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आवास योजना में लापरवाही पर जारी हुई 6 बीडीओ को नोटिस
Updated Wed, 08 Aug 2018 10:48 PM IST
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अंबेडकरनगर। प्रधानमंत्री आवासीय योजना के तहत आवास निर्माण को लेकर खंड विकास अधिकारियों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। कटेहरी, टांडा, जलालपुर, रामनगर, जहांगीरगंज व भीटी विकास खंड में वर्ष 2016-17 व 2017-18 के 389 आवासों का निर्माण कार्य अब तक पूर्ण नहीं हो सका है। गत दिवस रिपोर्ट सामने आने पर इसे गंभीरता से लेते हुए सीडीओ के निर्देश पर परियोजना निदेशक ने सभी छह खंड विकास अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही कटेहरी के खंड विकास अधिकारी को कारण बताओ नोटिस भी जारी की है। चेतावनी दी गई कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं हुआ, तो संबंधित के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी।
पक्के आवास में रहने का सपना साकार करने को लेकर केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री आवासीय योजना का संचालन किया जा रहा है। योजना के तहत वर्ष 2016-17 व 2017-18 में जिले को 12 हजार 272 आवास का लक्ष्य दिया गया। योजना का लाभ पात्रों को जल्द से जल्द मिल सके, इसके लिए पात्रों की सूची तैयार करने के साथ ही उनका स्थलीय सत्यापन किए जाने का भी निर्देश शासन ने दिया। पात्रों को योजना का समुचित लाभ दिलाने को लेकर शुरुआती दौर से विभिन्न प्रकार की लापरवाही का मामला सामने आता रहा। कभी समय पर धनराशि न मिलने की शिकायत आती, तो कभी योजना का लाभ दिलाने के लिए पात्रों से अवैध धनराशि की मांग का मामला सामने आता।
इसी सब लापरवाही का ही नतीजा रहा कि गत दिवस जब शासन ने योजना के तहत आवासों के निर्माण की स्थिति की जानकारी प्राप्त की, तो 11 हजार 798 आवास का निर्माण पूर्ण होने की जानकारी दी गई। सूची में शामिल 85 लोगों को स्थलीय सत्यापन के बाद अपात्र घोषित कर, उनके लिए आई धनराशि को वापस शासन को भेज दिया गया। इस प्रकार 389 आवास अब तक नहीं पूर्ण हो सके। कटेहरी, टांडा, जलालपुर, रामनगर, जहांगीरगंज व भीटी विकास खंड में ही अब तक आवास का निर्माण नहीं पूर्ण हो सका है। रिपोर्ट सामने आने के बाद इसे गंभीरता से लेते सीडीओ उमेश नारायन पांडेय के निर्देश पर परियोजना निदेशक प्रदीप पांडेय ने सभी छह खंड विकास अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही कटेहरी विकास खंड में आवास निर्माण मेें गति काफी खराब होने के चलते खंड विकास अधिकारी को स्पष्टीकरण के साथ साथ कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है। चेतावनी दी गई कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं रहा, तो संबंधित के विरुद्ध विधिक कार्रवाई भी की जाएगी।
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ज्यादातर पात्र चले गए गैर प्रांत
विभागीय सूत्रों के अनुसार संबंधित छह विकास खण्डों में जिन 398 आवासों का निर्माण कार्य अभी तक नहीं पूर्ण हो सका है, उनमें से 200 से अधिक लाभार्थी रोजगार के लिए परिवार के साथ गैर प्रांत चले गए हैं। इनमें ज्यादातर ऐसे हैं, जो या तो दूसरी या फिर तीसरी किस्त की 10 हजार रुपये की धनराशि लेकर चले गए। ऐसे में अब उनके आवास का निर्माण कार्य पूर्ण कराना खंड विकास अधिकारियों के समक्ष टेढ़ी खीर बना हुआ है।
मांगा गया है स्पष्टीकरण
कटेहरी, टांडा, जलालपुर, भीटी, रामनगर व जहांगीरगंज विकास खंडों में 398 आवास का निर्माण अब तक नहीं पूर्ण हो सका है। इनमें सबसे अधिक खराब स्थिति कटेहरी विकास खंड की है। इसे देखते हुए संबंधित खंड विकास अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। कटेहरी खंड विकास अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगने के साथ ही कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है। - प्रदीप पांडेय, परियोजना निदेशक
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पक्के आवास में रहने का सपना साकार करने को लेकर केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री आवासीय योजना का संचालन किया जा रहा है। योजना के तहत वर्ष 2016-17 व 2017-18 में जिले को 12 हजार 272 आवास का लक्ष्य दिया गया। योजना का लाभ पात्रों को जल्द से जल्द मिल सके, इसके लिए पात्रों की सूची तैयार करने के साथ ही उनका स्थलीय सत्यापन किए जाने का भी निर्देश शासन ने दिया। पात्रों को योजना का समुचित लाभ दिलाने को लेकर शुरुआती दौर से विभिन्न प्रकार की लापरवाही का मामला सामने आता रहा। कभी समय पर धनराशि न मिलने की शिकायत आती, तो कभी योजना का लाभ दिलाने के लिए पात्रों से अवैध धनराशि की मांग का मामला सामने आता।
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इसी सब लापरवाही का ही नतीजा रहा कि गत दिवस जब शासन ने योजना के तहत आवासों के निर्माण की स्थिति की जानकारी प्राप्त की, तो 11 हजार 798 आवास का निर्माण पूर्ण होने की जानकारी दी गई। सूची में शामिल 85 लोगों को स्थलीय सत्यापन के बाद अपात्र घोषित कर, उनके लिए आई धनराशि को वापस शासन को भेज दिया गया। इस प्रकार 389 आवास अब तक नहीं पूर्ण हो सके। कटेहरी, टांडा, जलालपुर, रामनगर, जहांगीरगंज व भीटी विकास खंड में ही अब तक आवास का निर्माण नहीं पूर्ण हो सका है। रिपोर्ट सामने आने के बाद इसे गंभीरता से लेते सीडीओ उमेश नारायन पांडेय के निर्देश पर परियोजना निदेशक प्रदीप पांडेय ने सभी छह खंड विकास अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही कटेहरी विकास खंड में आवास निर्माण मेें गति काफी खराब होने के चलते खंड विकास अधिकारी को स्पष्टीकरण के साथ साथ कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है। चेतावनी दी गई कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं रहा, तो संबंधित के विरुद्ध विधिक कार्रवाई भी की जाएगी।
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ज्यादातर पात्र चले गए गैर प्रांत
विभागीय सूत्रों के अनुसार संबंधित छह विकास खण्डों में जिन 398 आवासों का निर्माण कार्य अभी तक नहीं पूर्ण हो सका है, उनमें से 200 से अधिक लाभार्थी रोजगार के लिए परिवार के साथ गैर प्रांत चले गए हैं। इनमें ज्यादातर ऐसे हैं, जो या तो दूसरी या फिर तीसरी किस्त की 10 हजार रुपये की धनराशि लेकर चले गए। ऐसे में अब उनके आवास का निर्माण कार्य पूर्ण कराना खंड विकास अधिकारियों के समक्ष टेढ़ी खीर बना हुआ है।
मांगा गया है स्पष्टीकरण
कटेहरी, टांडा, जलालपुर, भीटी, रामनगर व जहांगीरगंज विकास खंडों में 398 आवास का निर्माण अब तक नहीं पूर्ण हो सका है। इनमें सबसे अधिक खराब स्थिति कटेहरी विकास खंड की है। इसे देखते हुए संबंधित खंड विकास अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। कटेहरी खंड विकास अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगने के साथ ही कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है। - प्रदीप पांडेय, परियोजना निदेशक