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Ambedkar Nagar News: चार माह से मानदेय का इंतजार कर रहे रसोइया
Sat, 17 Aug 2024 11:18 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Sat, 17 Aug 2024 11:18 PM IST
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कंपोजिट स्कूल जामऊपुर में काम करतीं रसोइया।
अंबेडकरनगर। जिले के 2042 विद्यालयों में मिड-डे मील (एमडीएम) के तहत भोजन बनाने वाले 4,894 रसोइया मजदूरों को बीते चार माह से मानदेय भुगतान न मिलने से आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। रक्षाबंधन पर्व से पहले भुगतान हो जाने की उम्मीदों को भी झटका लगा है।
एमडीएम के तहत जिले के 2,042 विद्यालयों में दोपहर का भोजन बनाने की जिम्मेदारी 4,894 रसोइया मजदूरों पर है। इन्हें चार माह से अधिक का समय बीत जाने के बाद अब त्योहारों के माह में भी मानदेय का भुगतान नहीं हो सका है। फरवरी माह में धनाभाव के चलते कुछ ब्लॉकों के रसोइया मजदूरों को ही भुगतान हो सका था। तब से अब तक राशि न आने के कारण मार्च, अपैल, जुलाई व अगस्त माह का भुगतान नहीं हो पाया है। ऐसे में अब रसोइया मजदूरों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। जुलाई माह में बच्चों के प्रवेश व अगस्त में कई पर्व एक साथ होने के चलते आर्थिक दिक्कतें हो रही हैं। रसोइया मजदूर संगठन ने कई बार इस बारे में अधिकारियों को पत्र भी दिया है।
समय पर हो भुगतान तो मिले राहत
बजदहिया पाईपुर निवासी रसोइया मजदूर कविता ने बताया कि जुलाई माह में स्कूल खुलने पर उम्मीद थी कि मानदेय भुगतान हो जाएगा, लेकिन ऐसा न होने के कारण दूसरे से उधार लेना पड़ा है। खसरोपुर के सुरेश ने बताया कि आठ घंटे की कड़ी ड्यूटी के बाद भी हम लोगों को मात्र दो हजार का ही मानदेय मिलता है। वह भी समय से भुगतान न होने के कारण परिवार का खर्च चलाने में काफी परेशानी होती है। अगर समय पर भुगतान होता तो कुछ राहत मिल जाती।
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बजट मिलते ही होगा भुगतान
रसोइया मजदूरों के मानदेय के लिए पत्र लिखा गया है। बजट मिलते ही मानदेय का भुगतान किया जाएगा। स्थानीय स्तर से कोई भी भुगतान लंबित नहीं है। -सत्य प्रकाश मौर्य, एमडीएम प्रभारी
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एमडीएम के तहत जिले के 2,042 विद्यालयों में दोपहर का भोजन बनाने की जिम्मेदारी 4,894 रसोइया मजदूरों पर है। इन्हें चार माह से अधिक का समय बीत जाने के बाद अब त्योहारों के माह में भी मानदेय का भुगतान नहीं हो सका है। फरवरी माह में धनाभाव के चलते कुछ ब्लॉकों के रसोइया मजदूरों को ही भुगतान हो सका था। तब से अब तक राशि न आने के कारण मार्च, अपैल, जुलाई व अगस्त माह का भुगतान नहीं हो पाया है। ऐसे में अब रसोइया मजदूरों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। जुलाई माह में बच्चों के प्रवेश व अगस्त में कई पर्व एक साथ होने के चलते आर्थिक दिक्कतें हो रही हैं। रसोइया मजदूर संगठन ने कई बार इस बारे में अधिकारियों को पत्र भी दिया है।
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समय पर हो भुगतान तो मिले राहत
बजदहिया पाईपुर निवासी रसोइया मजदूर कविता ने बताया कि जुलाई माह में स्कूल खुलने पर उम्मीद थी कि मानदेय भुगतान हो जाएगा, लेकिन ऐसा न होने के कारण दूसरे से उधार लेना पड़ा है। खसरोपुर के सुरेश ने बताया कि आठ घंटे की कड़ी ड्यूटी के बाद भी हम लोगों को मात्र दो हजार का ही मानदेय मिलता है। वह भी समय से भुगतान न होने के कारण परिवार का खर्च चलाने में काफी परेशानी होती है। अगर समय पर भुगतान होता तो कुछ राहत मिल जाती।
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बजट मिलते ही होगा भुगतान
रसोइया मजदूरों के मानदेय के लिए पत्र लिखा गया है। बजट मिलते ही मानदेय का भुगतान किया जाएगा। स्थानीय स्तर से कोई भी भुगतान लंबित नहीं है। -सत्य प्रकाश मौर्य, एमडीएम प्रभारी