फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ambedkar Nagar News ›   25 हजार आबादी पी रही नाइट्रेट व आयरन कमीयुक्त पानी

25 हजार आबादी पी रही नाइट्रेट व आयरन कमीयुक्त पानी

Sat, 23 Dec 2017 11:45 PM IST
Updated Sat, 23 Dec 2017 11:45 PM IST
विज्ञापन
25 हजार आबादी पी रही नाइट्रेट व आयरन कमीयुक्त पानी
25 हजार लोग पी रहे सेहत खराब करने वाला पानी
विज्ञापन

अंबेडकरनगर। भूगर्भ जल की स्थिति जिले में चिंताजनक होती जा रही है। नौ क्षेत्रों के जलस्तर में नाइट्रेट व आयरन की कमीं पाई गई है। इन क्षेत्रों के 50 गांव की करीब 25 हजार आबादी सेहत को खराब करने वाला पानी पीने को विवश है। वहां हैंडपंप व सबमर्सिबल दूषित पानी देने लगे हैं जिसका असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा। उधर भीटी व अकबरपुर ब्लॉक क्षेत्र पहले से ही क्रिटिकल जोन में हैं।

पानी का स्तर और गुणवत्ता लगातार बिगड़ रही है। इसका प्रतिकूल प्रभाव लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ने के साथ शुद्ध पेयजल का संकट पैदा हो सकता है। जनपद में जमीन के अंदर पानी का स्तर और गुणवत्ता लगातार प्रभावित हो रही है। हालत यह है कि जलस्तर में कमीं के चलते भीटी विकास खण्ड और बेवाना विकास खण्ड क्षेत्र को क्रिटिकल जोन पूर्व में ही घोषित किया जा चुका है। बारिश के दिनों में भी इस क्षेत्र के लोगों को पेयजल की कम समस्या होती है। गर्मी में पेयजल की समस्या विकराल हो जाती है।
विज्ञापन


इसके अलावा जनपद के नौ क्षेत्र ऐसे हैं, जहां जलनिगम विभाग की जांच में पानी में नाइट्रेट व आयरन की कमीं पाई गई है। इसमें मूसेपुर, नरियांव, बसखारी, नत्थूपुर लोधना, आसापार, मजगवां, परसनपुर, बैरागी व पक्खनपुर शामिल है। इन क्षेत्रों की करीब 25 हजार आबादी सेहत बिगाड़ने वाला पानी पीने को विवश है। करीब 50 गांवों के लोग के पेयजल में नाइट्रेट व आयरन की कमीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अकबरपुर, टांडा व कटेहरी ब्लॉक के कई इलाके ऐसे हैं, जहां के ज्यादातर हैंडपंप दूषित पानी दे रहे हैं। ऐसे पानी का असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। अकबरपुर विकास खण्ड के सिसवा निवासी सीताराम दुबे व सोनगांव के बिल्लू सिंह ने बताया कि बारिश कम होने से जलस्तर में लगातार कमीं हो रही है। इससे ज्यादातर हैंडपंप ने पानी देना ही बंद कर दिया है। साधारण बोरिंग वाले ट्यूबवेल भी जवाब देते जा रहे हैं। कटरिया के सुनील शर्मा व गोपाल वर्मा के मुताबिक जलस्तर में कमीं का प्रतिकूल प्रभाव फसलों की सिंचाई पर पड़ रहा है।



ऐसे में है एनीमिया का खतरा
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. विजय तिवारी के मुताबिक आयरन व नाइट्रेट की कमीं वाला पानी पीने से शरीर खून की कमीं हो सकती है। शारीरिक वृद्धि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। रक्त की कमीं के चलते बच्चे कुपोषित हो सकते हैं। गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य पर भी प्रभाव पड़ सकता है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. रविप्रकाश मौर्य ने बताया कि नाइट्रेट की कमीं से पौधों की वृद्धि प्रभावित होती है। वृद्धि के लिए जंतु व पौधे वायु मण्डलीय नाइट्रोजन को सीधे न प्राप्त कर, नाइट्रेट के रूप में प्राप्त करते हैं। ऐसे में नाइट्रेट की कमीं के चलते वृद्धि प्रभावित हो सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed