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हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर वृद्ध समेत तीन झुलसे, एक रेफर
Updated Sat, 10 Nov 2018 10:17 PM IST
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अंबेडकरनगर। मालीपुर थाना अंतर्गत कजरीनंदापुर गांव में शुक्रवार देर रात मूर्ति विसर्जन शोभायात्रा के दौरान हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से एक वृद्ध समेत तीन लोग गंभीर रूप से झुलस गए। सभी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां हालत की गंभीरता को देखते हुए एक को ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार देर रात कजरीनंदापुर गांव में मां लक्ष्मी व भगवान गणेश मूर्ति विसर्जन के लिए शोभायात्रा निकाली गई थी। गांव के बाहर हाईटेंशन लाइन तार लटका रहा था। मूर्ति से तार स्पर्श न करे, इसके लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली पर मौजूद शंभू (28) पुत्र राजेंद्र सरिया से तार हटाने लगा। इससे उतरे करंट की चपेट में आ गया। शंभू को बचाने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली पर सवार कैलाश (65) पुत्र रामबली व योगेंद्र (23) पुत्र राममनोहर ने उसे बचाने का प्रयास किया, जिससे वह दोनों भी करंट की चपेट में आ गए। वहां मौजूद लोगों ने लाठी से मारकर तार अलग किया। हालांकि तब तक तीनों गंभीर रूप से झुलस चुके थे। स्थानीय स्तर पर इलाज के बाद तीनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां हालत की गंभीरता को देखते हुए शंभू को ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यह संयोग ही रहा कि करंट ट्रैक्टर-ट्रॉली में नहीं उतरा, नहीं तो बड़ी घटना हो सकती थी। घटना से स्थानीय लोगों में पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों व कर्मचारियों के प्रति आक्रोश फैल गया। नाराजगी जताते हुए कहा कि ढीला तार ठीक करने की शिकायत कई बार जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों से की गई, लेकिन कोई गंभीरता नहीं दिखाई गई। उधर अधिशाषी अभियंता विद्युत एके यादव ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी नहीं है।
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जानकारी के अनुसार शुक्रवार देर रात कजरीनंदापुर गांव में मां लक्ष्मी व भगवान गणेश मूर्ति विसर्जन के लिए शोभायात्रा निकाली गई थी। गांव के बाहर हाईटेंशन लाइन तार लटका रहा था। मूर्ति से तार स्पर्श न करे, इसके लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली पर मौजूद शंभू (28) पुत्र राजेंद्र सरिया से तार हटाने लगा। इससे उतरे करंट की चपेट में आ गया। शंभू को बचाने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली पर सवार कैलाश (65) पुत्र रामबली व योगेंद्र (23) पुत्र राममनोहर ने उसे बचाने का प्रयास किया, जिससे वह दोनों भी करंट की चपेट में आ गए। वहां मौजूद लोगों ने लाठी से मारकर तार अलग किया। हालांकि तब तक तीनों गंभीर रूप से झुलस चुके थे। स्थानीय स्तर पर इलाज के बाद तीनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां हालत की गंभीरता को देखते हुए शंभू को ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया गया।
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प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यह संयोग ही रहा कि करंट ट्रैक्टर-ट्रॉली में नहीं उतरा, नहीं तो बड़ी घटना हो सकती थी। घटना से स्थानीय लोगों में पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों व कर्मचारियों के प्रति आक्रोश फैल गया। नाराजगी जताते हुए कहा कि ढीला तार ठीक करने की शिकायत कई बार जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों से की गई, लेकिन कोई गंभीरता नहीं दिखाई गई। उधर अधिशाषी अभियंता विद्युत एके यादव ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी नहीं है।
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