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एक अरब से 429 ग्राम पंचायतों को मिलेगी मिनी सचिवालय की सौगात
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अंबेडकरनगर। पंचायत भवन से वंचित ग्राम पंचायतवासियों के लिए खुशखबरी है। जिले के 429 ग्राम पंचायतों में जल्द ही करीब 1 अरब की लागत से पंचायत भवन का निर्माण होगा।
केन्द्र सरकार व राज्य वित्त की तरफ से इन मिनी सचिवालय भवनों का निर्माण होना है। लगभग 23 लाख रुपए प्रत्येक पंचायत भवन पर खर्च होगा। इसके लिए सरकार ने प्रथम किस्त के रूप में करीब 19 करोड़ रुपये की धनराशि मुहैया करा दी है। पंचायतीराज विभाग ने संबंधित ग्राम पंचायतों में भूमि चिन्हांकन का कार्य कर लिया है। जल्द ही ग्राम पंचायतों में इसका निर्माण भी शुरु हो जाएगा। इससे पंचायतवासियों को कई सहूलियतों का लाभ मिलेगा।
बताते चलें कि शासन की मंशा है कि पंचायत वासियों को लेखपाल व ग्राम पंचायत अधिकारी स्तर के कार्यों के लिए तहसील व ब्लाक का चक्कर न लगाना पड़े। इसके लिए ही शासन द्वारा ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन का निर्माण कराया जा रहा है।
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शासन के निर्देश के मुताबिक संबंधित पंचायत भवन पर ग्राम पंचायत सचिव व लेखपाल अनिवार्य रूप से मौजूद रहेंगे। जिससे ग्रामीण इनसे जुड़ी अपनी समस्याओं का समाधान आसानी से करा सकें। इसके अलावा ग्राम पंचायत में विकास कार्यों को लेकर होने वाली खुली बैठकों व अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों का आयोजन भी इस भवन पर हो सके।
जिले में कुल 927 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें से 429 ग्राम पंचायतों को अब तक पंचायत भवन का लाभ नहीं मिल सका है। ऐसे में शासन ने जिले में छूटे सभी ग्राम पंचायतों में एक साथ पंचायत भवन बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए करीब 1 अरब रुपए का खर्च आएगा। शासन के निर्देश पर पिछले दिनों पंचायतीराज विभाग ने इसके लिए रिपोर्ट भेजी थी। इसमें प्रत्येक पंचायत भवन पर 23 से 25 लाख रुपये का खर्च बताया था।
पंचायतीराज विभाग की रिपोर्ट मिलने के बाद शासन ने इस कार्य को हरी झंडी दे दी है। पंचायत भवनों के निर्माण के लिए केंद्र सरकार के 15 वें वित्त एवं राज्य वित्त के तहत पूरी धनराशि मुहैया होगी। शासन ने प्रथम किस्त के रूप में जिले को 18 करोड़ 91 लाख रुपये की धनराशि मुहैया करा दी है। विभाग के एक कर्मचारी ने बताया कि पंचायत भवनों के निर्माण से जुड़ी अधिकांश तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।
ग्राम पंचायतों में भूमि चिन्हांकन व पैमाइश आदि का कार्य पूरा हो चुका है। ग्राम पंचायतों को इसके लिए आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए जा चुके हैं। आत्मनिर्भर अभियान के तहत पंचायत भवनों के निर्माण में 50 प्रतिशत मनरेगा मजदूरों से काम लेने का भी निर्देश दिया गया है।
ग्रामीणों ने जतायी खुशी
ग्राम पंचायत में सचिवालय भवन निर्माण होने से काफी सहूलियत मिलेगी। बनगांव ग्राम पंचायत के अनिल सिंह, राजीव सिंह, गुड्डू सिंह, गौतम व वंशराज आदि का कहना है कि पंचायत भवन बन जाने से काफी अच्छा होगा। लेखपाल व ग्राम सचिव को खोजने की झंझट से निजात मिलेगी। सीहमई मोलनापुर के जगदीश प्रसाद, डल्ला निजामपुर के ओमप्रकाश शुक्ल, अखईपुर के ईश्वरचंद्र, दरगाह शाह रमजान के रहमतुल्ला व पलई कल्यानपुर के आरपी सिंह व सुलेमपुर के राम प्रकाश द्विवेदी आदि ने ग्राम पंचायत में पंचायत भवन बनने पर खुशी का इजहार किया है। कहा कि इससे आसानी से कई समस्याओं का समाधान होगा।
जल्द शुरू होगा भवनों का निर्माण
जिले की 429 ग्राम पंचायतों में भवनों के निर्माण की प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है। करीब 19 करोड़ रुपए की धनराशि प्रथम किस्त के रूप में मुहैया हो चुकी है। ग्राम पंचायतों के खातों में धनराशि स्थानांतरण का कार्य जारी है। ग्राम पंचायतों को जल्द निर्माण शुरु करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
- संजीत पटेल, जिला परियोजना प्रबंधक पंचायतीराज
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केन्द्र सरकार व राज्य वित्त की तरफ से इन मिनी सचिवालय भवनों का निर्माण होना है। लगभग 23 लाख रुपए प्रत्येक पंचायत भवन पर खर्च होगा। इसके लिए सरकार ने प्रथम किस्त के रूप में करीब 19 करोड़ रुपये की धनराशि मुहैया करा दी है। पंचायतीराज विभाग ने संबंधित ग्राम पंचायतों में भूमि चिन्हांकन का कार्य कर लिया है। जल्द ही ग्राम पंचायतों में इसका निर्माण भी शुरु हो जाएगा। इससे पंचायतवासियों को कई सहूलियतों का लाभ मिलेगा।
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बताते चलें कि शासन की मंशा है कि पंचायत वासियों को लेखपाल व ग्राम पंचायत अधिकारी स्तर के कार्यों के लिए तहसील व ब्लाक का चक्कर न लगाना पड़े। इसके लिए ही शासन द्वारा ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन का निर्माण कराया जा रहा है।
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शासन के निर्देश के मुताबिक संबंधित पंचायत भवन पर ग्राम पंचायत सचिव व लेखपाल अनिवार्य रूप से मौजूद रहेंगे। जिससे ग्रामीण इनसे जुड़ी अपनी समस्याओं का समाधान आसानी से करा सकें। इसके अलावा ग्राम पंचायत में विकास कार्यों को लेकर होने वाली खुली बैठकों व अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों का आयोजन भी इस भवन पर हो सके।
जिले में कुल 927 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें से 429 ग्राम पंचायतों को अब तक पंचायत भवन का लाभ नहीं मिल सका है। ऐसे में शासन ने जिले में छूटे सभी ग्राम पंचायतों में एक साथ पंचायत भवन बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए करीब 1 अरब रुपए का खर्च आएगा। शासन के निर्देश पर पिछले दिनों पंचायतीराज विभाग ने इसके लिए रिपोर्ट भेजी थी। इसमें प्रत्येक पंचायत भवन पर 23 से 25 लाख रुपये का खर्च बताया था।
पंचायतीराज विभाग की रिपोर्ट मिलने के बाद शासन ने इस कार्य को हरी झंडी दे दी है। पंचायत भवनों के निर्माण के लिए केंद्र सरकार के 15 वें वित्त एवं राज्य वित्त के तहत पूरी धनराशि मुहैया होगी। शासन ने प्रथम किस्त के रूप में जिले को 18 करोड़ 91 लाख रुपये की धनराशि मुहैया करा दी है। विभाग के एक कर्मचारी ने बताया कि पंचायत भवनों के निर्माण से जुड़ी अधिकांश तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।
ग्राम पंचायतों में भूमि चिन्हांकन व पैमाइश आदि का कार्य पूरा हो चुका है। ग्राम पंचायतों को इसके लिए आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए जा चुके हैं। आत्मनिर्भर अभियान के तहत पंचायत भवनों के निर्माण में 50 प्रतिशत मनरेगा मजदूरों से काम लेने का भी निर्देश दिया गया है।
ग्रामीणों ने जतायी खुशी
ग्राम पंचायत में सचिवालय भवन निर्माण होने से काफी सहूलियत मिलेगी। बनगांव ग्राम पंचायत के अनिल सिंह, राजीव सिंह, गुड्डू सिंह, गौतम व वंशराज आदि का कहना है कि पंचायत भवन बन जाने से काफी अच्छा होगा। लेखपाल व ग्राम सचिव को खोजने की झंझट से निजात मिलेगी। सीहमई मोलनापुर के जगदीश प्रसाद, डल्ला निजामपुर के ओमप्रकाश शुक्ल, अखईपुर के ईश्वरचंद्र, दरगाह शाह रमजान के रहमतुल्ला व पलई कल्यानपुर के आरपी सिंह व सुलेमपुर के राम प्रकाश द्विवेदी आदि ने ग्राम पंचायत में पंचायत भवन बनने पर खुशी का इजहार किया है। कहा कि इससे आसानी से कई समस्याओं का समाधान होगा।
जल्द शुरू होगा भवनों का निर्माण
जिले की 429 ग्राम पंचायतों में भवनों के निर्माण की प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है। करीब 19 करोड़ रुपए की धनराशि प्रथम किस्त के रूप में मुहैया हो चुकी है। ग्राम पंचायतों के खातों में धनराशि स्थानांतरण का कार्य जारी है। ग्राम पंचायतों को जल्द निर्माण शुरु करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
- संजीत पटेल, जिला परियोजना प्रबंधक पंचायतीराज