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दो लाख छात्रों को जल्द दी जाएगी ड्रेस की राशि
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अंबेडकरनगर। जिले के 1586 परिषदीय विद्यालयों में पंजीकृत 2 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं के लिए राहत की खबर है। छात्र-छात्राओं को समय रहते गुणवत्तापूर्ण जूता, मोजा, ड्रेस व स्वेटर मिल सके, इसके लिए इस बार एमडीएम की राशि की तरह ही इसकी भी रकम सीधे अभिभावकों के खाते में जा सकती है। इसके लिए शासन के निर्देश पर बीएसए कार्यालय ने जरूरी तैयारियां तेज कर दी हैं। छात्र-छात्राओं के आधारकार्ड के साथ-साथ उनके अभिभावकों के खाता नंबर की फीडिंग प्रारंभ कर दी गई है।
परिषदीय विद्यालयों में पंजीकृत छात्र-छात्राओं को केंद्र व प्रदेश सरकारों की ओर से संचालित योजनाओं का समुचित लाभ मिल सके, इसके लिए शासन द्वारा लगातार समुचित कदम उठाया जा रहा है। कोरोना संकटकाल में जबकि विद्यालय बंद हैं, तो ऐसे में छात्र-छात्राओं को किसी भी प्रकार की मुश्किल न हो, इसके लिए उनके अभिभावकों के खाते में एमडीएम की राशि भेजी जा रही है। इसका व्यापक लाभ भी छात्र-छात्राओं व उनके अभिभावकों को मिल रहा है। इन सबके बीच अब जिले के 1586 परिषदीय विद्यालयों में पंजीकृत 2 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को आगामी दिनों में शासन से बड़ी राहत मिलने की संभावना है।
समय रहते गुणवत्तापूर्ण ड्रेस, जूता, मोजा व स्वेटर उपलब्ध हो सके, इसके लिए शासन ने एमडीएम राशि की तरह ही इसकी भी धनराशि उनके अभिभावकों के खाते में भेजी जाएगी। इसके लिए जरूरी तैयारियां बीएसए कार्यालय ने शासन के निर्देश पर शुरू कर दी है। अब तक छात्र-छात्राओं को ड्रेस जूता, मोजा व स्वेटर उपलब्ध कराने के लिए टेंडर प्रक्रिया होती थी। इसके बाद कार्यदायी संस्था की ओर से छात्र-छात्राओं को ड्रेस, स्वेटर, जूता व मोजा कराए जाते थे।
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इसमें अक्सर विभिन्न प्रकार की समस्याएं सामने आती रहती थीं। कभी गुणवत्ता पर सवालिया निशान लगता था, तो कभी ड्रेस छोटा या बड़ा हो जाया करती थी। इससे राहत दिलाने के लिए शासन इस प्रकार का कदम उठाने जा रही है। सूत्रों के अनुसार इस संबंध में बीएसए कार्यालय ने जरूरी तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। छात्र-छात्राओं के आधार कार्ड व उनके अभिभावकों के खाता नंबर की फीडिग किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
उधर, जिला समन्वयक प्रशिक्षण सुरेश तिवारी ने बताया कि इस संबंध में सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि सभी पंजीकृत छात्र-छात्राओं के आधार व उनके अभिभावकों के खाते की फीडिंग का कार्य पूर्ण कर लें। हालांकि इसे लेकर अभी तक शासन से किसी प्रकार की लिखित जानकारी नहीं दी गई है। इसके बावजूद जरूरी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
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परिषदीय विद्यालयों में पंजीकृत छात्र-छात्राओं को केंद्र व प्रदेश सरकारों की ओर से संचालित योजनाओं का समुचित लाभ मिल सके, इसके लिए शासन द्वारा लगातार समुचित कदम उठाया जा रहा है। कोरोना संकटकाल में जबकि विद्यालय बंद हैं, तो ऐसे में छात्र-छात्राओं को किसी भी प्रकार की मुश्किल न हो, इसके लिए उनके अभिभावकों के खाते में एमडीएम की राशि भेजी जा रही है। इसका व्यापक लाभ भी छात्र-छात्राओं व उनके अभिभावकों को मिल रहा है। इन सबके बीच अब जिले के 1586 परिषदीय विद्यालयों में पंजीकृत 2 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को आगामी दिनों में शासन से बड़ी राहत मिलने की संभावना है।
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समय रहते गुणवत्तापूर्ण ड्रेस, जूता, मोजा व स्वेटर उपलब्ध हो सके, इसके लिए शासन ने एमडीएम राशि की तरह ही इसकी भी धनराशि उनके अभिभावकों के खाते में भेजी जाएगी। इसके लिए जरूरी तैयारियां बीएसए कार्यालय ने शासन के निर्देश पर शुरू कर दी है। अब तक छात्र-छात्राओं को ड्रेस जूता, मोजा व स्वेटर उपलब्ध कराने के लिए टेंडर प्रक्रिया होती थी। इसके बाद कार्यदायी संस्था की ओर से छात्र-छात्राओं को ड्रेस, स्वेटर, जूता व मोजा कराए जाते थे।
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इसमें अक्सर विभिन्न प्रकार की समस्याएं सामने आती रहती थीं। कभी गुणवत्ता पर सवालिया निशान लगता था, तो कभी ड्रेस छोटा या बड़ा हो जाया करती थी। इससे राहत दिलाने के लिए शासन इस प्रकार का कदम उठाने जा रही है। सूत्रों के अनुसार इस संबंध में बीएसए कार्यालय ने जरूरी तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। छात्र-छात्राओं के आधार कार्ड व उनके अभिभावकों के खाता नंबर की फीडिग किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
उधर, जिला समन्वयक प्रशिक्षण सुरेश तिवारी ने बताया कि इस संबंध में सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि सभी पंजीकृत छात्र-छात्राओं के आधार व उनके अभिभावकों के खाते की फीडिंग का कार्य पूर्ण कर लें। हालांकि इसे लेकर अभी तक शासन से किसी प्रकार की लिखित जानकारी नहीं दी गई है। इसके बावजूद जरूरी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।