से मरीजों की डायलिसिस निशुल्क की जाती है।
विज्ञापन
इस बीच बीते दिनों ही मरीजों के हित को देखते हुए जिला अस्पताल में डायलिसिस की चार नई मशीनें पहुंच गईं। संस्था के रीजनल मैनेजर शुभम गिरि ने बताया कि स्टाफ की तैनाती के बाद मंगलवार को सभी चार मशीनों को स्थापित कर दिया गया। बुधवार से इनका संचालन प्रारंभ कर दिया जाएगा। इसे डायलिसिस के लिए जिला अस्पताल आने वाले मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।
दूरदराज की भागदौड़ से मिलेगी निजात
जिला अस्पताल में डायलिसिस की नई मशीनें लग जाने से मरीजों को दूरदराज के शहरों तक भागदौड़ से राहत मिल सकेगी। दरअसल किडनी के मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए लगातार डायलिसिस मशीन की जरूरत बनी हुई थी। जिला अस्पताल में पर्याप्त मशीनें न होने के चलते मरीजों को दूरदराज के क्षेत्रों तक दौड़ लगानी पड़ रही थी। अकबरपुर निवासी सुदर्शन अग्रवाल कहते हैं कि यह निर्णय मरीजों व उनके तीमारदारों के लिए अत्यंत लाभप्रद साबित होगा। साधन संपन्न लोगों के लिए तो ज्यादा दिक्कत नहीं होती थी, लेकिन आम नागरिकों को अनावश्यक भागदौड़ की कठिनाई व खर्च का सामना करना पड़ता था।