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Ambedkar Nagar News: महाकुंभ हादसे के बावजूद अडिग है श्रद्धालुओं की आस्था

Sat, 01 Feb 2025 11:05 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर Updated Sat, 01 Feb 2025 11:05 PM IST
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Despite the Maha Kumbh tragedy, the faith of the devotees remains firm
अंबेडकरनगर। क्षेत्र से सैकड़ों श्रद्धालु महाकुंभ में स्नान करने गए हैं तो वहीं, दूसरे राज्यों के कुछ लोग महाकुंभ में दर्शन के बाद वापस लौट रहे हैं। इसके अलावा कुछ लोग अयोध्या दर्शन के लिए भी जा रहे हैं। महाकुंभ में हुए हादसे के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था अडिग है। श्रद्धालु तीर्थराज प्रयाग में आस्था की डुबकी लगाने के लिए उत्साहित हैं। इस दौरान अकबरपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार कर रहे कुछ यात्रियों से बातचीत की गई।
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पहले टला, फिर बना स्नान का प्लान
रानीपुर मोहन गांव के रहने वाले रामसुंदर का कहना है कि गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम में डुबकी लगाकर ही चैन मिलेगा। कई दिनों से जाने की योजना बना रहे थे। हादसे की खबर सुनकर जाने का कार्यक्रम टाल दिया। अब पता चला है कि स्थिति सामान्य है। वहीं, उनकी पत्नी बिपिना देवी ने बताया कि जिंदगी के अंतिम दिन चल रहे हैं। कुछ समय इस मोह-माया से अलग होकर ईश्वर की भक्ति में देना चाहते हैं। शायद इसी स्नान से उद्धार हो जाए।
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बस ने 50 किमी की दूरी 24 घंटे में तय की
राजस्थान के रहने वाले मुकेश ने बताया कि महाकुंभ में स्नान के बाद वापस लौटे और अयोध्या दर्शन करने के लिए जा रहे थे। उन्होंने बताया कि प्रयागराज जाते समय बस ने 50 किमी की दूरी 24 घंटे में तय की थी। भीड़ इतनी थी कि पैर रखने की जगह नहीं मिल रही थी।
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अपनों से वीडियो काॅल पर बात करते रहे
राजस्थान और पंजाब बार्डर निवासी प्रभु दयाल ने बताया कि हादसे के वक्त हमारे गांव से कुछ लोग फंसे थे। जिनसे फोन पर वीडियो काॅलिंग के माध्यम से बात कर रहे थे। उस भीड़ के दृश्य को देखकर रूह कांप जाती है। इस हादसे में किसी ने अपना पति, पिता तो किसी ने पत्नी को खोया।

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पूर्वजों का पुण्यफल, सही सलामत लौटे
भिंड मुरैना के रहने वाले आशीष श्रीवास्तव अपने 11 लोगों के साथ अयोध्या जा रहे थे। उनका कहना है कि संगम में स्नान के दौरान भीड़ ज्यादा होने के कारण धर्मशाला में रुक गए थे। ये हमारा तो नहीं शायद हमारे पूर्वजों का पुण्यफल है कि सही सलामत वापस लौट पाए।
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