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दम तोड़ गया औद्योगिक विकास का सपना
अमर उजाला ब्यूरो/ अंबेडकरनगर
Updated Thu, 20 Aug 2015 11:05 PM IST
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भूमि चयन होने के साथ विद्युतीकरण के लिए खंभे व आवागमन के लिए खड़ंजे तो
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लगा दिए गए लेकिन मामला इसके आगे नहीं बढ़ सका। पिछड़े क्षेत्र में व्यापार
को बढ़ावा देने के लिए यदि यहां बुनियादी सुविधाओं की बेहतरी तय की गयी
होती तो उसके अच्छे परिणाम सामने आते।
औद्योगिक विकास के लिहाज से पिछड़े क्षेत्रों में शुमार आलापुर तहसील में मिनी औद्योगिक क्षेत्र के लिए जहांगीरगंज विकास खंड के तेंदुआईकला गांव के निकट जगह का चयन किया गया था। योजना के अनुरूप यहां 2.50 एकड़ भूमि चिह्नित की गई थी।
उद्योगों की स्थापना के लिए इस भूमि में कुल 50 ब्लाक बनाए गए। व्यापारियों को आकर्षित करने के लिए यहां जिले के दो अन्य मिनी औद्योगिक क्षेत्रों के सापेक्ष ज्यादा काम हुए। एक भवन बनने के अलावा आवागमन के लिए कई तरफ खड़ंजा मार्ग लगाया गया।
विद्युतीकरण के लिए खंभे खड़े किए गए, लेकिन रोजगार के लिए सुरक्षा व अन्य औपचारिकताओं की जो जरूरत थी, वह यहां पूरी नहीं हो सकी। आनन फानन में 47 व्यापारियों व अन्य लोगों को प्लाटों का आवंटन भी कर दिया गया। इसके बाद भी यहां कोई औद्योगिक गतिविधि पनप नहीं सकी। समय के थपेड़ों के साथ यह पूरा भू भाग घने जंगल में तब्दील होने लगा है।
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यहां लगे खड़ंजे की तमाम ईंट लोग उखाड़ ले गए, जबकि मौके पर खड़े बिजली के खंभे लगातार जर्जर हो रहे हैं। व्यापार को बढ़ावा देने के लिए बना भवन पूरी तरह खंडहर में तब्दील हो गया है। देख रेख के अभाव में अब यहां कोई व्यापारिक गतिविधि पनपने की उम्मीद दम तोड़ चुकी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यहां सतत देखभाल की गई होती, और पुराने प्लाटों का आवंटन निरस्त कर नए आवंटन किए गए होते तो भी यहां कुछ काम बन सकता था।
तेंदुआईकला में उद्योगों की स्थापना का मार्ग प्रशस्त करने के लिए शासन व निदेशालय को प्रस्ताव भेजा गया है। यहां बिजली, पुलिया व खड़ंजा आदि के लिए 45 लाख रुपए का प्रस्ताव भेजा गया है। इसे अनुमति मिलने के बाद यहां की व्यवस्थाएं दुरुस्त हो सकेंगी। इन कार्यों को हरी झंडी मिलने के बाद व्यापारियों का ध्यान भी इस तरफ आकृष्ट होने की उम्मीद है।
व्यापारी नेता रामचन्द्र जायसवाल ने कहा कि सिर्फ कोई क्षेत्र घोषित कर देने से भला नहीं होने वाला। सरकारों को पूरी गंभीरता से अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करना होगा। व्यापारियों का हित तय करने के लिए औद्योगिक क्षेत्र में सभी मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने के साथ ही सुरक्षा भी उपलब्ध करानी होगा।
व्यापारी नेता शिवकुमार गुप्त ने कहा कि आलापुर तहसील में मिनी औद्योगिक क्षेत्र सिर्फ छलावा है। तहसील क्षेत्र के व्यापारियों के लिए यहां सिंगल विंडो पर सभी अनापत्ति निर्गत करने का काम तय करना होगा, जिससे लघु उद्योगों की स्थापना में तेजी आ सकेगी।
उपायुक्त उद्योग यूसी श्रीवास्तव ने बताया कि जिन प्लाटों का आवंटन पूर्व में हो चुका है, उनमें से कई को निरस्त करने की तैयारी चल रही है। औद्योगिक क्षेत्रों में बेहतरी तय करने के लिए आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं।
औद्योगिक विकास के लिहाज से पिछड़े क्षेत्रों में शुमार आलापुर तहसील में मिनी औद्योगिक क्षेत्र के लिए जहांगीरगंज विकास खंड के तेंदुआईकला गांव के निकट जगह का चयन किया गया था। योजना के अनुरूप यहां 2.50 एकड़ भूमि चिह्नित की गई थी।
उद्योगों की स्थापना के लिए इस भूमि में कुल 50 ब्लाक बनाए गए। व्यापारियों को आकर्षित करने के लिए यहां जिले के दो अन्य मिनी औद्योगिक क्षेत्रों के सापेक्ष ज्यादा काम हुए। एक भवन बनने के अलावा आवागमन के लिए कई तरफ खड़ंजा मार्ग लगाया गया।
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विद्युतीकरण के लिए खंभे खड़े किए गए, लेकिन रोजगार के लिए सुरक्षा व अन्य औपचारिकताओं की जो जरूरत थी, वह यहां पूरी नहीं हो सकी। आनन फानन में 47 व्यापारियों व अन्य लोगों को प्लाटों का आवंटन भी कर दिया गया। इसके बाद भी यहां कोई औद्योगिक गतिविधि पनप नहीं सकी। समय के थपेड़ों के साथ यह पूरा भू भाग घने जंगल में तब्दील होने लगा है।
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यहां लगे खड़ंजे की तमाम ईंट लोग उखाड़ ले गए, जबकि मौके पर खड़े बिजली के खंभे लगातार जर्जर हो रहे हैं। व्यापार को बढ़ावा देने के लिए बना भवन पूरी तरह खंडहर में तब्दील हो गया है। देख रेख के अभाव में अब यहां कोई व्यापारिक गतिविधि पनपने की उम्मीद दम तोड़ चुकी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यहां सतत देखभाल की गई होती, और पुराने प्लाटों का आवंटन निरस्त कर नए आवंटन किए गए होते तो भी यहां कुछ काम बन सकता था।
तेंदुआईकला में उद्योगों की स्थापना का मार्ग प्रशस्त करने के लिए शासन व निदेशालय को प्रस्ताव भेजा गया है। यहां बिजली, पुलिया व खड़ंजा आदि के लिए 45 लाख रुपए का प्रस्ताव भेजा गया है। इसे अनुमति मिलने के बाद यहां की व्यवस्थाएं दुरुस्त हो सकेंगी। इन कार्यों को हरी झंडी मिलने के बाद व्यापारियों का ध्यान भी इस तरफ आकृष्ट होने की उम्मीद है।
व्यापारी नेता रामचन्द्र जायसवाल ने कहा कि सिर्फ कोई क्षेत्र घोषित कर देने से भला नहीं होने वाला। सरकारों को पूरी गंभीरता से अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करना होगा। व्यापारियों का हित तय करने के लिए औद्योगिक क्षेत्र में सभी मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने के साथ ही सुरक्षा भी उपलब्ध करानी होगा।
व्यापारी नेता शिवकुमार गुप्त ने कहा कि आलापुर तहसील में मिनी औद्योगिक क्षेत्र सिर्फ छलावा है। तहसील क्षेत्र के व्यापारियों के लिए यहां सिंगल विंडो पर सभी अनापत्ति निर्गत करने का काम तय करना होगा, जिससे लघु उद्योगों की स्थापना में तेजी आ सकेगी।
उपायुक्त उद्योग यूसी श्रीवास्तव ने बताया कि जिन प्लाटों का आवंटन पूर्व में हो चुका है, उनमें से कई को निरस्त करने की तैयारी चल रही है। औद्योगिक क्षेत्रों में बेहतरी तय करने के लिए आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं।