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दहशत फैलाकर हुआ मंशापुर कुटी की महंती पर कब्जे का प्रयास
Updated Fri, 09 Mar 2018 10:16 PM IST
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महरुआ (अंबेडकरनगर)। महंती पर कब्जे को लेकर शुक्रवार को एक महिला नेत्री ने अपने 30 गुर्गों के साथ मंशापुर डम्मरदास बाबा की कुटी पर धावा बोल जमकर तांडव किया। हमलावरों के साथ महिला नेत्री ने महंत सुखराम दास की पिटाई की और उन्हें धक्का देकर कुटी के बाहर निकाल दिया। यही नहीं महिला नेत्री ने दोनों गेट बंद कराकर कुटी पर कब्जा कर लिया। हमले की सूचना पर कुछ ही देर में सैकड़ों ग्रामीण कुटी पर आ धमके और कुटी में मौजूद हमलावरों को घेर लिया। आक्रोशित ग्रामीणों ने हमलावरों पर पथराव शुरू कर दिया। सूचना पर कुछ देर में ही आधा दर्जन थानों की फोर्स व महिला पुलिस मौके पर पहुंच गई। मामला गंभीर होते देखते भीटी एसडीएम व सीओ सिटी के अलावा एडीएम भी मौके पर पहुंचे। पीएसी टीम भी बुला ली गई। पुलिस ने आक्रोशित ग्रामीणों से हमलावरों को बचाने के लिए उन्हें हिरासत में लेकर चुपके से पिछले दरवाजे से थाने रवाना कर दिया। क्षेत्र में तनाव को देखते हुए पुलिस बल के अलावा पीएसी तैनात कर दी गई है। उधर, देर शाम पुलिस ने केस दर्ज करने के साथ ही आरोपी महिला नेत्री रंगीता मणि समेत 28 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
महरुआ थाना अन्तर्गत मंशापुर डम्मर बाबा की कुटी के महंत पद को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। इस कुटी के पास अकूत चल अचल संपत्ति है। लगभग तीन माह पूर्व मुख्य महंत रामनाथदास के निधन के बाद से कुटी पर कब्जे को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। उनके शिष्य सुखराम दास ने महंत का पद संभाल लिया। हालांकि दूसरे पक्षों द्वारा भी कुटी पर अपना दावा जताया जा रहा है। इस बीच शुक्रवार दोपहर बाद महिला नेत्री बंदनडीह की रंगीतामणि यादव समर्थकों समेत कुटी पर धावा बोल दिया। रंगीता ने महंत पद पर अपना दावा जताते हुए मुख्य गेट व पिछले गेट को अंदर से बंद करा दिया। इसके बाद कुटी में मौजूद महंत सुखराम की जमकर पिटाई की और धक्का देकर उन्हें कुटी से बाहर कर दिया। सूचना पर बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए। आक्रोशित ग्रामीणों ने कुटी को चारों तरफ से घेर लिया और पथराव शुरू कर दिया। ग्रामीण हमलावरों को सबक सिखाने पर अमादा थे। महरुआ पुलिस मौके पर आई और ग्रामीणों को रोकने का प्रयास किया, मगर वह कुछ सुनने को तैयार नहीं हुए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उच्चाधिकारियों ने बेवाना, भीटी, अहिरौली समेत आस-पास के थानों की फोर्स मौके पर भेजी। फिर एडीएम गिरिजेश त्यागी, एसडीएम भीटी हरिराम व सीओ सिटी धर्मेंद्र सचान दलबल के साथ मौके पर पहुंच गए। किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए पीएसी भी बुला ली गई। अधिकारियों ने एक तरफ ग्रामीणों को समझाने का प्रयास शुरू किया, तो दूसरी तरफ कुटी में मौजूद हमलावरों को भीड़ के कहर से बचाने के लिए पिछले हिस्से में वज्रवाहन लगाया, और दरवाजा खुलवाने के साथ सभी को उसमें बिठाकर तेजी से रवाना कर दिया। आक्रोशित लोग वाहन की तरफ दौड़े, लेकिन भारी पुलिस बल के चलते वाहन को रोकने में सफलता नहीं मिली।
9 लाख नगद व आभूषण लूटे जाने का आरोप
घटना के बाद बाबा सुखराम ने आरोप लगाया है कि रंगीता व उनके साथ आए लोगों ने कुटी में जमकर तोड़फोड़ की। कई कमरों का दरवाजा व ताला तोड़ डाला, तथा कई बाक्स आदि क्षतिग्रस्त कर दिए। महंत ने कहा कि उनकी पिटाई करने के साथ ही ग्रामीणों पर पथराव भी किया गया। महंत के मुताबिक कुटी पर कब्जा करने आए लोग लाठी डंडे के अलावा असलहे भी ले रखे थे। दहशत फैलाने के लिए फायरिंग भी की। कुटी में रखा 9 लाख रुपये नगद व लगभग एक किलोग्राम चांदी के आभूषण लूट लिया। इसके अलावा कुटी से संबंधित कागजात भी वे सब उठा ले गए।
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सभी आरोप मनगढ़ंत : रंगीता
खुद को हिंदू वादी नेता के तौर पर बताने वाली रंगीता मणि ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। कहा कि वे न तो कब्जा करने गई थीं और न ही उनके साथ मौजूद लोगों ने किसी के साथ मारपीट की है। उलटे उन्हें फर्जी ढंग से फंसाने की कोशिश की जा रही है।
शुक्रवार देरशाम कुल 28 लोगों को मौके से गिरफ्तार किया गया है। प्रकरण में वादी सुखराम की तहरीर पर महरुआ थाने में विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। प्रकरण की गहन विवेचना सुनिश्चित करायी जाएगी। - संतोष कुमार मिश्र, एसपी
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महरुआ थाना अन्तर्गत मंशापुर डम्मर बाबा की कुटी के महंत पद को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। इस कुटी के पास अकूत चल अचल संपत्ति है। लगभग तीन माह पूर्व मुख्य महंत रामनाथदास के निधन के बाद से कुटी पर कब्जे को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। उनके शिष्य सुखराम दास ने महंत का पद संभाल लिया। हालांकि दूसरे पक्षों द्वारा भी कुटी पर अपना दावा जताया जा रहा है। इस बीच शुक्रवार दोपहर बाद महिला नेत्री बंदनडीह की रंगीतामणि यादव समर्थकों समेत कुटी पर धावा बोल दिया। रंगीता ने महंत पद पर अपना दावा जताते हुए मुख्य गेट व पिछले गेट को अंदर से बंद करा दिया। इसके बाद कुटी में मौजूद महंत सुखराम की जमकर पिटाई की और धक्का देकर उन्हें कुटी से बाहर कर दिया। सूचना पर बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए। आक्रोशित ग्रामीणों ने कुटी को चारों तरफ से घेर लिया और पथराव शुरू कर दिया। ग्रामीण हमलावरों को सबक सिखाने पर अमादा थे। महरुआ पुलिस मौके पर आई और ग्रामीणों को रोकने का प्रयास किया, मगर वह कुछ सुनने को तैयार नहीं हुए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उच्चाधिकारियों ने बेवाना, भीटी, अहिरौली समेत आस-पास के थानों की फोर्स मौके पर भेजी। फिर एडीएम गिरिजेश त्यागी, एसडीएम भीटी हरिराम व सीओ सिटी धर्मेंद्र सचान दलबल के साथ मौके पर पहुंच गए। किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए पीएसी भी बुला ली गई। अधिकारियों ने एक तरफ ग्रामीणों को समझाने का प्रयास शुरू किया, तो दूसरी तरफ कुटी में मौजूद हमलावरों को भीड़ के कहर से बचाने के लिए पिछले हिस्से में वज्रवाहन लगाया, और दरवाजा खुलवाने के साथ सभी को उसमें बिठाकर तेजी से रवाना कर दिया। आक्रोशित लोग वाहन की तरफ दौड़े, लेकिन भारी पुलिस बल के चलते वाहन को रोकने में सफलता नहीं मिली।
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9 लाख नगद व आभूषण लूटे जाने का आरोप
घटना के बाद बाबा सुखराम ने आरोप लगाया है कि रंगीता व उनके साथ आए लोगों ने कुटी में जमकर तोड़फोड़ की। कई कमरों का दरवाजा व ताला तोड़ डाला, तथा कई बाक्स आदि क्षतिग्रस्त कर दिए। महंत ने कहा कि उनकी पिटाई करने के साथ ही ग्रामीणों पर पथराव भी किया गया। महंत के मुताबिक कुटी पर कब्जा करने आए लोग लाठी डंडे के अलावा असलहे भी ले रखे थे। दहशत फैलाने के लिए फायरिंग भी की। कुटी में रखा 9 लाख रुपये नगद व लगभग एक किलोग्राम चांदी के आभूषण लूट लिया। इसके अलावा कुटी से संबंधित कागजात भी वे सब उठा ले गए।
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सभी आरोप मनगढ़ंत : रंगीता
खुद को हिंदू वादी नेता के तौर पर बताने वाली रंगीता मणि ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। कहा कि वे न तो कब्जा करने गई थीं और न ही उनके साथ मौजूद लोगों ने किसी के साथ मारपीट की है। उलटे उन्हें फर्जी ढंग से फंसाने की कोशिश की जा रही है।
शुक्रवार देरशाम कुल 28 लोगों को मौके से गिरफ्तार किया गया है। प्रकरण में वादी सुखराम की तहरीर पर महरुआ थाने में विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। प्रकरण की गहन विवेचना सुनिश्चित करायी जाएगी। - संतोष कुमार मिश्र, एसपी