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कटेहरी ब्लॉक में एक करोड़ का गबन, तीन अधिकारी निलंबित
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कटेहरी। स्थानीय विकास खंड में लगभग एक करोड़ रुपये के गबन का मामला पकड़ में आया है। डीएम राकेश कुमार मिश्र ने सख्त कार्रवाई करते हुए न सिर्फ अहिरौली थाने में तीन सहायक विकास अधिकारियों के विरुद्ध केस दर्ज करा दिया। तीनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित भी कर दिया गया।
इसके साथ ही डीएम ने कड़ी चेतावनी दी है कि इस तरह की किसी भी मनमानी या हरकत पर कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जिला प्रशासन के इस सख्त रूख से बुधवार को जिले के प्रशासनिक अमले में हड़कंप का माहौल रहा।
बीते दिनों कुछ व्यक्तियों द्वारा जन सूचना मांगे जाने के बाद कटेहरी विकासखंड में चल रही मनमानी का मामला उछला था। इस बीच डीएम राकेश कुमार मिश्र के समक्ष मंगलवार को मामला पहुंचा तो उन्होंने गोपनीय ढंग से इसकी जांच कराई। इसमें जो तथ्य सामने आए, वह अत्यंत हैरान कर देने वाले थे।
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पाया गया कि 14वें वित्त आयोग के प्रशासनिक मद की लगभग एक करोड़ राशि को मनमाने ढंग से निकाल लिया गया। नियमानुसार संबंधित धनराशि से जुड़े खाते का संचालन सहायक विकास अधिकारी व खंड विकास अधिकारी के संयुक्त हस्ताक्षर से होना था। हालांकि मौजूदा व पूर्व एडीओ पंचायत ने मनमाने ढंऱ्ग से धनराशि का गबन कर लिया। शुरूआती जांच ंमें मौजूदा सहायक विकास अधिकारी बृजेश सिंह तथा पूर्व सहायक विकास अधिकारी अखिलेश कुमार गौड़ व जगदंबा प्रसाद शुक्ल को गबन का दोषी पाया गया। पता चला कि 96 लाख 3 हजार 47 रुपए की निकासी इन तीनों द्वारा अलग अलग तिथियों में की गई है। इसका सदुपयोग भी नहीं हुआ।
डीएम के सख्त निर्देश के बाद मंगलवार देर शाम बीडीओ वीरेंद्र सिंह की तहरीर पर अहिरौली थाने में धोखाधड़ी व भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत तीनों कर्मचारियों के विरुद्ध केस दर्ज कर लिया गया। डीएम ने मंगलवार देर शाम ही शासन को भी पूरे प्रकरण से अवगत करा दिया। इस पर बुधवार को निदेशक पंचायतीराज लखनऊ ने तीनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
अन्य विकास खंडों में भी जांच शुरू
कटेहरी में जो मामला सामने आया है, वह अत्यन्त गंभीर है। बिना किसी देरी के इसमें तत्काल एफआईआर कराते हुए दोषी अधिकारियों का निलंबन सुनिश्चित किया गया। इसके साथ ही जिले के अन्य विकासखंडों में भी प्रशासनिक मद की धनराशि में हुए व्यय की जांच शुरू करा दी गई है। यदि और किसी ब्लाक में भी इस तरह की गड़बड़ी आती है तो ऐसी ही कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी।
- राकेश कुमार मिश्र, डीएम
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इसके साथ ही डीएम ने कड़ी चेतावनी दी है कि इस तरह की किसी भी मनमानी या हरकत पर कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जिला प्रशासन के इस सख्त रूख से बुधवार को जिले के प्रशासनिक अमले में हड़कंप का माहौल रहा।
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बीते दिनों कुछ व्यक्तियों द्वारा जन सूचना मांगे जाने के बाद कटेहरी विकासखंड में चल रही मनमानी का मामला उछला था। इस बीच डीएम राकेश कुमार मिश्र के समक्ष मंगलवार को मामला पहुंचा तो उन्होंने गोपनीय ढंग से इसकी जांच कराई। इसमें जो तथ्य सामने आए, वह अत्यंत हैरान कर देने वाले थे।
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पाया गया कि 14वें वित्त आयोग के प्रशासनिक मद की लगभग एक करोड़ राशि को मनमाने ढंग से निकाल लिया गया। नियमानुसार संबंधित धनराशि से जुड़े खाते का संचालन सहायक विकास अधिकारी व खंड विकास अधिकारी के संयुक्त हस्ताक्षर से होना था। हालांकि मौजूदा व पूर्व एडीओ पंचायत ने मनमाने ढंऱ्ग से धनराशि का गबन कर लिया। शुरूआती जांच ंमें मौजूदा सहायक विकास अधिकारी बृजेश सिंह तथा पूर्व सहायक विकास अधिकारी अखिलेश कुमार गौड़ व जगदंबा प्रसाद शुक्ल को गबन का दोषी पाया गया। पता चला कि 96 लाख 3 हजार 47 रुपए की निकासी इन तीनों द्वारा अलग अलग तिथियों में की गई है। इसका सदुपयोग भी नहीं हुआ।
डीएम के सख्त निर्देश के बाद मंगलवार देर शाम बीडीओ वीरेंद्र सिंह की तहरीर पर अहिरौली थाने में धोखाधड़ी व भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत तीनों कर्मचारियों के विरुद्ध केस दर्ज कर लिया गया। डीएम ने मंगलवार देर शाम ही शासन को भी पूरे प्रकरण से अवगत करा दिया। इस पर बुधवार को निदेशक पंचायतीराज लखनऊ ने तीनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
अन्य विकास खंडों में भी जांच शुरू
कटेहरी में जो मामला सामने आया है, वह अत्यन्त गंभीर है। बिना किसी देरी के इसमें तत्काल एफआईआर कराते हुए दोषी अधिकारियों का निलंबन सुनिश्चित किया गया। इसके साथ ही जिले के अन्य विकासखंडों में भी प्रशासनिक मद की धनराशि में हुए व्यय की जांच शुरू करा दी गई है। यदि और किसी ब्लाक में भी इस तरह की गड़बड़ी आती है तो ऐसी ही कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी।
- राकेश कुमार मिश्र, डीएम