{"_id":"6a47e3576bc2ee28aa009dcd","slug":"dm-reached-the-plate-and-utensil-industry-expressed-displeasure-over-the-non-working-machines-ambedkar-nagar-news-c-91-1-brp1007-159841-2026-07-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambedkar Nagar News: दोना-पत्तल उद्योग पहुंचीं डीएम, बंद मशीनों पर जताई नाराजगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambedkar Nagar News: दोना-पत्तल उद्योग पहुंचीं डीएम, बंद मशीनों पर जताई नाराजगी
विज्ञापन
अंबेडकरनगर। ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में संचालित स्वयं सहायता समूहों की गतिविधियों की हकीकत जानने के लिए शुक्रवार को डीएम ईशा प्रिया विकासखंड भीटी के ग्राम पंचायत चाचिकपुर पहुंचीं। यहां उन्होंने गंगा महिला आजीविका स्वयं सहायता समूह एवं रोशनी महिला आजीविका स्वयं सहायता समूह की ओर से संयुक्त रूप से संचालित दोना-पत्तल उद्योग का निरीक्षण किया। कई मशीनें बंद मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए 15 दिन के भीतर सभी मशीनों का नियमित संचालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने उत्पादन क्षमता, मशीनों की कार्यप्रणाली और तैयार उत्पादों के विपणन की स्थिति का विस्तृत आकलन किया। उन्होंने ब्लॉक मिशन मैनेजर को निर्देश दिया कि उद्योग की सभी मशीनों को शीघ्र चालू कराया जाए ताकि उत्पादन बढ़े और अधिक से अधिक ग्रामीण महिलाओं को रोजगार उपलब्ध हो सके।
डीएम ने समूहों की ओर से तैयार किए जा रहे दोना-पत्तलों की गुणवत्ता और पैकेजिंग को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि उत्पादों की प्रभावी ब्रांडिंग और विपणन व्यवस्था विकसित की जाए जिससे बाजार में उनकी मांग बढ़े और स्वयं सहायता समूहों की आय में निरंतर वृद्धि हो।
विज्ञापन
इसके बाद डीएम ने ग्राम पंचायत भवन में विभिन्न स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के साथ बैठक कर उनके कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने महिलाओं को समूहों से जुड़कर स्वरोजगार अपनाने, नए उद्यम शुरू करने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। निरीक्षण के दौरान डीसी एनआरएलएम सुरेंद्र प्रताप सिंह समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
निरीक्षण के दौरान डीएम ने उत्पादन क्षमता, मशीनों की कार्यप्रणाली और तैयार उत्पादों के विपणन की स्थिति का विस्तृत आकलन किया। उन्होंने ब्लॉक मिशन मैनेजर को निर्देश दिया कि उद्योग की सभी मशीनों को शीघ्र चालू कराया जाए ताकि उत्पादन बढ़े और अधिक से अधिक ग्रामीण महिलाओं को रोजगार उपलब्ध हो सके।
विज्ञापन
डीएम ने समूहों की ओर से तैयार किए जा रहे दोना-पत्तलों की गुणवत्ता और पैकेजिंग को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि उत्पादों की प्रभावी ब्रांडिंग और विपणन व्यवस्था विकसित की जाए जिससे बाजार में उनकी मांग बढ़े और स्वयं सहायता समूहों की आय में निरंतर वृद्धि हो।
विज्ञापन
इसके बाद डीएम ने ग्राम पंचायत भवन में विभिन्न स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के साथ बैठक कर उनके कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने महिलाओं को समूहों से जुड़कर स्वरोजगार अपनाने, नए उद्यम शुरू करने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। निरीक्षण के दौरान डीसी एनआरएलएम सुरेंद्र प्रताप सिंह समेत अन्य लोग मौजूद रहे।