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धोखाधड़ी में विद्यालय की मान्यता रद, दर्ज होगा केस

Thu, 06 Jul 2017 11:29 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर Updated Thu, 06 Jul 2017 11:29 PM IST
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Recognition of school due to fraud canceled
धोखाधड़ी - फोटो : symbolic

शिक्षा क्षेत्र जलालपुर में एक और विद्यालय बिना निजी भूमि के संचालित होता पाया गया है। संबंधित विद्यालय की मान्यता वापस ले ली गई है। साथ ही खंड शिक्षा अधिकारी जलालपुर को विद्यालय संचालक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया है।

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गौरतलब है कि फरीदपुर जलालपुर निवासी डॉ. सूर्यनरायण यादव ने वर्ष 2015 में डीएम को पत्र देकर शिकायत की थी कि योगी बाबा वैदिक पाठशाला योगी आश्रम फरीदपुर के नाम से एक शिक्षण संस्थान संचालित किया जा रहा है लेकिन संबंधित शिक्षण संस्थान के नाम कोई भूमि नहीं है। जिस भूमि पर विद्यालय संचालित हो रहा है, वह नवीन परती है।
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इसी भूखंड को विद्यालय की भूमि बताकर कूटरचित ढंग से विद्यालय की अस्थाई मान्यता प्राप्त कर ली गई जो पूरी तरह नियम विरुद्ध है। तत्कालीन डीएम ने मामले में बीएसए व एसडीएम जलालपुर को जांच के लिए निर्देशित किया था। डीएम के निर्देश पर तीन सदस्यीय टीम ने मामले की जांच की।
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नायब तहसीलदार ने अपनी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की। बताया कि उक्त भूमि नवीन परती खाते में दर्ज है जिस पर विद्यालय संचालित हो रहा है। मान्यता प्राप्त करने में प्रबंध समिति द्वारा इन तथ्यों को छुपाया गया। इसके बाद बीएसए ने विद्यालय को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए कार्यालय में आवश्यक अभिलेखों के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया।

हालांकि विद्यालय प्रबंधन से जुड़े लोग कार्यालय में अपना पक्ष रखने के लिए उपस्थित नहीं हुए। इस पर 3 जनवरी 2017 को डीएम के निर्देश पर एसडीएम, बीएसए व प्रधानाचार्य जीआईसी अकबरपुर को जांच कर आख्या प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया। एसडीएम ने 18 अप्रैल को जांच में बताया कि विद्यालय जिस भूमि में संचालित है, वह नवीन परती है।


विद्यालय के नाम से कोई भूमि नहीं है। ऐसे में विद्यालय को मान्यता प्रदान कने का कोई औचित्य नहीं बनता। इसके बाद 26 जून को विद्यालय की मान्यता वापस लेने की कार्रवाई बीएसए द्वारा शुरू कर दी गई। इसके साथ ही खंड शिक्षा अधिकारी को संचालक  के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया गया है।

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