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Ambedkar Nagar News: डेढ़ माह में दो प्रतिशत गेहूं की भी नहीं हुई खरीद

Mon, 15 May 2023 11:24 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 15 May 2023 11:24 PM IST
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Even two percent of wheat was not procured in one and a half month
अंबेेडकरनगर। डेढ़ माह का समय बीत चुका है लेकिन अब तक मात्र 1.86 प्रतिशत गेहूं की ही खरीद हो सकी है। पांच एजेंसियों के 63 क्रय केंद्रों पर 429 किसानों के 1206.328 मीट्रिक टन गेहूं की ही खरीद हो सकी है। इसबार का लक्ष्य 65 हजार एमटी खरीद का है। खरीद की गति कम होने का मुख्य कारण किसानों को आढ़तों पर मिल रहा फायदा है।
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गेहूं खरीद का डेढ़ माह का समय बीत चुका है, जबकि एक माह का समय शेष रह गया है। इन डेढ़ माह में खरीद की गति अत्यंत धीमी है। क्रय केंद्र तक उपज लेकर किसान कम पहुंच रहे हैं। दरअसल आढ़ती किसान के घर पहुंचकर 2200 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं खरीद रहे हैं जबकि क्रय केंद्र पर उन्हें 2125 रुपये प्रति क्विंटल ही मिलता है। इसमें उन्हें ढुलाई में राशि खर्च करनी पड़ती है। अधिक राशि मिलने व किसी प्रकार की परेशानी से बचने के लिए ही किसान आढ़तियों के हाथों बिक्री कर रहे हैं। इसके चलते ही मौजूदा समय में खरीदी गई उपज की मात्रा लक्ष्य से कोसों दूर है।
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खाद्य एवं विपणन अधिकारी कार्यालय के अनुसार डेढ़ माह में पांच एजेंसियों के 64 केंद्रों की तुलना में 63 क्रय केंद्र पर 429 किसानों का 1206.328 एमटी गेहूं की खरीद की जा चुकी है। यह जिले को मिले 65 हजार एमटी लक्ष्य की तुलना में मात्र 1.86 प्रतिशत ही है। आलम यह है कि पीसीएफ के एक केंद्र पर एक भी छटाक गेहूं की खरीदारी नहीं हो सकी है।
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आढ़ती दे रहे अधिक राशि
अकबरपुर के प्रदीप कुमार ने कहा कि गेहूं का समर्थन मूल्य 2125 रुपये है जबकि आढ़ती 2200 रुपये प्रति क्विंटल दे रहे हैं। वह भी घर पर पहुंचकर खरीद रहे हैं। इससे एक तो अधिक राशि मिल रही है तो दूसरे क्रय केंद्र तक उपज लेकर जाने की दिक्कतों से भी राहत मिलती है। कटरिया के रामजीत ने कहा कि आढ़तियों के हाथों उपज की बिक्री करना क्रय केंद्र पर जाने से बेहतर है। क्रय केंद्र तक उपज ले जाने में भाड़े में अच्छा खासा खर्च हो जाता है। इसके अलावा समय भी लगता है। आढ़तियों के हाथों बिक्री करने से इन सब परेशानियों से राहत मिलती है।


कम हो रही किसानों की आवक
क्रय केंद्रों पर किसानों की आवक कम हो रही है। खरीद में तेजी आए इसके लिए मोबाइल क्रय केंद्र भी बनाए गए हैं। - अखिलेश श्रीवास्तव, खाद्य एवं विपणन अधिकारी
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