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कार्तिक पूर्णिमा पर जुटे श्रद्धालु
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अंबेडकरनगर। जिले में शुक्रवार को कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर सरयू नदी समेत विभिन्न घाटों पर जुटे श्रद्धालुओं ने स्नान पूजन कर सामर्थ्य के अनुसार दान पुण्य किया। इस दौरान विभिन्न स्थानों पर भगवान सत्यनारायण की कथा का आयोजन भी किया गया। टांडा व आलापुर तहसील क्षेत्रों में सरयू नदी के विभिन्न घाटों के साथ ही मंशापुर स्थित बाबा डम्मरदास की कुटी पर बड़ी संख्या में जुटे श्रद्धालुओं ने पवित्र सरोवर में स्नान किया। इसके साथ ही यहां आयोजित होने वाले तीन दिवसीय मेले का शुभारंभ भी हुआ। इसमें जुटे लोगों ने डम्मर दास की समाधि पर माथा टेक कर घर परिवार व समाज की बेहतरी के लिए पूजन अर्चन भी किया।
कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर लोगों ने श्रद्धा के साथ भगवान सत्यनारायण का विधि विधानपूर्वक पूजन कर कथा सुना। साथ ही पवित्र सरयू में स्नान कर दान दिया। मान्यता के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा पर दिया गया दान कई महायज्ञों के बराबर होता है। इस मौके पर ग्रामीणांचलों में परम्परागत मेले का भी आयोजन हुआ।
टांडा प्रतिनिधि के अनुसार शुक्रवार को कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने क्षेत्र के श्रीहनुमानगढी घाट, राजघाट व श्रीतामेश्वर नाथ महादेव डुहिया स्थित पवित्र सरयू तट पर स्नान बाद पूजन अर्चन किया। कार्तिक पूर्णिमा के दिन कई घरों में तुलसी पूजन का विशेष श्रृंगार करके विधि-विधान से पूजा अर्चना कर नम आंखो से विदाई दी गयी। महरुआ प्रतिनिधि के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर मंशापुर कुटी पर तीन दिवसीय मेले का शुभारंभ हुआ। श्रद्धालुओं ने पवित्र सरोवर में स्नान के बाद बाबा डम्मरदास की समाधि पर माथा भी टेका।
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कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर लोगों ने श्रद्धा के साथ भगवान सत्यनारायण का विधि विधानपूर्वक पूजन कर कथा सुना। साथ ही पवित्र सरयू में स्नान कर दान दिया। मान्यता के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा पर दिया गया दान कई महायज्ञों के बराबर होता है। इस मौके पर ग्रामीणांचलों में परम्परागत मेले का भी आयोजन हुआ।
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टांडा प्रतिनिधि के अनुसार शुक्रवार को कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने क्षेत्र के श्रीहनुमानगढी घाट, राजघाट व श्रीतामेश्वर नाथ महादेव डुहिया स्थित पवित्र सरयू तट पर स्नान बाद पूजन अर्चन किया। कार्तिक पूर्णिमा के दिन कई घरों में तुलसी पूजन का विशेष श्रृंगार करके विधि-विधान से पूजा अर्चना कर नम आंखो से विदाई दी गयी। महरुआ प्रतिनिधि के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर मंशापुर कुटी पर तीन दिवसीय मेले का शुभारंभ हुआ। श्रद्धालुओं ने पवित्र सरोवर में स्नान के बाद बाबा डम्मरदास की समाधि पर माथा भी टेका।
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