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Ambedkar Nagar News: हाफ टाइम ओपीडी में डॉक्टरों ने मनाई फुल टाइम छुट्टी

Mon, 12 May 2025 10:56 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 12 May 2025 10:56 PM IST
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Doctors celebrated full time holiday in half time OPD
जिला अस्पताल में नेत्र ओपीडी में खाली पड़ी कुर्सी। संवाद
अंबेडकरनगर। जिला अस्पताल में सोमवार को बुद्ध पूर्णिमा के चलते सिर्फ चार घंटे की ओपीडी रही। इन चार घंटे में मरीजों को इलाज कराने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी। कई डाॅक्टरों ओपीडी से गायब रहे। अस्पताल में कई चिकित्सकों की कुर्सियां खाली रहीं, मरीजों के पूछने पर कर्मचारियों ने चुप्पी साधे रखी।
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सुबह आठ बजते ही इलाज के लिए मरीजों के आने का सिलसिला शुरू हो गया। परचा काउंटर पर लोग परचा बनवाकर जब चिकित्सक को दिखाने पहुंचे तो आधे से अधिक डॉक्टरों की कुर्सियां खाली थीं। कुछ चिकित्सक मौजूद थे और मरीजों को उपचार कर रहे थे। कई मरीज चिकित्सकों के दरवाजे काफी समय तक खड़े रहे, जब लोगों ने पूछा तो स्टाफ कुछ नहीं बोला। ऐसे में तमाम मरीजों को बिना उपचार कराए ही वापस लौटना पड़ा।
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फिजीशियन कक्ष की खाली रही कुर्सी
जिला अस्पताल में तैनात मनोज शुक्ला की ओपीडी में मरीजों की लंबी कतार थी। सुबह से ही मरीज उन्हें दिखाने आ गए थे। काफी इंतजार के बाद लोगों ने पूछा तो मौजूद कर्मचारियों ने बताया कि साहब अभी राउंड पर पर हैं। काफी देर तक डॉक्टर नहीं आए तो मरीज लौट गए। इसी तरीके से डॉ. योगेश वर्मा भी ओपीडी में नहीं मिले।
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नेत्र रोग की ओपीडी भी खाली
मौसम के कारण इन दिनों आंख की परेशानी के मरीज बढ़े हैं। सोमवार को भी ओपीडी में दिखाने के लिए मरीजों की संख्या अधिक थी, लेकिन वहां पर भी चिकित्सक की कुर्सी खाली मिली ऐसे में लोगों को बिना उपचार के वापस जाना पड़ा।

स्ट्रेचर व्हीलचयेर के लिए इमरजेंसी जाइए
तीमारदार अपने मरीज को स्ट्रेचर पर लिटाकर खुद इमरजेंसी व ओपीडी तक ले जाने को मजबूर हैं, लेकिन अस्पताल प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं है। सबसे अहम तो यह है कि ओपीडी के आसपास न तो कोई कर्मचारी रहता है और न ही कोई व्हीलचेयर व स्ट्रेचर। ऐसे में अगर किसी को जरूरत पड़ती है तो उसे इमरजेंसी तक दौड़ लगानी पड़ती है। सोमवार को अकबरपुर के फत्तेपुर के रहने वाले युवक अपनी दादी हसीना को अस्थि की ओपीडी में दिखाने के लिए आए थे। वह चलने फिरने में असमर्थ थीं जिसके कारण उन्हें स्ट्रेचर की आवश्यकता थी। लेकिन काफी खोजबीन के बाद जब उसे ओपीडी के सामने स्ट्रेचर नहीं मिला तो इमरजेंसी से लेकर आना पड़ा, और इतना ही नहीं इस दौरान कोई भी कर्मचारी भी सहयोग के लिए नहीं मौजूद रहा। ऐसे में लोगों को खुद ही स्ट्रेचर खींच कर ले जाना पड़ता है।

कराएंगे जांच
अवकाश होने के कारण कुछ चिकित्सक चले गए थे। सभी से ओपीडी में बैठने के लिए कहा गया था। अगर कुर्सियां खाली रहीं तो मामले की जांच करवाई जाएगी।
- डॉ. पीएन यादव, प्रभारी सीएमएस
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