फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ambedkar Nagar News ›   education

शिक्षकों के संकट से जूझ रहा जहांगीरगंज का आईटीआई कॉलेज, प्रधानाचार्य भी नहीं

Wed, 11 Nov 2020 11:17 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 11 Nov 2020 11:17 PM IST
विज्ञापन
education
फोटो 1, अंबेडकरनगर के जहांगीरगंज में शिक्षकों के अभाव से जूझ रहा आईटीआई कालेज। - फोटो : AMBEDKAR NAGAR
राजेसुल्तानपुर। राजकीय आईटीआई कॉलेज जहांगीरगंज में शिक्षकों सहित अन्य पदों के खाली होने से इसका प्रतिकूल असर छात्र-छात्राओं की शिक्षा पर पड़ रहा है। शासन प्रशासन की उदासीनता का आलम यह है कि यहां 36 पद रिक्त चल रहे हैं। इतना ही नही तीन वर्ष से प्रधानाचार्य की भी कुर्सी खाली है। ऐसे में बच्चों को ऑनलाइन माध्यम से भी कितनी बेहतर शिक्षा मिल रही होगी इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। छात्र-छात्राओं ने कई बार आवाज उठाई, लेकिन जिम्मेदार इस तरफ ध्यान ही नहीं दे रहे हैं। ऐसे में छात्र-छात्राओं को समुचित प्रशिक्षण भी नहीं मिल पा रहा है।
विज्ञापन

बताते चलें कि वर्ष 2006 में राजकीय आईटीआई कॉलेज जहांगीरगंज की स्थापना हुई थी। शासन द्वारा कुल 42 पद स्वीकृत किए गए थे। वर्तमान समय में कुल 36 पद रिक्त हैं। तीन शिक्षक संजय, अनुराधा व शैलेन्द्र की तैनाती है। इसके अलावा एक फोरमैन, एक वरिष्ठ सहायक लिपिक व एक भंडारी के पद पर नियुक्ति हो सकी है।
विज्ञापन

प्रधानाचार्य के साथ कार्यदेशक का दो पद, व्यवसाय अनुदेशक के 21 पद, अनुदेशक कला, गणित का एक, अनुदेशक एलाइड एक, एम्प्लायबिल्टी अनुदेशक एक, आईटी लैब अनुदेशक एक, कनिष्ठ सहायक लिपिक एक, भंडार सहायक एक, कार्यशाला सहायक के एक, चतुर्थ श्रेणी के एक, चौकीदार के तीन व स्वच्छकार का एक पद रिक्त चल रहा है। इस शिक्षा सत्र में 13 ट्रेडों में लगभग 218 छात्र छात्राओं का प्रशिक्षण कार्य मात्र तीन शिक्षकों के सहारे चल रहा है। ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि यहां अध्ययनरत छात्र छात्राओं को कितनी बेहतर शिक्षा मिल रही होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

विद्यालय में पर्याप्त स्टॉफ न होने के कारण छात्र छात्राओं की शिक्षा से लेकर अन्य कार्यों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। छात्र छात्राओं को समुचित प्रशिक्षण भी नहीं मिल पाता है, जबकि इस तकनीकी शिक्षा में प्रशिक्षण सबसे अहम है। छात्र छात्राओं को किताबी ज्ञान देने के साथ ही उन्हें ट्रेड के हिसाब से उपकरणों को चलाने का प्रशिक्षण दिया जाना सबसे अहम है।
ऐसे में जब संबंधित ट्रेडों के प्रशिक्षक ही मौजूद नही है, तो छात्र छात्राओं को प्रशिक्षण कैसे मिलेंगे। विद्यालय की इस बदहाली से छात्र छात्राओं की उम्मीदों को तगड़ा झटका लग रहा है। स्थानीय जयप्रकाश तिवारी व शिवकुमार आदि का कहना है कि सरकार को विद्यालय खोलने के साथ ही वहां उपलब्ध संसाधनों की तरफ भी ध्यान देना चाहिए। विद्यालय संचालित होने और बच्चों के नाम लिखवा लेने से ज्ञान नहीं बढ़ेगा। बल्कि छात्र-छात्राओं को बेहतर शिक्षा देने का भी प्रबंध करना होगा।

जिला पंचायत सदस्य अनवर सादात अंसारी, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि बलिराम, पूर्व जिला पंचायत सदस्य अजीत यादव, सपा नेता संगीता कनौजिया, वीरेन्द्र तिवारी, जितेन्द्र सिंह आदि ने प्रदेश सरकार से बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए अविलंब शिक्षकों की तैनाती सुनिश्चित करने की मांग की है। कहा कि छात्र-छात्राओं के हितों का प्रमुखता से ध्यान रखा जाना चाहिए। जब शिक्षक नही रहेेंगे तो बच्चों को शिक्षा कैसे मिलेगी यह अहम सवाल है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed