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Ambedkar Nagar News: हत्या का आरोप लगाकर परिजनों ने किया प्रदर्शन, इल्तिफातगंज-अकबरपुर मार्ग किया जाम
Sun, 23 Nov 2025 12:33 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Sun, 23 Nov 2025 12:33 AM IST
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अकबरपुर के इल्तिफातगंज-अकबरपुर मार्ग पर जुटी भीड़
अंबेडकरनगर। अकबरपुर क्षेत्र के चंदैनी गांव निवासी दिवाकर (21) की शुक्रवार को देरशाम संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद शनिवार को परिजनों और ग्रामीणों ने इल्तिफातगंज-अकबरपुर मार्ग पर शव रखकर जोरदार प्रदर्शन किया। करीब दो घंटे तक यह सड़क मार्ग पूरी तरह जाम रहा और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना पर सीओ नितीश तिवारी मौके पर पहुंचे और परिजनों की तहरीर पर डंपर मालिक शिव कुमार उर्फ साधू यादव पर रिपोर्ट करने की कार्रवाई की। इसके बाद परिजन शांत हुए और दिवाकर का अंतिम संस्कार किया गया।
भाई दीपक के अनुसार दिवाकर कुछ समय से पड़ोसी गांव बेलांगर के एक व्यक्ति के यहां डंपर चालक था। 21 नवंबर को उसकी तबीयत खराब थी और वह काम पर नहीं जाना चाहता था, लेकिन मालिक ने कई बार फोन कर बुलाया। सुबह करीब नौ बजे वह गांव पहुंचा और दिवाकर को साथ ले गया। इसके बाद दिवाकर का फोन बंद हो गया। परिजन लगातार खोज करते रहे, लेकिन कोई पता नहीं चला। शुक्रवार करीब चार बजे ग्रामीणों से सूचना मिली कि दिवाकर सड़क हादसे में घायल होकर जिला अस्पताल में भर्ती है। देरशाम जब परिजन अस्पताल पहुंचे तो दिवाकर की माैत हो चुकी थी। शनिवार को दिवाकर के भाई दीपक ने पुलिस को तहरीर देकर डंपर मालिक पर दिवाकर की हत्या का आरोप लगाया है। इस पर पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं होने पर इल्तिफातगंज-अकबरपुर मार्ग जााम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान शुरू में इंस्पेक्टर रितेश पांडेय पुलिस बल के साथ पहुंचे और ग्रामीणों से बात की, लेकिन समाधान नहीं निकल सका। सड़क जाम की सूचना मिलने पर सीओ माैके पर पुलिस बल के साथ पहुंचे और परिजनों की तहरीर पर आरोपी डंपर मालिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई और निष्पक्ष जांच कराने की बात कही। इसके बाद परिजन व ग्रामीण शांत हुए और दिवाकर का अंतिम संस्कार इल्तिफातगंज के सहजौरा घाट पर किया गया। सीओ का कहना है कि रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
परिवार में पसरा मातम
दिवाकर की मौत ने उसके परिवार की कमर तोड़ दी है। पिता शिवनाथ, जो राजगीर का काम कर घर का खर्च चलाते हैं, अब पथराई आंखों से बेटे को तलाशते फिर रहे हैं। मां सुलेमा का रो-रोकर बुरा हाल है मानो हर सांस दर्द बनकर निकल रही हो। बड़े भाई रवि, दीपू, दीपक और छोटा आकाश सदमे में हैं, समझ नहीं पा रहे कि परिवार की खुशियां इतनी जल्दी कैसे उजड़ गईं। दो अविवाहित बहनों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे। दिवाकर इस परिवार की उम्मीद, सहारा और भविष्य था। उसके जाने से घर पर गहरा सन्नाटा और मायूसी छा गई है।
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भाई दीपक के अनुसार दिवाकर कुछ समय से पड़ोसी गांव बेलांगर के एक व्यक्ति के यहां डंपर चालक था। 21 नवंबर को उसकी तबीयत खराब थी और वह काम पर नहीं जाना चाहता था, लेकिन मालिक ने कई बार फोन कर बुलाया। सुबह करीब नौ बजे वह गांव पहुंचा और दिवाकर को साथ ले गया। इसके बाद दिवाकर का फोन बंद हो गया। परिजन लगातार खोज करते रहे, लेकिन कोई पता नहीं चला। शुक्रवार करीब चार बजे ग्रामीणों से सूचना मिली कि दिवाकर सड़क हादसे में घायल होकर जिला अस्पताल में भर्ती है। देरशाम जब परिजन अस्पताल पहुंचे तो दिवाकर की माैत हो चुकी थी। शनिवार को दिवाकर के भाई दीपक ने पुलिस को तहरीर देकर डंपर मालिक पर दिवाकर की हत्या का आरोप लगाया है। इस पर पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं होने पर इल्तिफातगंज-अकबरपुर मार्ग जााम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान शुरू में इंस्पेक्टर रितेश पांडेय पुलिस बल के साथ पहुंचे और ग्रामीणों से बात की, लेकिन समाधान नहीं निकल सका। सड़क जाम की सूचना मिलने पर सीओ माैके पर पुलिस बल के साथ पहुंचे और परिजनों की तहरीर पर आरोपी डंपर मालिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई और निष्पक्ष जांच कराने की बात कही। इसके बाद परिजन व ग्रामीण शांत हुए और दिवाकर का अंतिम संस्कार इल्तिफातगंज के सहजौरा घाट पर किया गया। सीओ का कहना है कि रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
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परिवार में पसरा मातम
दिवाकर की मौत ने उसके परिवार की कमर तोड़ दी है। पिता शिवनाथ, जो राजगीर का काम कर घर का खर्च चलाते हैं, अब पथराई आंखों से बेटे को तलाशते फिर रहे हैं। मां सुलेमा का रो-रोकर बुरा हाल है मानो हर सांस दर्द बनकर निकल रही हो। बड़े भाई रवि, दीपू, दीपक और छोटा आकाश सदमे में हैं, समझ नहीं पा रहे कि परिवार की खुशियां इतनी जल्दी कैसे उजड़ गईं। दो अविवाहित बहनों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे। दिवाकर इस परिवार की उम्मीद, सहारा और भविष्य था। उसके जाने से घर पर गहरा सन्नाटा और मायूसी छा गई है।
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