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यूट्यूब वीडियो देख किसान ने बनाया उपयोगी ट्रैक्टर
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अंबेडकरनगर के आलापुर में यूट्यूब के जरिए किसान ने तैयार किया मिनी ट्रैक्टर।
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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यूट्यूब वीडियो देख किसान ने बना डाला उपयोगी ट्रैक्टर
- 50 हजार की लागत में 90 किलो वजनी मिनी ट्रैक्टर हुआ तैयार
आलापुर। प्रतिभा सुविधाओं की मोहताज नहीं होती है। इन्हीं पंक्तियों को आलापुर तहसील क्षेत्र के इंडी पिंडी गांव के युुवा किसान ने सच कर दिखाया है। यूट्यूब वीडियो देखकर उससे जानकारी हासिल कर महज 50 हजार की लागत में एक ऐसा मिनी ट्रैक्टर तैयार किया है, जो कम लागत में किसानों के लिए काफी उपयोगी है। किसान का कहना है कि आइसक्रीम ठेले के आकार के इस मिनी ट्रैक्टर से बागवानी, गन्ने व सब्जी की फसल की गुड़ाई करने में काफी मदद मिलती है। किसान का दावा है कि इससे छोटे साइज का रोटावेटर भी चलाया जा सकता है। जिससे खेत की जुताई भी आसानी से की जा सकती है। खेती किसानी करते-करते कुछ नया करने की सोच ने ही इस युवा किसान को ट्रैक्टर निर्माण के लिए प्रेरित कर डाला।
आलापुर तहसील क्षेत्र के रामपुर इंडी पिंडी के भीखपुर निवासी 40 वर्षीय जयराम निषाद ने तमाम प्रतिकूल परिस्थितियों के बीच यूट्यूब वीडियो देख देखकर, उससे जानकारी हासिल कर करीब 50 हजार रुपए की लागत में छोटा ट्रैक्टर बनाने की उपलब्धि पाई है। जयराम ने बताया कि ट्रैक्टर का निर्माण उन्होंने खुद किया है। इसके उपयोग से बागवानी, सब्जी व गन्ने के खेत की गुड़ाई आसानी से की जा सकती है। साथ ही छोटा रोटावेटर भी चलाया जा सकता है, जिससे खेत की जुताई आसानी से हो सकती है।
किसान के इस प्रयास की क्षेत्र में खूब सराहना हो रही है। समाजसेवी डॉ. पूनम राय ने जयराम के घर पहुंचकर उनका उत्साहर्वधन किया। कहा कि युवाओं को भी नई तकनीकी पर काम करना चाहिए। ऐसे प्रतिभाशाली लोगों को आगे बढ़ाने के लिए सरकार भी आवश्यक प्रयास कर रही है।
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दो लीटर डीजल में एक बीघा खेत की जुताई
जयराम ने बताया कि खेती के काम में अब तकनीक का प्रयोग बढ़ने लगा है। कुदाल व हल के जरिए अब खेती आसान नहीं रह गई है। इन्हीं सब के चलते यूट्यूब पर वीडियो से मैंने मिनी ट्रैक्ट्रर बनाने की विधि सीखी। इसके लिए एक कंपनी के इंजन का प्रयोग करने के साथ ही बाइक के कुछ उपकरण तथा लोहे की सामग्री का प्रयोग कर लगभग 3 महीनों में इसे तैयार किया। मिनी ट्रैक्टर का कुल वजन 90 किलो है। लगभग एक बीघा खेत की जुताई करने में इसमें दो लीटर डीजल की खपत होती है। फिलहाल गन्ने की बुआई के लिये इससे खेत तैयार कर रहा हूं।
बेटा कर रहा बीसीए की पढ़ाई, बेटी कर रही बीएड
जयराम का बड़ा पुत्र अपने बाबा के पास गाजियाबाद रहकर बीसीए कर रहा है, जबकि छोटा पुत्र गांव में रहकर कक्षा नौ की पढ़ाई कर रहा है। एक मात्र पुत्री बीएड कर रही है। जयराम ने बताया कि वे अपने पिता के साथ गाजियाबाद में रहकर मजदूरी का काम करते थे। वर्ष 2010 में छोटे भाई की मृत्यु के बाद गांव आकर खेती का काम संभालने लगे।
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- 50 हजार की लागत में 90 किलो वजनी मिनी ट्रैक्टर हुआ तैयार
आलापुर। प्रतिभा सुविधाओं की मोहताज नहीं होती है। इन्हीं पंक्तियों को आलापुर तहसील क्षेत्र के इंडी पिंडी गांव के युुवा किसान ने सच कर दिखाया है। यूट्यूब वीडियो देखकर उससे जानकारी हासिल कर महज 50 हजार की लागत में एक ऐसा मिनी ट्रैक्टर तैयार किया है, जो कम लागत में किसानों के लिए काफी उपयोगी है। किसान का कहना है कि आइसक्रीम ठेले के आकार के इस मिनी ट्रैक्टर से बागवानी, गन्ने व सब्जी की फसल की गुड़ाई करने में काफी मदद मिलती है। किसान का दावा है कि इससे छोटे साइज का रोटावेटर भी चलाया जा सकता है। जिससे खेत की जुताई भी आसानी से की जा सकती है। खेती किसानी करते-करते कुछ नया करने की सोच ने ही इस युवा किसान को ट्रैक्टर निर्माण के लिए प्रेरित कर डाला।
आलापुर तहसील क्षेत्र के रामपुर इंडी पिंडी के भीखपुर निवासी 40 वर्षीय जयराम निषाद ने तमाम प्रतिकूल परिस्थितियों के बीच यूट्यूब वीडियो देख देखकर, उससे जानकारी हासिल कर करीब 50 हजार रुपए की लागत में छोटा ट्रैक्टर बनाने की उपलब्धि पाई है। जयराम ने बताया कि ट्रैक्टर का निर्माण उन्होंने खुद किया है। इसके उपयोग से बागवानी, सब्जी व गन्ने के खेत की गुड़ाई आसानी से की जा सकती है। साथ ही छोटा रोटावेटर भी चलाया जा सकता है, जिससे खेत की जुताई आसानी से हो सकती है।
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किसान के इस प्रयास की क्षेत्र में खूब सराहना हो रही है। समाजसेवी डॉ. पूनम राय ने जयराम के घर पहुंचकर उनका उत्साहर्वधन किया। कहा कि युवाओं को भी नई तकनीकी पर काम करना चाहिए। ऐसे प्रतिभाशाली लोगों को आगे बढ़ाने के लिए सरकार भी आवश्यक प्रयास कर रही है।
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दो लीटर डीजल में एक बीघा खेत की जुताई
जयराम ने बताया कि खेती के काम में अब तकनीक का प्रयोग बढ़ने लगा है। कुदाल व हल के जरिए अब खेती आसान नहीं रह गई है। इन्हीं सब के चलते यूट्यूब पर वीडियो से मैंने मिनी ट्रैक्ट्रर बनाने की विधि सीखी। इसके लिए एक कंपनी के इंजन का प्रयोग करने के साथ ही बाइक के कुछ उपकरण तथा लोहे की सामग्री का प्रयोग कर लगभग 3 महीनों में इसे तैयार किया। मिनी ट्रैक्टर का कुल वजन 90 किलो है। लगभग एक बीघा खेत की जुताई करने में इसमें दो लीटर डीजल की खपत होती है। फिलहाल गन्ने की बुआई के लिये इससे खेत तैयार कर रहा हूं।
बेटा कर रहा बीसीए की पढ़ाई, बेटी कर रही बीएड
जयराम का बड़ा पुत्र अपने बाबा के पास गाजियाबाद रहकर बीसीए कर रहा है, जबकि छोटा पुत्र गांव में रहकर कक्षा नौ की पढ़ाई कर रहा है। एक मात्र पुत्री बीएड कर रही है। जयराम ने बताया कि वे अपने पिता के साथ गाजियाबाद में रहकर मजदूरी का काम करते थे। वर्ष 2010 में छोटे भाई की मृत्यु के बाद गांव आकर खेती का काम संभालने लगे।