{"_id":"6298fc20ae2cf5033703e78d","slug":"consumer-upset-due-to-undeclared-power-cut-ambedkar-nagar-news-lko633448940","type":"story","status":"publish","title_hn":"अघोषित बिजली कटौती से उपभोक्ता परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अघोषित बिजली कटौती से उपभोक्ता परेशान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जहांगीरगंज (अंबेडकरनगर)। गर्मी बढ़ने के साथ ही तेंदुआईकला व रामनगर विद्युत उपकेंद्र से हो रही बिजली आपूर्ति चरमरा गई है। सरकार भले ही दावा कर रही हो कि गांवों में 18 घंटे बिजली सप्लाई दी जा रही है, लेकिन यहां दोनों विद्युत उपकेंद्र से जुड़े उपभोक्ताओं को 10 से 12 घंटे बिजली मिल पाना मुश्किल हो रहा है। अघोषित बिजली कटौती से उपभोक्ता परेशान हैं।
रामनगर व तेंदुआईकला विद्युत उपकेंद्र से जुड़े उपभोक्ता अघोषित बिजली कटौती व बार-बार ट्रिपिंग की समस्या से परेशान हैं। स्थानीय विनोद पांडेय, सूरज कुमार व रमाकांत आदि के मुताबिक पिछले काफी दिनों से विद्युत व्यवस्था बदहाल है। सरकार की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे का विद्युत रोस्टर निर्धारित है। परंतु उपभोक्ताओं को मौजूदा समय में 10 से 12 घंटे की बिजली मिल पाना भी मुहाल हो गया है।
आपूर्ति जब बहाल होती है, तो उसमें बार-बार की ट्रिपिंग होती रहती है। इससे विद्युत उपकरणों के खराब होने का खतरा भी बढ़ गया है। लोगों ने बदहाल विद्युत व्यवस्था को दुरुस्त कराने की मांग की है। उधर, अवर अभियंता प्रवेश निषाद का कहना है कि जितनी बिजली मिलती है, उतनी सप्लाई दी जाती है। कहीं पर कोई गड़बड़ी आने पर ही बिजली आपूर्ति बाधित होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
रामनगर व तेंदुआईकला विद्युत उपकेंद्र से जुड़े उपभोक्ता अघोषित बिजली कटौती व बार-बार ट्रिपिंग की समस्या से परेशान हैं। स्थानीय विनोद पांडेय, सूरज कुमार व रमाकांत आदि के मुताबिक पिछले काफी दिनों से विद्युत व्यवस्था बदहाल है। सरकार की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे का विद्युत रोस्टर निर्धारित है। परंतु उपभोक्ताओं को मौजूदा समय में 10 से 12 घंटे की बिजली मिल पाना भी मुहाल हो गया है।
विज्ञापन
आपूर्ति जब बहाल होती है, तो उसमें बार-बार की ट्रिपिंग होती रहती है। इससे विद्युत उपकरणों के खराब होने का खतरा भी बढ़ गया है। लोगों ने बदहाल विद्युत व्यवस्था को दुरुस्त कराने की मांग की है। उधर, अवर अभियंता प्रवेश निषाद का कहना है कि जितनी बिजली मिलती है, उतनी सप्लाई दी जाती है। कहीं पर कोई गड़बड़ी आने पर ही बिजली आपूर्ति बाधित होती है।
विज्ञापन