{"_id":"67a24e12f06eba9379016a69","slug":"dialysis-will-start-soon-in-the-medical-college-technicians-will-be-deployed-ambedkar-nagar-news-c-91-1-abn1008-128931-2025-02-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambedkar Nagar News: मेडिकल कॉलेज में जल्द शुरू होगी डायलिसिस, तैनात होंगे टेक्नीशियन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambedkar Nagar News: मेडिकल कॉलेज में जल्द शुरू होगी डायलिसिस, तैनात होंगे टेक्नीशियन
Tue, 04 Feb 2025 10:57 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Tue, 04 Feb 2025 10:57 PM IST
विज्ञापन
अंबेडकरनगर। राजकीय मेडिकल कॉलेज में किडनी के मरीजों के लिए जल्द ही डायलिसिस शुरू की जाएगी। दो बेड की डायलिसिस यूनिट तैयार की गई है। टेक्नीशियन की तैनाती के लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से प्रस्ताव भेजा गया है। अभी मेडिकल काॅलेज आने वाले मरीजाें को डायलिसिस की सुविधा के लिए जिला अस्पताल जाना पड़ता है।
पिछले कुछ वर्षों में किडनी के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। गुर्दे खराब हो जाने के कारण रोगियों का रक्त फिल्टर नहीं हो पाता है। ऐसे में इन्हें डायलिसिस कराने की सलाह दी जाती है। वर्तमान समय में जिला अस्पताल में ही डायलिसिस की सुविधा है। यहां राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत डीसीडीसी कंपनी की ओर से 18 बेड की यूनिट का संचालन किया जा रहा है। इसमें तीन बेड एचआईवी पॉजीटिव जैसे मरीजों के लिए आरक्षित रहते हैं।
मरीजों की संख्या इतना अधिक है कि यह सभी बेड लगातार फुल रहते हैं। वहीं महामाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर में आने वाले मरीजों को डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मेडिसिन विभाग के अधीन दो बेड की डायलिसिस यूनिट तैयार की गई है। इसमें गुर्दा रोग से पीड़ित रोगी के खून को फिल्टर करने के लिए मशीनें लगाई गई हैं। संचालन के लिए टेक्नीशियन की अभी तैनाती नहीं है।
विज्ञापन
इसके लिए मेडिकल कॉलेज की ओर से शासन को पत्र लिखकर मंजूरी मांगी गई है। प्राचार्य डॉ. आभास कुमार सिंह ने बताया कि शासन से हरी झंडी मिलते ही टेक्नीशियनों की तैनाती की जाएगी। इससे मरीजों को काफी सहूलियत होगी। जैसे-जैसे मरीजों की संख्या बढ़ेगी, यूनिट का विस्तार भी किया जाएगा।
विज्ञापन
पिछले कुछ वर्षों में किडनी के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। गुर्दे खराब हो जाने के कारण रोगियों का रक्त फिल्टर नहीं हो पाता है। ऐसे में इन्हें डायलिसिस कराने की सलाह दी जाती है। वर्तमान समय में जिला अस्पताल में ही डायलिसिस की सुविधा है। यहां राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत डीसीडीसी कंपनी की ओर से 18 बेड की यूनिट का संचालन किया जा रहा है। इसमें तीन बेड एचआईवी पॉजीटिव जैसे मरीजों के लिए आरक्षित रहते हैं।
विज्ञापन
मरीजों की संख्या इतना अधिक है कि यह सभी बेड लगातार फुल रहते हैं। वहीं महामाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर में आने वाले मरीजों को डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मेडिसिन विभाग के अधीन दो बेड की डायलिसिस यूनिट तैयार की गई है। इसमें गुर्दा रोग से पीड़ित रोगी के खून को फिल्टर करने के लिए मशीनें लगाई गई हैं। संचालन के लिए टेक्नीशियन की अभी तैनाती नहीं है।
विज्ञापन
इसके लिए मेडिकल कॉलेज की ओर से शासन को पत्र लिखकर मंजूरी मांगी गई है। प्राचार्य डॉ. आभास कुमार सिंह ने बताया कि शासन से हरी झंडी मिलते ही टेक्नीशियनों की तैनाती की जाएगी। इससे मरीजों को काफी सहूलियत होगी। जैसे-जैसे मरीजों की संख्या बढ़ेगी, यूनिट का विस्तार भी किया जाएगा।